मंगलवार को जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद में सत्ताधारी गठबंधन की साप्ताहिक संसदीय दल की बैठक के लिए पहुँचे, तो NDA सांसदों ने राष्ट्रीय ध्वज के साथ और 'वंदे मातरम' व 'भारत माता की जय' के नारों के साथ उनका स्वागत किया। 'मंगल मिलन' नाम की यह बैठक संसद पुस्तकालय के GMC बालयोगी ऑडिटोरियम में आयोजित की गई थी, जिसमें केंद्रीय मंत्री, NDA नेता और सहयोगी दलों के सांसद शामिल हुए।
वहाँ मौजूद लोगों में बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन और केंद्रीय मंत्री अमित शाह, निर्मला सीतारमण, नितिन गडकरी, शिवराज सिंह चौहान और एस जयशंकर शामिल थे। NDA सहयोगियों का प्रतिनिधित्व करने वाले मंत्रियों में JD(S) के एचडी कुमारस्वामी, TDP के किंजरापु राम मोहन नायडू, RSP-A के रामदास बंडू अठावले, NCP के प्रफुल्ल पटेल, RLM के उपेंद्र कुशवाहा और NCPI की शताब्दी रॉय शामिल थे।
संसद सत्र के दौरान हर मंगलवार को NDA संसदीय दल की बैठक होती है। 20 जुलाई को शुरू हुआ मॉनसून सत्र 13 अगस्त को खत्म होने वाला है। इस सत्र में बार-बार कार्यवाही स्थगित हुई और कामकाज में रुकावटें आईं, जिससे विधायी कामकाज बहुत कम हो पाया। संसद ने 'पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) अमेंडमेंट बिल, 2026' और चार अन्य बिल बिना किसी खास बहस के पास कर दिए। विपक्ष के लगातार विरोध के बीच लोकसभा ने तीन और बिल पास किए।
विपक्ष ने शुरुआत में NEET पेपर लीक का मुद्दा उठाया और अयोध्या में राम मंदिर के लिए मिले दान में हेराफेरी का आरोप लगाया। बाद में उन्होंने NEET मुद्दे पर विरोध कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई पर चर्चा की मांग की, साथ ही प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी और उनके बयानों की भी मांग की।
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बसपा प्रमुख मायावती ने मंगलवार को बीजेपी और विपक्षी पार्टियों की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि ये पार्टियां मॉनसून सत्र के दौरान संसद की कार्यवाही में बाधा डाल रही हैं ताकि केंद्र और राज्य सरकारों की कमियों से लोगों का ध्यान भटकाया जा सके। प्रेस कॉन्फ्रेंस में BSP प्रमुख ने कहा कि उनकी पार्टी देश के युवाओं, यानी 'जेन Z' के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि उनका विरोध सीधे तौर पर छात्रों और उनके माता-पिता की समस्याओं से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि BSP इन मुद्दों का समाधान खोजने की पूरी कोशिश कर रही है।
BSP प्रमुख मायावती ने कहा जैसा कि सभी जानते हैं, कुछ समय से सत्ता पक्ष और विपक्ष (BJP, कांग्रेस और अन्य) किसी न किसी मुद्दे पर संसद में बाधा डाल रहे हैं और जनहित के अहम मुद्दों से लोगों का ध्यान भटका रहे हैं। हो सकता है कि केंद्र और राज्यों में अपनी सरकारों की कमियों से लोगों का ध्यान हटाने के लिए उनके बीच कोई अंदरूनी समझौता हो, या फिर इन मुद्दों पर बात करने से बचने के लिए कोई साजिश हो। देश के लोग साफ देख सकते हैं कि क्या हो रहा है। अब देश के युवा, यानी 'जेन Z', अपनी कई समस्याओं को लेकर बहुत परेशान और चिंतित हैं। BSP हमेशा से अपनी राजनीतिक सोच के तहत उनके साथ खड़ी रही है और आगे भी खड़ी रहेगी। उनका विरोध छात्रों और उनके माता-पिता की समस्याओं से जुड़ा है। BSP इसका समाधान खोजने के लिए हर संभव कोशिश कर रही है।
मायावती का यह बयान तब आया जब आज संसद परिसर में विपक्षी सांसदों - जिनमें कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और समाजवादी पार्टी के सांसद अखिलेश यादव और डिंपल यादव शामिल थे - ने अयोध्या में राम मंदिर में दान में कथित चोरी और हेराफेरी तथा झारखंड में विरोध कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई को लेकर विरोध प्रदर्शन किया।
विपक्ष श्री राम जन्मभूमि मंदिर को दिए गए दान में कथित अनियमितताओं पर संसद में चर्चा की मांग कर रहा है और साथ ही हालिया विरोध प्रदर्शनों के दौरान छात्रों के साथ किए गए व्यवहार पर सरकार से जवाब भी मांग रहा है।
समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने कहा कि विपक्ष चाहता है कि सरकार दोनों मुद्दों पर बयान दे। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सदन में आकर जवाब देने को तैयार नहीं हैं। डिंपल यादव ने कहा, "हम दोनों मुद्दों पर बयान चाहते हैं, लेकिन गृह मंत्री बिल्कुल भी सदन में आकर बयान नहीं देना चाहते।
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