Responsive Scrollable Menu

Health Tips: अनजाने में ज्यादा प्रोटीन लेना शरीर के लिए नुकसानदेह, Side Effects से बचने के लिए चेक करें ये 5 संकेत

पिछले कुछ सालों में हाई-प्रोटीन डाइट का ट्रेंड काफी तेजी से बढ़ा है। वेट कम करे, फिट रहने और मसल्स गेन करने के लिए लोग अपनी डाइट में प्रोटीन की मात्रा को बढ़ा रहे हैं। दालें, अंडे, प्रोटीन शेक, चिकन और सप्लीमेंट का ज्यादा मात्रा में सेवन करने कुछ लोगों के लिए आम हो गया है। हालांकि हमारे शरीर के लिए प्रोटीन एक जरूरी पोषक तत्व है।
 
लेकिन जरूरत से ज्यादा प्रोटीन का सेवन शरीर में कई समस्याओं को बढ़ा सकता है। जिस कारण कब्ज, थकान और सुस्ती आदि परेशानियां शामिल हैं। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि ज्यादा प्रोटीन लेने से शरीर क्या संकेत दे सकता है।

इसे भी पढ़ें: Health Tips: क्या आपकी कमर से पैरों तक होती है झनझनाहट? जानें Nerve Compression के लक्षण और इलाज


जानिए ज्यादा प्रोटीन लेने के संकेत

हेल्थ एक्सपर्ट की मानें, तो ज्यादा मात्रा में प्रोटीन लेने पर सेहत संबंधी कई समस्याएं हो सकती हैं। क्योंकि किसी भी चीज को बहुत ज्यादा या कम मात्रा में लेना सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है।

बार-बार पेशाब जाना

अगर आपको नॉर्मल से ज्यादा पेशाब जाना पड़ता है। तो यह भी ज्यादा प्रोटीन लेने का संकेत हो सकता है। जब शरीर प्रोटीन को पचाता है, तो नाइट्रोजन वाले टॉक्सिक पदार्थ बनते हैं। जिनमें किडनी पेशाब के जरिए बाहर निकलती है। अधिक मात्रा में प्रोटीन लेने से किडनी को ज्यादा काम करना पड़ सकता है। जिससे पेशाब की मात्रा बढ़ सकती है।

वहीं अगर ज्यादा प्यास लगने की समस्या होती है, तो यह शरीर में पानी की कमी का संकेत हो सकता है। इसलिए हाई प्रोटीन डाइट लेने वालों के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीना जरूरी है। हाई प्रोटीन डाइट से पेशाब में यूरिया की सांद्रता बढ़ जाती है। जोकि मूत्राशय की परत पर दबाव डालती है। इससे बॉडी में CRP जैसे मार्कर बढ़ते हैं। वहीं इससे मूत्राशय में सूजन की समस्या हो सकती है।

हर समय सुस्ती लगना

हमारे शरीर के लिए प्रोटीन एक जरूरी पोषक तत्व है। लेकिन जरूरत से ज्यादा प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट बहुत कम लेते हैं। तो शरीर में एनर्जी की कमी हो सकती है। कार्बोहाइड्रेट फूड्स आपके शरीर को एनर्जी देता है। ऐसे में ज्यादा प्रोटीन ज्यादा लेने से शरीर में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा कम हो जाती है। जिससे लोगों में सुस्ती, थकान और काम में मन न लगने जैसी समस्या महसूस हो सकती है। अगर आप हाई प्रोटीन डाइट शुरू करने के बाद भी लगातार सुस्ती महसूस करते हैं, तो आपको अपनी डाइट का संतुलन चेक करना चाहिए।

कब्ज की समस्या

हाई-प्रोटीन डाइट में फाइबर की मात्रा कम हो जाती है। खासकर जब लोग साबुत अनाज, दालों, फल और सब्जियों की जगह सिर्फ एनिमल बेस्ड प्रोटीन पर अधिक निर्भर होते हैं। तो फाइबर की कमी से पाचन तंत्र प्रभावित हो सकता है। जिस कारण ब्लोटिंग, कब्ज और मल त्याग करने में मुश्किलें जैसी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में अगर आपकी डाइट में प्रोटीन की मात्रा बढ़ गई है, तो इसके साथ पर्याप्त मात्रा में फाइबर का सेवन और पर्याप्त पानी पीना जरूरी है।

वेट बढ़ना

अक्सर लोगों को लगता है कि अधिक मात्रा में प्रोटीन खाने से सिर्फ वेट कम होगा, ऐसा नहीं होता है। अगर आप शरीर की जरूरत के हिसाब से ज्यादा कैलोरी ले रहे हैं। फिर चाहे वह प्रोटीन से ही क्यों न आए, तो अधिक एनर्जी शरीर में फैट के रूप में जमा हो सकता है। इसके अलावा प्रोटीन बार, सप्लीमेंट्स और शेक में अधिक चीनी और कैलोरी भी होती है। जोकि वेट गेन की वजह बन सकती है। इसलिए सिर्फ हाई-प्रोटीन के लेबल वाले प्रोडक्ट्स को अपनी डाइट में शामिल करने से बचना चाहिए। बल्कि इन प्रोडक्ट में कैलोरी भी चेक करें। मध्यम उम्र और बुजुर्गों के लंबे समय तक ज्यादा प्रोटीन खाने से वेट गेन का जोखिम बढ़ जाता है।

हर समय थकान लगना

अगर पर्याप्त नींद लेने के बाद भी आपको लगातार थकान की समस्या हो सकती है। इसका कारण असंतुलित डाइट हो सकती है। अधिक प्रोटीन और कम कार्बोहाइड्रेटेड वाली डाइट लेने से शरीर की एनर्जी पर असर पड़ता है। वहीं लंबे समय तक डिहाइड्रेशन की वजह से भी थकान लग सकती है। लेकिन लगातार थकान के पीछे एनीमिया, थायराइड की समस्या, विटामिन की कमी या अन्य सेहत संबंधी कारण हो सकते हैं। इसलिए यह लक्षण लंबे समय तक बना रहता है, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

कितनी प्रोटीन की जरूरत

हेल्थ एक्सपर्ट ने बताया कि प्रोटीन की जरूरत हर व्यक्ति के शरीर के अलग-अलग होती है। यह उम्र, वजन, फिजिकल एक्टिविटी और सेहत पर निर्भर करती है। इसलिए जो लोग नियमित रूप से एक्सरसाइज करते हैं या फिर एथलीट हैं। उनको नॉर्मल लोगों की तुलना में अधिक प्रोटीन की जरूरत हो सकती है। वहीं किडनी से जुड़ी कुछ बीमारियों परेशान लोगों को डॉक्टर की सलाह के मुताबिक प्रोटीन की मात्रा का ध्यान रखना चाहिए। वहीं संतुलित मात्रा में प्रोटीन लेना चाहिए।

Continue reading on the app

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे बनाने वाली कंपनी के शेयर 19% गिरे:निवेशकों से बोली PNC- हम नॉन-परफॉर्मर नहीं; क्या NHAI ने गलत जानकारी दी?

देश के सबसे महंगे एक्सप्रेस-वे लखनऊ-कानपुर को बनाने वाली कंपनी PNC इंफ्राटेक के शेयर गिर रहे हैं। 5 अगस्त को NHAI ने कहा था कि PNC इंफ्राटेक को नॉन-परफॉर्मर घोषित करने की कार्रवाई हो रही है। तब कंपनी का शेयर ₹260.24 पर था। इसके बाद 4 दिन में कंपनी का शेयर वैल्यू करीब 19% कम हो चुकी है। अब PNC इंफ्राटेक ने BSE (बाम्बे स्टॉक एक्सचेंज) और NSE (नेशनल स्टॉक एक्सचेंज) को 3 पेज का लेटर लिखा है। कंपनी ने अपनी सफाई में कहा- हमें न तो ब्लैकलिस्ट किया गया है और न ही हम नॉन-परफॉर्मर घोषित हैं। कंपनी के मुताबिक, सिर्फ कारण बताओ नोटिस जारी हुआ है। जिसका जवाब उसकी सहायक कंपनी ‘अवध एक्सप्रेस-वे प्राइवेट लिमिटेड’ दे रही है। इसके बाद सवाल उठ रहा है कि क्या भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की है। या फिर PNC इंफ्राटेक शेयर बाजार में खुद को बचाए रखने के लिए भ्रामक जानकारी दे रहा है। PNC इंफ्राटेक के दावे में कितनी सच्चाई? कितने किमी सड़क धंसी, इसकी गलत जानकारी दी निवेशकों का भरोसा बना रहे, इसलिए PNC इंफ्राटेक ने 6 अगस्त को BSE और NSE को पत्र लिखकर अपनी सफाई दी। PNC ने दावा किया कि हाल में हुई लगातार बारिश से एक्सप्रेस-वे के कुछ हिस्सों को नुकसान पहुंचा। प्रभावित हिस्सा करीब 300 मीटर है, जो पूरे एक्सप्रेस-वे की लंबाई का 0.5% से भी कम है। लेकिन, हकीकत यह है कि 63 किमी के एक्सप्रेस-वे पर करीब 600-700 मीटर हिस्सा जगह-जगह धंस चुका है। इसे खोदकर दोबारा बनाया जा रहा है। अगर उन्नाव से लखनऊ जाने वाली लेन का 45 किलोमीटर का हिस्सा देखें, तो हर 2 किलोमीटर पर सड़क धंसी या उखड़ी हुई है। कुल मिलाकर 84 जगहों पर सड़क में गड़बड़ी पाई गई है। बारिश का बहाना दिया, घटिया निर्माण कार्य छिपाया PNC इंफ्राटेक ने सड़क उखड़ने के लिए भारी बारिश का बहाना दिया है। जबकि, NHAI की तकनीकी जांच में पाया गया कि घटिया निर्माण और डामर लेयर के ठीक से न बैठने की वजह से सड़क खराब हुई है। 'नॉन-परफॉर्मर' घोषित हो सकते हैं, यह नहीं बताया एक्सप्रेस-वे बनाने वाली कंपनी ने दावा किया कि NHAI ने उसे 'ब्लैकलिस्ट' या 'नॉन-परफॉर्मर' घोषित नहीं किया है। केवल 'कारण बताओ नोटिस' जारी किया है। जबकि, 5 अगस्त को NHAI के रीजनल ऑफिसर गौतम विशाल ने बताया था कि कंपनी को 'नॉन-परफॉर्मर' घोषित करने की आधिकारिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। NHAI ने सड़क निर्माण में लापरवाही के लिए जिम्मेदार 4 अधिकारियों को प्रोजेक्ट से हटा दिया है। इनमें निर्माण एजेंसी के प्रोजेक्ट मैनेजर विवेक कुमार गुप्ता, इंडिपेंडेंट इंजीनियर के टीम लीडर सुरेंद्र कुमार, रेजिडेंट इंजीनियर यतेंद्र कुमार और मौजूदा प्रोजेक्ट डायरेक्टर नकुल प्रकाश वर्मा शामिल हैं। सड़क रिपेयरिंग में दोबारा लापरवाही हो रही, नहीं बताया कंपनी का कहना है कि जहां सड़क ज्यादा खराब थी, वहां तुरंत मरम्मत करा दी गई है। बाकी जगहों पर भी तेजी से काम चल रहा है। कॉन्ट्रैक्ट के मुताबिक, एक्सप्रेस-वे बनने के बाद 15 साल तक इसकी देख-रेख की जिम्मेदारी PNC इंफ्राटेक की है। लेकिन, मौके की तस्वीर कुछ और ही है। जिन जगहों पर सड़क की पुरानी कमियां ठीक करने के लिए पैचवर्क किया गया था, अब वह पैचवर्क भी उखड़ने लगा है। पिछले 24 घंटे में लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे पर 14 जगह पर सड़क फिर धंस गई। विशेषज्ञों का कहना है कि सड़क बनाने में लापरवाही हुई। अब मरम्मत भी जल्दबाजी में की जा रही है। इसी वजह से समस्या कम होने के बजाय और बढ़ती जा रही है। हाल ही में इसका एक वीडियो भी सामने आया, जिसमें सड़क को पंखे से सुखाते हुए दिखाया गया है। 2 साल बाद कंपनी को फिर मिल सकता है टेंडर NHAI के एक अधिकारी ने बताया, कंपनियों पर प्रतिबंध लगाने के भी अलग-अलग नियम हैं। अगर निर्माण कार्य में गुणवत्ता की कमी मिलती है, तो कंपनी को 1 से 2 साल तक ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है। यह अवधि पूरी होने के बाद कंपनी दोबारा टेंडर प्रक्रिया में शामिल हो सकती है। नियम-शर्तें पूरी करने पर उसे टेंडर भी मिल सकता है। इस भास्कर पोल में हिस्सा लेकर अपनी राय दीजिए- हाईवे की ताजा स्थिति- कहां धंसा, कहां पैचवर्क हो रहा लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे पर 2 दिनों में 14 नई जगहों पर सड़क धंसने, नालियां धंसने और पानी भरने की समस्या सामने आई है। रावल गांव के पास डिवाइडर के किनारे 6 फीट लंबा और 4 फीट गहरा गड्ढा हो गया है। उन्नाव-लखनऊ लेन पर 3 नए पैच किए गए हैं। 39.7 किमी पर करीब 100 मीटर हिस्से में पैचवर्क जारी है। लखनऊ-उन्नाव लेन पर इसराइल खेड़ा के पास भी सड़क उखड़ गई है। फिलहाल IIT खड़गपुर के इंजीनियरों ने एक्सप्रेस-वे की जांच पूरी कर ली है। प्रोफेसर केएस रेड्डी 12 दिन में अपनी रिपोर्ट NHAI मुख्यालय को सौंपेंगे। जांच के दौरान वीडियोग्राफी भी कराई गई है। PNC इंफ्राटेक और NHAI अधिकारियों से पूछताछ की रिकॉर्डिंग भी की गई है। साथ ही यह भी जांचा गया है कि PNC ने एक्सप्रेस-वे के डिजाइन में कोई बदलाव तो नहीं किया था। ----------------------- यह खबर भी पढ़ें- कानपुर एक्सप्रेस-वे की बदहाली पर बड़े अफसर बचे, छोटे नपे, जिम्मेदारों ने आंखें मूंदकर फाइलें पास कीं देश के सबसे महंगे लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे की बदहाली ने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय की इमेज चौपट कर दी। चारों तरफ विभाग और NHAI (नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया) की बदनामी होने लगी है। पढ़िए पूरी खबर…

Continue reading on the app

  Sports

सुशील कुमार को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ा झटका, सागर धनखड़ मर्डर केस में नहीं मिली जमानत

Sushil Kumar Sagar Dhankhar murder case: कोर्ट ने कहा कि आमतौर पर जमानत देना नियम और जेल भेजना अपवाद माना जाता है. लेकिन इस मामले में कथित तौर पर पहले से सुनियोजित और बेहद गंभीर हमला हुआ, जिसमें एक व्यक्ति की जान चली गई. इसलिए सुशील कुमार को जमानत देने का आधार नहीं बनता. Wed, 12 Aug 2026 00:00:01 +0530

  Videos
See all

Election Express: देखिए यूपी चुनाव से जुड़ी बड़ी खबरें| CM Yogi | OP Rajbhar | Akhilesh | BJP vs SP #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-11T20:00:21+00:00

How Donald Trump swapped planes to avoid threat from Iran | BBC News #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-11T20:00:31+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers