Bengal Election Results: ममता बनर्जी की हार पर बांग्लादेश से लेकर UAE और तुर्की ने BJP को लेकर क्या कहा?
West Bengal Election Results 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों से अब साफ हो गया है कि यहां भारी बहुमत से भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने जा रही है. आजादी के बाद पहली बार होगा जब बंगाल में बीजेपी की सरकार बनेगी. यानी भारतीय राजनीति के इतिहास में एक नया अध्याय लिखा जाने वाला है. बीजेपी ने पश्चिम बंगाल में 293 सीटों में से कुल 207 सीटों पर बढ़त बनाई हुई है. यानी पार्टी को बहुमत (148) से कहीं ज्यादा सीटे मिली है. वहीं, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) सिर्फ 80 सीटों पर आगे चल रही है. इंटरनेशनल मीडिया में बीजेपी के इस जीत पर खूब कवरेज हो रही है. वर्ल्ड मीडिया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राजनीतिक विस्तार और विपक्ष के लिए बड़ा झटका बता रही है.
प्रथम आलो (बांग्लादेश)
बांग्लादेश के स्थानीय अखबार, प्रथम आलो में एक पोस्ट किया गया है, जिसका हेडिंग है- पश्चिम बंगाल चुनाव: सिर्फ राज्य का नहीं बल्कि भारतीय गणतंत्र का भविष्य भी संकट में है. पोस्ट में लिखा गया है, इस साल पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव भारत की चुनाव में 2 वजह से याद किए जाएंगे. पहला वोटर लिस्ट का स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR), जिसके चलते बड़ी संख्या में लोगों का वोट देने का अधिकार छिन गया. और दूसरा, चुनाव को हिंसा-मुक्त बनाने के लिए केंद्रीय बलों की अभूतपूर्व तैनाती.'
पोस्ट में आगे लिखा गया है कि अगर भारतीय जनता पार्टी पश्चिम बंगाल में जीतती है तो उसके लिए यह बड़ा मील का पत्थर साबित होगी. यह BJP की उन राज्यों में जीत होगी, जिन्हें अब तक जीत पाना काफी मुश्किल माना जाता रहा है (अन्य दो हैं- तमिलनाडु और केरल). बीजेपी को यह जीत हिंदुत्व आधारित ध्रुवीकरण के सहारे मिली है. इससे यह साबित होगा कि हिंदी पट्टी का हिंदुत्व अब बंगालियों के मन में भी गहराई से बैठ गया है. बंगाली लंबे समय से समन्वयवादी हिंदू परंपरा से पहचाने जाते रहे हैं.
रॉयटर्स (ब्रिटेन)
ब्रिटेन के लंदन स्थित समाचार एजेंसी Reuters ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी की यह जीत कई वजह से अहम है. रॉयटर्स ने पोस्ट में लिखा, '4 मई को नरेंद्र मोदी की पार्टी बीजेपी राज्य चुनावों में बड़ी जीत हासिल करने की ओर बढ़ती दिख रही है. इस जीत के साथ ही समान नागरिक संहिता और बुनियादी ढांचा निर्माण जैसी उसकी प्रमुख नीतियों को और गति मिल सकती है. यह जीत बीजेपी के लिए यह लोकसभा चुनाव 2029 के मद्देनजर भी अच्छी खबर है.'
Reuters ने लिखा कि कुछ विश्लेषकों और विपक्ष का कहना है कि भारतीय जनता पार्टी की यह जीत के पीछे वोटर लिस्ट की स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) का योगदान है, जिसके चलते लाखों लोग, खासकर मुसलमानों को वेटर लिस्ट से बाहर किया गया. विपक्षी पार्टी का आरोप है कि वोटर लिस्ट से बाहर किए गए लोगों में उनके समर्थकों की संख्या ज्यादा है. हालांकि इलेक्शन कमीशन का कहना है कि यह प्रक्रिया स्थापित नियमों के तहत की गई. विश्लेषकों का यह भी मामना है कि नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता, आर्थिक विकास के एजेंडे और मजबूत हिंदुत्व आधारित राजनीति का मेल विपक्ष के लिए भारी पड़ रहा है.'
गल्फ न्यूज (यूएई)
UAE स्थित न्यूज वेबसाइट गल्फ न्यूज ने पश्चिम बंगाल चुनाव के रिजल्ट का अपने वेबसाइट पर पोस्ट की हेडिंग दी है - बीजेपी को बढ़त, टीएमसी को झटका! Gulf Newsने लिखा, 'भारत के सबसे राजनीतिक रूप से मजबूत राज्यों में से एक बंगाल में जगह बनाने की BJP की सालों लंबी कोशिश आखिरकार सफल होती नजर आ रही है. 294 सीट वाले विधानसभा में बीजेपी बहुमत के आंकड़े को पार कर करीब 200 सीटों पर लीड बनाई हुई है और राज्य में पहली बार सरकार बनाने की ओर बढ़ती नजर आ रही है."
टीआरटी वर्ल्ड (तुर्की)
तुर्की के सरकारी न्यूज चैनल TRT World ने भी भारत के 5 राज्यों पश्चिम बंगाल, असम, पुडुचेरी, केरल और तमिलनाडु के रिजल्ट पर पोस्ट लिखे. चैनल ने लिखा, "भारत के प्रमुख राज्यों के चुनावों में वोटिंग ऐसे समय हो रही है जब वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने के आरोपों को लेकर विवाद बना हुआ है. TRT World ने बीजेपी बंगाल प्रमुख समिक भट्टाचार्य के हवाले से कहा, 'यह चुनाव अस्वीकृति का था. राज्य के लोग बदलाव चाहते हैं. सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस तृणमूल कांग्रेस हार जाएगी."
इतना ही नहीं TRT World की इस रिपोर्ट में SIR के तहत वोटर लिस्ट से नाम काटे जाने, खासकर मुसलमानों पर इसके असर और चुनाव के दौरान हिंसा के आरोपों का भी जिक्र किया.
चीन की कम्युनिस्ट यूथ लीग के सदस्यों की संख्या 783 लाख 36 हजार
बीजिंग, 4 मई (आईएएनएस)। चीनी कम्युनिस्ट युवा लीग की केंद्रीय समिति द्वारा 3 मई को जारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 के अंत तक देश भर में कम्युनिस्ट युवा लीग के सदस्यों की संख्या 783 लाख 36 हजार थी और विभिन्न स्तरों के कम्युनिस्ट युवा लीग संगठनों की संख्या 51 लाख 50 हजार थी, जो अलग-अलग तौर पर गतवर्ष से 30 लाख 18 हजार और 7 लाख 53 हजार से अधिक थी।
वर्ष 2025 में 91 लाख 37 हजार युवा चीनी कम्युनिस्ट युवा लीग में शामिल हुए।
आंकड़ों के अनुसार, कम्युनिस्ट युवा लीग की 3 हजार स्थानीय समितियां हैं और 1 लाख 99 हजार बुनियादी स्तर वाली समितियां हैं। स्कूलों में कम्युनिस्ट युवा लीग के संगठनों की संख्या 23 लाख 55 हजार है और सदस्यों की संख्या 4 करोड़ 18 लाख 33 हजार है। सरकारी और सार्वजनिक संस्थानों में कम्युनिस्ट युवा लीग के संगठनों की संख्या 3 लाख 47 हजार है और सदस्यों की संख्या 37 लाख 98 हजार है।
उल्लेखनीय बात है कि नए उभरे क्षेत्रों और अन्य क्षेत्रों में कम्युनिस्ट युवा लीग के संगठनों की संख्या 12 लाख 23 हजार है और सदस्यों की संख्या 59 लाख 70 हजार है।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
--आईएएनएस
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