Mirchi Chokha Recipe: पानी भात-दही भात का बढ़ा देगा स्वाद, जानें कैसे बनता है झारखंड का 'मिर्ची चोखा'
गर्मी का मौसम शुरू होते ही बिहार, झारखंड और उड़ीसा समेत कई राज्यों में 'पानी भात' और 'दही भात' खाने की परंपरा काफी पुरानी है. यह शरीर को ठंडक देने के साथ पाचन के लिए भी फायदेमंद माने जाते हैं. इन पारंपरिक व्यंजनों के साथ जो चीज स्वाद को और बढ़ा देती है, वह है देसी 'मिर्ची चोखा'. यह एक सरल लेकिन बेहद स्वादिष्ट व्यंजन है, जिसे गांवों में बड़े चाव से बनाया और खाया जाता है. मिर्ची चोखा बनाने के लिए सबसे पहले आलू उबाले जाते हैं. इसके बाद लहसुन और सूखी लाल मिर्च को आग पर भून लिया जाता है, जिससे उसमें खास देसी खुशबू आती है. फिर इन्हें हाथ से पीसकर उसमें कटा हुआ प्याज मिलाया जाता है. स्वाद के लिए नमक, सरसों का तेल और थोड़ा अचार मसाला डाला जाता है. अंत में उबले आलू मिलाकर हल्का मैश किया जाता है. तैयार मिर्ची चोखा दाल-भात, पानी भात या दही भात के साथ बेहद स्वादिष्ट लगता है.
कोडरमा की गुड़ वाली लस्सी ने झारखंड में मचाई धूम, जानें क्यों खास है यह देसी ड्रिंक
झारखंड में बढ़ती गर्मी के बीच लोग ठंडक पाने के लिए अलग-अलग पेय का सहारा ले रहे हैं. ऐसे में कोडरमा के सूर्या होटल के पास पहली बार गुड़ वाली लस्सी लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई है. आमतौर पर बाजार में चीनी से बनी लस्सी मिलती है, लेकिन यहां गुड़ वाली लस्सी शुरू की है. यह लस्सी गाय के दूध से बने दही से तैयार की जाती है और पारंपरिक बिलोना पद्धति से मथी जाती है. इस लस्सी में देसी गुड़ के साथ पिस्ता, अखरोट और मुनक्का जैसे ड्राई फ्रूट्स मिलाए जाते हैं, जिससे इसका स्वाद और पौष्टिकता बढ़ जाती है. खास बात यह है कि इसे प्लास्टिक के बजाय मिट्टी के कुल्हड़ में परोसा जाता है, जिससे इसकी ठंडक और स्वाद दोनों बेहतर रहते हैं.यह खास लस्सी 50 रुपये प्रति गिलास में उपलब्ध है.
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