पंजाब के CM भगवंत सिंह मान ने राष्ट्रपति से की मुलाकात, राज्यसभा सदस्यों की सदस्यता रद्द करने की मांग की
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने दल-बदल के मुद्दे को लेकर बड़ा कदम उठाया है. वे अपने विधायकों के साथ आज (5 मई) दिल्ली पहुंचे और राष्ट्रपति से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने एक ज्ञापन सौंपकर राज्यसभा के उन सांसदों की सदस्यता रद्द करने की मांग की, जिन पर दल-बदल का आरोप है. मुख्यमंत्री मान ने कहा कि जिन सांसदों ने पार्टी बदल ली है, उन्होंने लोकतंत्र के साथ गलत किया है. उन्होंने इन नेताओं को “चुने हुए नहीं, बल्कि चुने गए (सेलेक्टेड)” बताया. उनका कहना है कि इन सांसदों को पहले इस्तीफा देना चाहिए था और फिर नई पार्टी में जाना चाहिए था.
सीएम मान ने क्या कहा?
सीएम मान ने कहा कि भाजपा के पास पंजाब में केवल दो विधायक हैं, लेकिन उसके सात राज्यसभा सदस्य हैं, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सवाल उठाता है. उन्होंने कहा कि यह स्थिति जनता के जनादेश के खिलाफ है और इससे लोकतंत्र कमजोर होता है.
ਮਾਣਯੋਗ ਰਾਸ਼ਟਰਪਤੀ ਜੀ ਨਾਲ ਅਹਿਮ ਮੁਲਾਕਾਤ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਮੀਡੀਆ ਦੇ ਸਾਥੀਆਂ ਨਾਲ ਗੱਲਬਾਤ, ਦਿੱਲੀ ਤੋਂ LIVE
— Bhagwant Mann (@BhagwantMann) May 5, 2026
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माननीय राष्ट्रपति जी के साथ महत्वपूर्ण मुलाकात के बाद मीडिया के साथ बातचीत, दिल्ली से LIVE https://t.co/8tInZX0eZf
सोशल मीडिया पर भी जताई नाराजगी
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) पर भी अपनी बात रखी. उन्होंने लिखा कि देश में लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश हो रही है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसियों का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है.
संविधान में बदलाव की मांग
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि संविधान में बदलाव होना चाहिए, ताकि जनता अपने चुने हुए प्रतिनिधियों को वापस बुला सके. उन्होंने इस मामले में राघव चड्ढा की मांग का समर्थन किया.
ਅੱਜ ਦਿੱਲੀ ਵਿਖੇ ਮਾਨਯੋਗ ਰਾਸ਼ਟਰਪਤੀ ਜੀ ਦੇ ਸਾਹਮਣੇ ਅਸੀਂ ਦੇਸ਼ ਵਿੱਚ ਹੋ ਰਹੇ 'ਲੋਕਤੰਤਰ ਦੇ ਕਤਲ' ਖ਼ਿਲਾਫ਼ ਮਜ਼ਬੂਤੀ ਨਾਲ ਆਵਾਜ਼ ਬੁਲੰਦ ਕੀਤੀ ਹੈ। ਗੈਰ-ਸੰਵਿਧਾਨਕ ਤਰੀਕੇ ਨਾਲ ਪਾਰਟੀਆਂ ਨੂੰ ਤੋੜਨਾ ਅਤੇ ED-CBI ਵਰਗੀਆਂ ਕੇਂਦਰੀ ਏਜੰਸੀਆਂ ਦੀ ਦੁਰਵਰਤੋਂ ਕਰਕੇ ਦਾਗੀ ਨੇਤਾਵਾਂ ਨੂੰ ਭਾਜਪਾ ਦੀ 'ਵਾਸ਼ਿੰਗ ਮਸ਼ੀਨ' ਵਿੱਚ ਸਾਫ਼ ਕਰਨਾ ਸਾਡੇ… pic.twitter.com/9pBxuaoExl
— Bhagwant Mann (@BhagwantMann) May 5, 2026
पंजाब के हितों की बात
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के लोग अपने अधिकारों को लेकर जागरूक हैं और किसी भी तरह के अन्याय को स्वीकार नहीं करेंगे. उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार पंजाब के साथ भेदभाव कर रही है और राज्य के अधिकारों को कमजोर करने की कोशिश कर रही है.
विकास और फंड पर चिंता
सीएम मान ने कहा कि पंजाब के विकास के लिए जरूरी फंड रोके जा रहे हैं, जिससे राज्य की प्रगति प्रभावित हो रही है. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार जनता के हितों की रक्षा के लिए लगातार काम कर रही है.
एकजुटता दिखाने पर विधायकों का धन्यवाद
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर अपने विधायकों का धन्यवाद किया, जो उनके साथ दिल्ली पहुंचे. उन्होंने कहा कि पार्टी पूरी तरह एकजुट है और जनता के भरोसे पर खरी उतरेगी. कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने साफ कर दिया है कि उनकी सरकार लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएगी. उन्होंने भरोसा दिलाया कि पंजाब के हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा.
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तिरुवनंतपुरम में 6 मई से होगी ब्रिक्स एम्प्लॉयमेंट वर्किंग ग्रुप की दो दिवसीय बैठक
नई दिल्ली, 5 मई (आईएएनएस)। भारत की मौजूदा ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत श्रम और रोजगार पर दूसरा ब्रिक्स एम्प्लॉयमेंट वर्किंग ग्रुप (ईडब्ल्यूजी) का दो दिवसीय बैठक कार्यक्रम बुधवार से तिरुवनंतपुरम में शुरू होगा। यह जानकारी श्रम और रोजगार मंत्रालय ने मंगलवार को दी।
मंत्रालय ने बताया कि इस बैठक में ब्रिक्स देशों के वे प्रतिनिधि शामिल होंगे जो श्रम, रोजगार और श्रमिक कल्याण से जुड़े मामलों को देखते हैं। इनमें ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, सऊदी अरब, मिस्र, इथियोपिया, ईरान, इंडोनेशिया और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं।
मंत्रालय ने कहा कि यह दूसरी ईडब्ल्यूजी बैठक एक महत्वपूर्ण आमने-सामने (इन-पर्सन) मंच होगी, जहां पहली बैठक में हुई चर्चाओं को आगे बढ़ाया जाएगा और भारत की अध्यक्षता के तहत तय की गई प्राथमिकताओं और लक्ष्यों पर सभी देशों के बीच बेहतर समझ बनाने की कोशिश की जाएगी।
मंत्रालय के अनुसार, पहली रोजगार कार्य समूह की बैठक मार्च में वर्चुअल (ऑनलाइन) तरीके से हुई थी। पहली बैठक में चार मुख्य मुद्दों पर रचनात्मक चर्चा शुरू हुई थी।
इस चर्चा में शामिल मुद्दों में सोशल सिक्योरिटी को आगे बढ़ाना और लेबर मार्केट को फॉर्मल बनाना, वर्कफोर्स में महिलाओं की भागीदारी और उन्हें शामिल करना, एम्प्लॉयबिलिटी, स्किल मैपिंग और डेवलपमेंट पर सहयोग, और गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर समेत सभी वर्कर के लिए डिजिटल टेक्नोलॉजी का फायदा उठाना है।
दूसरी बैठक में इन मुद्दों को आगे बढ़ाने पर खास ध्यान दिया जाएगा, खासकर सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और कामकाजी बाजार को जल्दी औपचारिक बनाने पर चर्चा होगी। इसके अलावा रोजगार क्षमता और कौशल विकास पर भी सहयोग को लेकर बात होगी।
मंत्रालय ने यह भी बताया कि इस बैठक में कुछ बड़े अंतरराष्ट्रीय संगठनों के ज्ञान साझेदार भी शामिल होंगे, जैसे अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ), अंतरराष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा संघ (आईएसएसए), और संयुक्त राष्ट्र का रेजिडेंट कोऑर्डिनेटर ऑफिस। ये संगठन अपने अनुभव के आधार पर तकनीकी सुझाव देंगे और वैश्विक दृष्टिकोण साझा करेंगे, जिससे रोजगार, श्रमिक कल्याण, सामाजिक सुरक्षा और भविष्य के काम से जुड़े मुद्दों पर चर्चा और बेहतर हो सकेगी।
मंत्रालय ने कहा कि ब्रिक्स देशों और इन ज्ञान साझेदारों की सक्रिय भागीदारी से उम्मीद है कि श्रम, रोजगार और श्रमिक कल्याण के क्षेत्र में ठोस, आगे की सोच वाले और सभी के लिए फायदेमंद नतीजे सामने आएंगे।
--आईएएनएस
एवाई/डीकेपी
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