मुख्यमंत्री मोहन यादव ने की राज्यपाल से मुलाकात, UCC- अल्पवर्षा और विकासकार्यों समेत इन विषयों पर की चर्चा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्यपाल मंगुभाई पटेल से आज, मंगलवार को लोकभवन में सौजन्य भेंट की। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने पुष्प-गुच्छ भेंट कर राज्यपाल पटेल का अभिवादन किया। साथ ही समान नागरिक संहिता, हर घर तिरंगा अभियान एवं आगामी स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रमों और विकासात्मक कार्यों के निर्णयों से अवगत कराया।
इसकी जानकारी खुद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के माध्यम से दी। इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी भी मौजूद थे। राज्यपाल से मुलाकात के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कि विधानसभा में पारित किए गए समान नागरिक संहिता विधेयक की प्रत्यक्ष रूप से जानकारी दी गई। राज्य में चलाए जा रहे तिरंगा अभियान के साथ ही विकास परक योजनाओं से भी राज्यपाल को अवगत कराया गया।
उन्होंने बताया कि राज्य की वर्षा की स्थिति और अलनीनो की वजह से 15 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। सरकार बारिश की स्थिति और इससे जुड़े सभी पहलुओं पर लगातार नजर बनाए हुए है। साथ ही राज्य में चल रहे भर्ती और कर्मचारियों की पदोन्नति की उपलब्धि के बारें में भी राज्यपाल को अवगत कराया । नई भर्तियां खासकर सभी विभागों में करना यह सरकार का बड़ा निर्णय है। हम सभी प्रदेशों के साथ कदम से कदम मिलाकर के चलना है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ सब लोग कल्याणकारी कार्यों में जुटे हुए हैं।
मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि राज्यपाल ने विधानसभा में समान नागरिक संहिता विधेयक सहित अन्य विधेयकों के पारित किए जाने पर प्रसन्नता जाहिर की है और आने वाले स्वतंत्रता दिवस की मौके पर होने वाले कार्यक्रमों की भी जानकारी दी। मेट्रोपॉलिटन सिटी के विकास और अन्य प्रस्तावों पर चर्चा की गई।
राहुल गांधी पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री डॉ मोहन ने मीडिया से चर्चा के दौरान राहुल गांधी पर भी निशाते हुए कहा कि कांग्रेस नेताओं से कहना चाहूंगा कि जिस प्रकार से लगातार बयानबाज़ी आती है। इससे नेता प्रतिपक्ष का कद कम होता है और संसद की कार्यवाही भी बाधित होती है, इसलिए राहुल गांधी अपने पद की गरिमा का ध्यान रखें। विपक्ष के नेता देश के लोकतंत्र में एक महत्वपूर्ण पद पर होते हैं। राहुल गांधी जी इससे कुछ सीख लेंगे, ऐसे उम्मीद करुंगा।
नीमच मंडी में ट्रॉली तुलाई व्यवस्था के खिलाफ हम्मालों का हंगामा, काम बंद कर पहुंचे कलेक्ट्रेट, रखीं ये प्रमुख मांगें
नीमच की स्थानीय कृषि उपज मंडी में मंगलवार को उस समय अचानक अफरा-तफरी मच गई जब मंडी प्रशासन द्वारा शुरू की गई ट्रॉली तुलाई की नई व्यवस्था के खिलाफ हम्मालों ने मोर्चा खोल दिया। इस नई व्यवस्था से नाराज सैकड़ों मजदूरों ने नीलामी के बीच में ही काम बंद कर दिया, जिससे पूरी मंडी में तुलाई और खरीदी की प्रक्रिया ठप हो गई। यह पूरा विवाद केवल तौलने के तरीके में बदलाव का नहीं है, बल्कि मंडी में काम करने वाले 1099 लाइसेंसधारी परिवारों के पेट पर लात पड़ने की आशंका से जुड़ा हुआ है। हम्मालों का साफ तौर पर कहना है कि सीधे ट्रॉली में ही उपज की तुलाई को अनिवार्य किए जाने से उनके पारंपरिक काम में बड़ी कटौती होगी, जिससे उनकी आजीविका पूरी तरह से प्रभावित हो जाएगी।
विवाद की गहराती जड़ें और मजदूरों का गुस्सा इस बात से समझा जा सकता है कि मंडी में लंबे समय से माल उतारने, तोलने और फिर उसे बोरे में भरने का काम हम्माल ही करते आ रहे हैं। इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद उनका काम काफी कम हो जाएगा। मजदूरों का आरोप है कि इस निर्णय से उनके रोजगार पर सीधा संकट खड़ा हो गया है। काम बंद करने के बाद सभी हम्माल एकजुट होकर नारेबाजी करते हुए मंडी परिसर से सीधे जिला कलेक्टर कार्यालय की तरफ रवाना हुए। वहां पहुंचकर उन्होंने अपनी मांगों के संबंध में अनुविभागीय अधिकारी यानी एसडीएम पराग जैन को एक ज्ञापन सौंपा और अपनी आपबीती सुनाई।
नई तुलाई व्यवस्था के खिलाफ हम्माल संघ ने प्रशासन को सौंपा मांगपत्र
प्रदर्शनकारी मजदूरों ने प्रशासन के सामने अपना पक्ष रखते हुए स्पष्ट किया कि वे किसानों के हितों या मंडी में होने वाले किसी भी तकनीकी सुधार अथवा आधुनिकीकरण के विरोध में नहीं हैं। लेकिन वे ऐसी किसी भी नई व्यवस्था को कतई स्वीकार नहीं करेंगे जिसकी कीमत उन्हें अपने रोजगार और बच्चों के भविष्य को दांव पर लगाकर चुकानी पड़े। हम्माल संघ ने अपनी मांगों को लेकर एक सूची भी प्रशासन को सौंपी है।
हम्माल संघ की प्रमुख मांगें
हम्माल संघ की प्रमुख मांगों में यह बात शामिल है कि ट्रॉली में तुलाई की व्यवस्था को अनिवार्य न किया जाए, बल्कि इसे पूरी तरह से किसानों की इच्छा और विकल्प पर छोड़ दिया जाए। यदि किसान जमीन पर तुलाई कराना चाहता है तो उसे उसकी अनुमति होनी चाहिए। इसके साथ ही संघ ने मांग की है कि मंडी प्रशासन भविष्य में कोई भी नया नियम या व्यवस्था लागू करने से पहले श्रमिक संगठनों और हम्माल संघ के प्रतिनिधियों से आवश्यक रूप से चर्चा करे। रोजगार सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रभावित होने वाले हम्मालों और तुलावटी मजदूरों के लिए एक ठोस और सुरक्षित नीति बनाई जाए। इसके अलावा, हम्मालों को भी आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए इलेक्ट्रॉनिक कांटों के लाइसेंस दिए जाएं और उन्हें आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के लिए लोन तथा अन्य वित्तीय सहायता की व्यवस्था की जाए।
कलेक्टर कार्यालय में हम्मालों की समस्याओं को सुनने के बाद एसडीएम पराग जैन ने मामले को शांत कराने की कोशिश की। उन्होंने प्रदर्शनकारी मजदूरों को गंभीरता से सुना और उन्हें आश्वस्त किया कि प्रशासन उनकी सभी जायज मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसी भी मजदूर के रोजगार का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा और उनकी आजीविका की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। प्रशासन की ओर से मिले इस ठोस और सकारात्मक आश्वासन के बाद हम्मालों का गुस्सा शांत हुआ और उन्होंने अपना आंदोलन वापस ले लिया। इसके बाद सभी मजदूर वापस कृषि उपज मंडी पहुंचे और दोपहर बाद मंडी में रुकी हुई नीलामी और तुलाई का काम एक बार फिर सुचारू रूप से शुरू हो सका। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर मंडी प्रशासन और मजदूरों के बीच समन्वय की कमी को उजागर किया है।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Mp Breaking News









.jpg)

