Gold Silver Rate Today: 11 अगस्त को सोना-चांदी हुआ महंगा, 24K गोल्ड ₹1.52 लाख के पार; जानें 22 कैरेट का भाव
Gold Silver Rate Today (11 August 2026): सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए आज यानी 11 अगस्त 2026 को बड़ी खबर है। भारतीय सर्राफा बाजार में दोनों कीमती धातुओं के भाव में तेजी देखने को मिली है। IBJA के ताजा रेट के मुताबिक, 24 कैरेट यानी 999 शुद्धता वाले सोने का भाव ₹1,52,490 प्रति 10 ग्राम पहुंच गया है, जबकि एक दिन पहले यानी 10 अगस्त को यह ₹1,51,061 प्रति 10 ग्राम था। यानी 24 कैरेट सोना ₹1,429 प्रति 10 ग्राम महंगा हुआ है।
वहीं, 22 कैरेट सोना भी आज ₹1,39,681 प्रति 10 ग्राम के लेबल पर कारोबार कर रहा है, जो 10 अगस्त को ₹1,38,372 था। इस तरह 22 कैरेट सोने की कीमत में ₹1,309 प्रति 10 ग्राम की बढ़ोतरी हुई है। चांदी की बात करें तो आज सिल्वर में भी उछाल देखा गया है।
मंगलवार को चांदी ₹2,34,280 प्रति किलोग्राम के भाव पर पहुंच गई है। जबकि एक दिन पहले चांदी का भाव ₹2,33,290 प्रति किलोग्राम था। यानी एक दिन में चांदी ₹990 प्रति किलोग्राम महंगी हुई है। ऐसे में अगर आप आज सोना खरीदने की तैयारी कर रहे हैं, तो आगे जानिए देश के प्रमुख शहरों में 22 कैरेट सोने के ताजा भाव।
प्रमुख शहरों में प्रति 10 ग्राम 22 कैरेट सोने की कीमत (सोर्स- Goodreturns)
| शहर | कीमत |
| दिल्ली | 1,42,350 |
| मुंबई | 1,42,200 |
| चेन्नई | 1,42,500 |
| कोलकाता | 1,42,200 |
| अहमदाबाद | 1,42,250 |
| जयपुर | 1,42,350 |
| भोपाल | 1,42,250 |
| रायपुर | 1,42,200 |
| लखनऊ | 1,42,350 |
ध्यान दें: IBJA के रेट 24K शुद्ध सोने (बुलियन) के मानक भाव होते हैं, जबकि शहरवार 22 कैरेट ज्वेलरी रेट स्थानीय टैक्स, मेकिंग चार्ज और बाजार की स्थिति के अनुसार अलग हो सकते हैं।
अलग-अलग शहरों में सोने के दाम क्यों होते हैं अलग? जानें 4 प्रमुख वजहें
सोने की कीमतें पूरे देश में एक जैसी नहीं होतीं। अलग-अलग शहरों में सोने के रेट में फर्क देखने को मिलता है। इसके पीछे कई व्यावहारिक और आर्थिक कारण जिम्मेदार होते हैं।
1. ट्रांसपोर्टेशन और सिक्योरिटी खर्च
सोने को एक शहर से दूसरे शहर तक पहुंचाने में ट्रांसपोर्ट और सुरक्षा पर खर्च आता है। जैसे-जैसे दूरी बढ़ती है, यह लागत भी बढ़ती जाती है, जिसका असर अंतिम कीमत पर पड़ता है।
2. खरीदारी की मात्रा (डिमांड फैक्टर)
दक्षिण भारत में सोने की खपत देश में सबसे ज्यादा होती है। यहां कुल मांग का लगभग 40% हिस्सा है। बड़ी खरीदारी के बावजूद स्थानीय बाजार में छूट सीमित रहती है, जिससे कीमतों में फर्क आता है।
3. ज्वेलरी एसोसिएशन की भूमिका
हर राज्य और शहर में ज्वेलरी एसोसिएशन स्थानीय मांग और आपूर्ति के आधार पर रेट तय करते हैं। इसी वजह से अलग-अलग शहरों में सोने के भाव अलग हो जाते हैं।
4. पुराना स्टॉक और खरीद मूल्य
ज्वेलर्स ने सोना किस कीमत पर खरीदा है, यह भी बिक्री मूल्य तय करने में अहम भूमिका निभाता है। पुराना स्टॉक महंगा या सस्ता खरीदा गया हो तो उसका असर ग्राहकों को मिलने वाले रेट पर पड़ता है।
सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें खास ध्यान
1. सिर्फ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें
हमेशा BIS (Bureau of Indian Standards) हॉलमार्क वाला सोना ही खरीदें। हॉलमार्क से सोने की शुद्धता और कैरेट की जानकारी मिलती है, जैसे अल्फान्यूमेरिक कोड (AZ4524)।
2. कीमत जरूर क्रॉस चेक करें
खरीदने से पहले सोने का भाव अलग-अलग स्रोतों जैसे IBJA (India Bullion and Jewellers Association) से जरूर जांचें। सोने की कीमत 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होती है।
Disclaimer: सोने के रेट दिन में कई बार बदल सकते हैं। खरीदारी से पहले अपने स्थानीय ज्वेलर या अधिकृत स्रोत से ताजा कीमत जरूर जांच लें।
Rajya Sabha 2 बजे तक स्थगित, Ram Temple चढ़ावा चोरी मुद्दे पर विपक्ष का हंगामा
अयोध्या स्थित राम मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी का मुद्दा उठाने की मांग को लेकर विपक्षी सदस्यों के लगातार हंगामे के कारण राज्यसभा की कार्यवाही मंगलवार को एक बार के स्थगन के बाद दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। एक बार के स्थगन के बाद दोपहर 12 बजे जब सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई तो सभापति सी पी राधाकृष्णन ने प्रश्नकाल शुरू करने को कहा। इसी दौरान कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे खड़े हुए और राम मंदिर के चंदे की कथित चोरी का मुद्दा उठाने की मांग की।
सभापति ने उन्हें इसकी अनुमति नहीं दी और कहा कि उन्होंने सत्ता पक्ष के सदस्यों को भी झारखंड से जुड़ा मुद्दा उठाने की अनुमति नहीं दी थी क्योंकि वह राज्य का विषय है। राधाकृष्णन ने कहा, ‘‘विपक्ष के नेता राज्य से जुड़े विषय को उठा रहे हैं, इसलिए इसे प्रोत्साहित नहीं किया जा सकता।’’ उन्होंने कहा कि विपक्ष को हर दिन एक ही विषय उठाकर सदन की कार्यवाही बाधित करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। सभापति ने कहा, ‘‘मैंने आपको कई बार अनुमति दी है।
आप जिस विषय को उठा रहे हैं वह राज्य का विषय है और इसे स्वीकार नहीं किया जाएगा। सत्ता पक्ष के सदस्य भी कुछ राज्य से जुड़े मुद्दे उठाना चाहते थे, लेकिन मैंने उन्हें भी अनुमति नहीं दी। वे झारखंड का मुद्दा उठाना चाहते थे और मैंने कहा कि यह राज्य का विषय है।
मैं किसी भी राज्य के विषय को उठाने की अनुमति नहीं दूंगा।’’ सभापति ने खरगे और हंगामा कर रहे अन्य सदस्यों से अपनी सीट पर बैठने को कहा और सूचीबद्ध प्रश्न लेकर कार्यवाही आगे बढ़ाने का प्रयास किया। राधाकृष्णन ने कहा, ‘‘कृपया अपनी सीट पर बैठ जाइए खरगे जी... मैं केवल आपकी ओर से दबाव महसूस कर रहा हूं। सत्ता पक्ष के सदस्य मुझ पर कभी दबाव नहीं डालते।
आप हमेशा दबाव डालते हैं।’’ इसके बाद भी विपक्षी सदस्यों का हंगामा और नारेबाजी जारी रहने पर सभापति ने सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी। इससे पहले, पूर्वाह्न 11 बजे उच्च सदन की बैठक शुरू होने पर सभापति राधाकृष्णन ने आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाए और सदस्यों से शून्यकाल के तहत लोकमहत्व से जुड़े मुद्दे उठाने के लिए कहा। सभापति ने बीजू जनता दल के डॉ संतृत्त मिश्र को अपना मुद्दा उठाने के लिए कहा।
मिश्र ने ओडिशा में उर्वरक की उपलब्धता से जुड़ा मुद्दा उठाया और अपनी बात ओड़िया में रखी। इस दौरान विपक्षी सदस्य आसन से नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को अपनी बात रखने की अनुमति देने की मांग कर रहे थे। जब बीजद सदस्य डॉ संतृत्त मिश्र अपना वक्तव्य समाप्त करने वाले थे, तभी खरगे उठे और उन्होंने राम मंदिर से संबंधित नया मुद्दा उठाने की अनुमति मांगी।
खरगे ने कहा, ‘‘सभापति महोदय, मैं एक नया मुद्दा उठा रहा हूं... राम मंदिर का मुद्दा है।’’ नेता प्रतिपक्ष के इतना कहते ही सत्ता पक्ष के सदस्यों ने विरोध शुरू कर दिया। हंगामे के बीच सभापति ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
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