अपना ही किला नहीं बचा पाईं ममता बनर्जी, जानें कैसे 'स्ट्रीट फाइटर' से सियासत के पतन तक पहुंची 'दीदी'
पश्चिम बंगाल की राजनीति में 4 मई 2026 का दिन हमेशा याद रखा जाएगा. क्योंकि इस दिन न सिर्फ बंगाल में भगवा लहराया बल्कि ममता बनर्जी अपना ही किला यानी अपनी ही विधानसभा सीट को बचाने में नाकाम रहीं. जी हां उन्हें बीजेपी के प्रत्याशी सुवेंदु अधिकारी ने 15000 से ज्यादा वोटों से मात दे डाली. 'राजपथ की राजनीति' हमेशा निर्णायक रही है सड़कों पर संघर्ष, आंदोलनों और जनभावनाओं के सहारे सत्ता बदलती रही. इसी परंपरा से उभरकर ममता ने 2011 में वाम मोर्चे को हटाकर सत्ता हासिल की थी. लेकिन 2026 के चुनावी रुझानों ने संकेत दिया कि वही स्ट्रीट फाइटर अब अपने ही किले को बचाने में संघर्ष करती नजर आईं.
आक्रामक प्रचार, लेकिन नतीजों में कमी
ममता बनर्जी का चुनावी अंदाज हमेशा की तरह तेज और आक्रामक रहा. 'मैं हर सीट की उम्मीदवार हूं' जैसे नारों के साथ उन्होंने करीब 90 रैलियां और 22 रोड शो किए. उनकी ऊर्जा और जमीनी पकड़ अब भी मजबूत दिखी, लेकिन यह बढ़त वोटों में तब्दील नहीं हो सकी. इसके उलट, बीजेपी ने बूथ स्तर पर अपनी रणनीति से बढ़त बना ली.
SIR विवाद और वोटर लिस्ट पर सवाल
इस चुनाव में 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) बड़ा मुद्दा बना. लाखों मतदाताओं के नाम हटने के बाद टीएमसी ने आरोप लगाया कि यह उनके समर्थकों को निशाना बनाने की साजिश है. हालांकि चुनावी प्रक्रिया पर उठे इन सवालों के बीच भी जमीनी हकीकत यही रही कि विपक्ष ने इसे अपने पक्ष में मुद्दा बना लिया.
आंदोलन से सत्ता तक का सफर
ममता बनर्जी का राजनीतिक उभार संघर्षों से भरा रहा है. सिंगूर और नंदीग्राम जैसे आंदोलनों ने उन्हें जनता की आवाज बना दिया. इन आंदोलनों ने वाम शासन के खिलाफ माहौल तैयार किया और 2011 में ऐतिहासिक सत्ता परिवर्तन हुआ. उस समय ममता “परिवर्तन” का चेहरा थीं एक ऐसी नेता जो सड़कों पर उतरकर लड़ाई लड़ती थी.
सत्ता में रहते हुए बढ़ीं चुनौतियां
सत्ता में आने के बाद सरकार ने कई कल्याणकारी योजनाएं शुरू कीं, लेकिन समय के साथ भ्रष्टाचार और प्रशासनिक सवाल बढ़ते गए. शिक्षक भर्ती घोटाला, सारदा चिटफंड स्कैम और नरौदा स्टिंग ऑपरेशन जैसे मामलों ने सरकार की छवि को नुकसान पहुंचाया.
इन मुद्दों ने एंटी-इनकंबेंसी को जन्म दिया, जो धीरे-धीरे चुनावी माहौल में बदल गया.
ध्रुवीकरण और बदलते समीकरण
2012 के बाद बीजेपी ने बंगाल में तेजी से विस्तार किया. धार्मिक और सामाजिक मुद्दों पर ध्रुवीकरण बढ़ा, जिससे पारंपरिक वोटबैंक में दरार आई. वहीं, ममता सरकार द्वारा लिए गए कुछ फैसलों को विपक्ष ने “तुष्टिकरण” के रूप में पेश किया, जिसने राजनीतिक बहस को और तीखा बना दिया.
रोजगार और प्रवासन का असर
विशेषज्ञों के अनुसार, रोजगार की कमी और उद्योगों का अभाव भी टीएमसी के खिलाफ गया. बड़ी संख्या में युवा राज्य से बाहर काम की तलाश में गए. इस मुद्दे को विपक्ष ने प्रभावी तरीके से उठाया, जिससे मतदाताओं का रुझान बदला.
महिला वोटबैंक में सेंध
ममता बनर्जी की सबसे मजबूत ताकत मानी जाने वाली महिला वोटर भी इस बार पूरी तरह साथ नहीं दिखीं. ‘लक्ष्मी भंडार’ जैसी योजनाओं के बावजूद विपक्ष के नए वादों और सुरक्षा के मुद्दों ने उनके वोटबैंक को प्रभावित किया.
स्ट्रीट फाइटर से सत्ता संघर्ष तक
ममता बनर्जी का सफर एक संघर्षशील नेता से मुख्यमंत्री तक का रहा है, लेकिन 2026 के चुनाव ने दिखाया कि राजनीति में कोई भी किला स्थायी नहीं होता. जिस एंटी-इनकंबेंसी की लहर पर वह खुद सत्ता में आई थीं, वही अब उनके खिलाफ खड़ी दिखी. यह चुनाव सिर्फ हार-जीत नहीं, बल्कि एक दौर के अंत और नए राजनीतिक अध्याय की शुरुआत का संकेत भी है.
यह भी पढ़ें - बीजेपी की प्रचंड जीत के बीच ममता से अलग आया अभिषेक बनर्जी का बयान, टीएमसी को लेकर कही ये बात
Bengal Election Result: Mamata Banerjee का ECI अधिकारियों पर बड़ा आरोप! #bengalelectionresults
Initial trends in the Bengal election results indicate the BJP is on its way to a majority, raising the enthusiasm of party workers at the party office. Meanwhile, Mamata Banerjee arrived at the counting center in Bhawanipur as votes were being counted. She alleged that Election Commission officials mistreated her. See what else Mamata Banerjee said. बंगाल चुनाव परिणाम में शुरूआती रुझानों के मुताबिक बीजेपी बहुमत के पार जाती नजर आ रही है, जिससे पार्टी कार्यालय में कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ गया है। वोटों की गिनती के दौरान ममता बनर्जी भवानीपुर स्थित काउंटिंग सेंटर पहुंच गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग के अधिकारियों ने उनके साथ बदतमीजी की। देखिए ममता ने और क्या कहा? #bengalelectionresults #bengalelection2026 #westbengal #election #result #mamatabanerjee #bhawanipur #pmmodi #tmc #bjp #suvenduadhikari #election2026 #hindinews #topnews #latestnews #timesnownavbharat You can Search us on YouTube by- NBT, NBT TV Live, Navbharat Times, Times Now, TNN, TNNB, Navbharat TV, Hindi News, Latest news and @timesnownavbharat About Channel: Times Now Navbharat देश का No.1 Hindi news है। यह चैनल भारत और दुनिया से जुड़ी हर Latest News और Breaking News , राजनीति, मनोरंजन और खेल से जुड़े समाचार आपके लिए लेकर आता है। इसलिए सब्सक्राइब करें और बने रहें टाइम्स नाउ नवभारत के साथ Times Now Navbharat is India's fastest growing Hindi News Channel with 24 hour coverage. Get Breaking news, Latest news, Politics news, Entertainment news and Sports news from India & World on Times Now Navbharat. ------------------------------------------------------------------------------------------------------------- Watch Live TV : https://www.timesnowhindi.com/live-tv Subscribe to our other network channels: Times Now: https://www.youtube.com/TimesNow Zoom: https://www.youtube.com/zoomtv ------------------------------------------------------------------------------------------------------------- You can also visit our website at: https://www.timesnowhindi.com Download our App for Breaking News: https://tinyurl.com/bde8rv84 Like us on Facebook: https://www.facebook.com/Timesnownavbharat Follow us on Twitter: https://twitter.com/TNNavbharat Follow us on Instagram: https://www.instagram.com/timesnownavbharat
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation