15 मई को CBSE बोर्ड 10वीं दूसरी परीक्षा, एडमिट कार्ड जारी, विद्यार्थी रखें इन बातों का ख्याल
जो भी उम्मीदवार सीबीएसई कक्षा दसवीं की दूसरी परीक्षा (CBSE Board Exam 2026) में शामिल होने वाले हैं, उनके लिए बड़ी अपडेट सामने आई है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने प्रवेश पत्र जारी कर दिए हैं। इस बात की जानकारी 5 मई को बोर्ड ने एक नोटिस के जरिए दी है। स्कूल छात्रों के लिए प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकते हैं। इसके अलावा रिपोर्टिंग टाइम से लेकर ड्रेस कोड और अन्य जरूरी गाइडलाइंस भी जारी की गई है।
रेगुलर स्टूडेंट अपने संबंधित स्कूलों से प्रवेश पत्र प्राप्त कर सकते हैं। वहीं प्राइवेट उम्मीदवार ऑनलाइन आधिकारिक वेबसाइट https://www.cbse.gov.in/ पर जाकर एडमिट कार्ड डाउनलोड कर पाएंगे। परीक्षा 15 मई से शुरू होने वाली है। जिसका समापन 21 मई को होगा। एग्जाम सुबह 10:30 बजे से लेकर दोपहर 1:30 बजे तक चलेगा। विषयवार डेटशीट जारी हो चुकी है।
प्राइवेट स्टूडेंट्स ऐसे डाउनलोड करें एडमिट कार्ड
- सबसे पहले सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
- होम पेज पर परीक्षा संगम के पोर्टल पर लिंक करें।
- इसके बाद स्कूल (गंगा) के ऑप्शन पर चुने।
- एग्जाम एक्टिविटी के सेक्शन में जाकर कक्षा दसवीं दूसरी बोर्ड परीक्षा एडमिट कार्ड के लिंक पर क्लिक करें।
- स्क्रीन पर नया पेज खुलेगा। यहां यूजर आईडी आईडी/एफिलेशन नंबर, पासवर्ड और सिक्योरिटी पिन दर्ज करके लॉगिन करें।
- अब एडमिट कार्ड नजर आएगा। इसे अच्छे से चेक करें और डाउनलोड करें।
- भविष्य के संदर्भ में उम्मीदवार इसका प्रिंट आउट निकाल कर अपने पास जरूर रख लें।
इन दिशानिर्देशों का पालन जरूर करें
- छात्रों को परीक्षा शुरू होने से 30 मिनट पहले ही यानि सुबह 10 बजे एग्जामिनेशन हॉल में प्रवेश करना होगा। इसके बाद गेट बंद कर दिए जाएंगे। इसीलिए उम्मीदवारों को मौसम, ट्रैफिक, इत्यादि का ख्याल रखते हुए सही समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचने की सलाह दी जाती है।
- छात्रों को परीक्षा केंद्रों पर यूनिफॉर्म, स्कूल आइडेंटी कार्ड और सीबीएसई द्वारा जारी एडमिट कार्ड के साथ उपस्थित होने की सलाह दी गई है।
- केवल चुनिंदा स्टेशनरी आइटम को एग्जामिनेशन हॉल में ले जाने की अनुमति होगी। मोबाइल फोन समेत अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस पर सख्त प्रतिबंध होगा।
- सीबीएसई ने उम्मीदवारों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फॉर सोशल मीडिया जैसे कि व्हाट्सएप, टेलीग्राम, फेसबुक इत्यादि पर फैल रहे परीक्षा से संबंधित किसी प्रकार की अफवाह से बचने की सलाह दी है। अपडेट के लिए केवल आधिकारिक स्रोतों का विश्वास करें।
मुख्यमंत्री धामी ने ‘हिमाद्रि आइस रिंक’ की प्रथम वर्षगांठ कार्यक्रम में की शिरकत, ‘पे व प्ले’ पोर्टल और नई जर्सी का किया विमोचन
उत्तराखंड में खेल सुविधाओं को नई ऊंचाइयां देते हुए, महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में स्थित अंतरराष्ट्रीय स्तर के हिमाद्रि आइस रिंक के जीर्णोद्धार की प्रथम वर्षगांठ का कार्यक्रम उत्साह के साथ मनाया गया, जिसमें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत की। मुख्यमंत्री धामी ने इस अवसर पर उपस्थित खिलाड़ियों, खेल प्रेमियों एवं सभी अतिथियों का हार्दिक स्वागत करते हुए आइस रिंक की पहली वर्षगांठ की शुभकामनाएं दीं, साथ ही उन्होंने उत्तराखंड हॉकी आइस टीम की नई जर्सी और ‘पे व प्ले’ पोर्टल का भी विमोचन किया।
इस अवसर पर अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की एकमात्र अंतरराष्ट्रीय स्तर की आइस रिंक “हिमाद्रि” केवल उत्तराखंड के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है, जो यहां के खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। उन्होंने विस्तार से बताया कि वर्ष 2011 में स्थापित इस अत्याधुनिक आइस रिंक में सर्वप्रथम साउथ एशियन विंटर गेम्स का सफल आयोजन किया गया था, लेकिन बाद के वर्षों में विभिन्न कारणों से इसका सुचारु संचालन एवं रखरखाव नहीं हो पाने के कारण इसे दुर्भाग्यवश बंद करना पड़ा था।
8.5 करोड़ की लागत से हुआ जीर्णोद्धार
मुख्यमंत्री ने दृढ़ता से कहा कि आइस रिंक की बदहाल स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने इसे पुनः संचालित करने का संकल्प लिया, जिसके परिणामस्वरूप लगभग साढ़े आठ करोड़ रुपये की लागत से पिछले वर्ष इसी दिन इसका जीर्णोद्धार किया गया और इसे एक बार फिर खिलाड़ियों तथा खेल प्रेमियों को समर्पित कर दिया गया। इसके संचालन को और अधिक पर्यावरण-अनुकूल बनाने के लिए एक मेगावाट क्षमता का सोलर पावर प्लांट भी स्थापित किया गया है, जिससे हरित ऊर्जा को भी बढ़ावा मिल रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि सरकार के सामूहिक और अथक प्रयासों के परिणामस्वरूप आज यह आइस रिंक एक बार फिर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतियोगिताओं के आयोजन का प्रमुख केंद्र बन रही है। बीते एक वर्ष के दौरान यहां नेशनल आइस स्केटिंग चैंपियनशिप, एशियन ट्रॉफी, राष्ट्रीय आइस हॉकी लीग तथा महिला एवं बालक वर्ग की राष्ट्रीय टीमों के प्रशिक्षण शिविरों का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया है, साथ ही वर्तमान में विभिन्न राज्यों के खिलाड़ी यहां स्केटिंग एवं आइस हॉकी का उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने गर्व के साथ बताया कि भारतीय आइस हॉकी टीम का प्रशिक्षण शिविर भी इसी हिमाद्रि आइस रिंक में आयोजित किया गया था, जिसे प्रदेश के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा सकता है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि पिछले वर्ष अगस्त माह में भारत ने पहली बार “एशियन ओपन शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग ट्रॉफी” की सफल मेजबानी की, जिसमें एशिया के 11 देशों के 200 से अधिक खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया था, और उन्हें भी उस ऐतिहासिक आयोजन का साक्षी बनने का अवसर प्राप्त हुआ था।
8 शहरों में 23 खेल अकादमियां खोलने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी मार्गदर्शन में राज्य सरकार उत्तराखंड में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने और यहां के प्रतिभावान खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विश्वस्तरीय खेल अवसंरचना विकसित करने के लिए लगातार प्रयासरत है, इसी दिशा में शीघ्र ही राज्य के आठ प्रमुख शहरों में 23 खेल अकादमियों की स्थापना के लिए एक महत्वाकांक्षी ‘स्पोर्ट्स लेगेसी प्लान’ लागू किया जाएगा, जिसके अंतर्गत प्रति वर्ष 920 विश्वस्तरीय एथलीटों और 1000 अन्य खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
उन्होंने यह भी बताया कि हल्द्वानी में उत्तराखंड के पहले खेल विश्वविद्यालय और लोहाघाट में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज की स्थापना के लिए भी तेजी से कार्य किया जा रहा है। राज्य में खेलों के समग्र विकास और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एक नई खेल नीति भी लागू की गई है, जिसके अंतर्गत राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक विजेताओं को सरकारी नौकरी की सुविधा प्रदान की जा रही है, जो खिलाड़ियों के भविष्य को सुरक्षित करने में सहायक सिद्ध होगी। मुख्यमंत्री ने खेल मंत्री श्रीमती रेखा आर्य से यह सुनिश्चित करने को भी कहा कि खिलाड़ियों से संबंधित योजनाओं और प्रक्रियाओं में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी न हो, ताकि उन्हें समय पर लाभ मिल सके।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के अंत में कहा कि आवासीय स्पोर्ट्स कॉलेजों में अध्ययनरत खिलाड़ियों को निःशुल्क प्रशिक्षण के साथ खेल छात्रवृत्ति जैसी महत्वपूर्ण सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। इसके अतिरिक्त, ‘मुख्यमंत्री खेल विकास निधि’, ‘मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना’, ‘मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी योजना’ तथा ‘खेल किट योजना’ जैसी विभिन्न योजनाओं के माध्यम से प्रदेश के प्रतिभावान खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने और उन्हें अपने सपनों को पूरा करने में सहायता प्रदान करने का कार्य निरंतर किया जा रहा है।
भारत की एकमात्र अंतर्राष्ट्रीय स्तर की आइस रिंक हिमाद्री केवल उत्तराखंड ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए गौरव का विषय है, जो खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। बीते एक वर्ष के दौरान यहां नेशनल आइस स्केटिंग चैंपियनशिप, एशियन ट्रॉफी, राष्ट्रीय आइस हॉकी लीग तथा महिला… pic.twitter.com/I1xdbdqGQ1
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) May 5, 2026
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