अकाली दल वारिस पंजाब दे (ADWPD) ने 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों के लिए अपने पहले उम्मीदवार का ऐलान किया। पार्टी ने बस्सी पठाना विधानसभा सीट से सतवंत सिंह को अपना उम्मीदवार बनाया है, जो पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के दोषी केहर सिंह के बेटे हैं। यह बताना ज़रूरी है कि केहर सिंह को इंदिरा गांधी की हत्या की साज़िश रचने का दोषी ठहराया गया था और बाद में उन्हें फांसी दे दी गई थी। उनके बेटे को चुनाव मैदान में उतारने के फ़ैसले ने पंजाब में एक नई राजनीतिक बहस छेड़ दी है।
इसे पंथिक राजनीति के संदर्भ में 'वारिस पंजाब दे' के एक अहम कदम के तौर पर देखा जा रहा है। यह घोषणा खडूर साहिब के सांसद अमृतपाल सिंह के पिता तरसेम सिंह ने की। अमृतपाल सिंह खालिस्तान आंदोलन के कथित समर्थन के सिलसिले में 2023 से जेल में हैं। प्रेस को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा कि अकाली दल वारिस पंजाब की राजनीति सिर्फ़ सत्ता हासिल करने तक सीमित नहीं है। यह पंथिक सिद्धांतों, पंजाब के अधिकारों और समुदाय के लिए कुर्बानी देने वाले परिवारों के सम्मान को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि हाल ही में कुछ लोगों ने दावा किया था कि अकाली दल वारिस पंजाब उन परिवारों को दरकिनार कर रहा है जिन्होंने पंथ और समुदाय के लिए कुर्बानी दी है। उन्होंने कहा कि आज, अकाली दल वारिस पंजाब ने शहीद परिवार से अपना पहला उम्मीदवार घोषित करके इस धारणा को शुरू से ही खारिज कर दिया है। उन्होंने आगे कहा कि शहीद परिवारों को दिया जाने वाला सम्मान सिर्फ़ बयानों तक सीमित नहीं है; उन्हें पार्टी की ज़िम्मेदारियों में भी उनका उचित स्थान दिया जा रहा है।
सतवंत सिंह की उम्मीदवारी ऐसे समय में सामने आई है जब राजनीतिक पार्टियां 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों के लिए अपनी रणनीतियां तैयार कर रही हैं। इस कदम का बस्सी पठाना निर्वाचन क्षेत्र में पंथिक वोटों पर असर पड़ सकता है। हालांकि, उनकी उम्मीदवारी से उनके पारिवारिक बैकग्राउंड को लेकर राजनीतिक बहस भी छिड़ सकती है। जहां उनके समर्थक इस फैसले को पंथिक भावनाओं और प्रतिनिधित्व से जोड़कर पेश कर सकते हैं, वहीं विरोधी इंदिरा गांधी की हत्या से जुड़ी विरासत पर सवाल उठा सकते हैं।
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