हरियाणा के किसान अब पूर्वी अफ्रीकी देश तंजानिया में जाकर खेती करवा रहे हैं। इतना ही नहीं यहां से कई व्यापारी बड़े स्तर पर इस देश में पहुंच कर खेती, खनन और उद्योगों में पैसे लगा रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर…
Sensex Weekly Update: बैंकिंग और दूसरे सेक्टर की 6 बड़ी कंपनियों को तगड़ा नुकसान झेलना पड़ा. एचडीएफसी बैंक, एसबीआई और आईसीआईसीआई बैंक के साथ इन कंपनियों का कुल वैल्यूएशन 1.24 लाख करोड़ रुपये घट गया.
Who is Raghu Sharma: आईपीएल 2026 में रघु शर्मा की कहानी इन दिनों चर्चा में है। मुंबई इंडियंस के इस युवा लेग स्पिनर ने बताया कि उनका क्रिकेट का सपना असल में एमएस धोनी के 2011 वर्ल्ड कप फाइनल के उस ऐतिहासिक छक्के से शुरू हुआ था, जिसने उनकी जिंदगी की दिशा बदल दी।
रघु ने खुलासा किया कि 2011 में जब भारत ने श्रीलंका को हराकर वर्ल्ड कप जीता, तब उन्होंने धोनी का वह विजयी छक्का टीवी पर देखा। उसी पल उन्होंने तय कर लिया कि उन्हें भी क्रिकेटर बनना है। लेकिन यह रास्ता आसान नहीं था। जालंधर के रहने वाले रघु एक ऐसे परिवार से आते हैं जहां ज्यादातर लोग डॉक्टर या इंजीनियर हैं। परिवार की परंपरा के अनुसार उन्होंने भी इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की।
कभी रघु का वजन 102 किलो था सबसे बड़ी चुनौती उनकी फिटनेस थी। रघु का वजन करीब 102 किलो था और उन्हें खुद उनके पिता ने कहा था कि इस हालत में क्रिकेट खेलना मुश्किल होगा। इसके बावजूद रघु ने हार नहीं मानी। 21 साल की उम्र में, जब ज्यादातर खिलाड़ी प्रोफेशनल क्रिकेट में जगह बना लेते हैं, उन्होंने अपने सफर की शुरुआत की।
रघु ने अपनी फिटनेस पर कड़ी मेहनत की और लेग स्पिन गेंदबाजी को अपना हथियार बनाया। उन्होंने बताया कि वह हफ्ते में 6 दिन लगातार अभ्यास करते थे और रोज 10 ओवर गेंदबाजी करते थे। उनका मानना है कि गेंदबाज के लिए लगातार अभ्यास ही सबसे बड़ा हथियार है।
आईपीएल में लिया पहला विकेट उनकी मेहनत का फल आईपीएल 2026 में देखने को मिला। मुंबई इंडियंस के लिए खेलते हुए उन्होंने लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ अपना पहला विकेट लिया। 13वें ओवर की पहली गेंद पर बल्लेबाज अक्षत रघुवंशी को उन्होंने चकमा दिया। गेंद हल्का अंदर आई, बल्ले का किनारा लिया और खुद रघु ने कैच लपक लिया।
विकेट के बाद जय श्रीराम की पर्ची निकाली इस खास पल के बाद रघु ने अपनी जेब से एक छोटा सा नोट निकाला, जिस पर 'राधे-राधे, जय श्री राम' लिखा था और साथ ही मुंबई इंडियंस को मौका देने के लिए धन्यवाद भी दिया गया था। यह उनके लिए भावनात्मक क्षण था।
मुंबई इंडियंस ने रघु को पहले 30 लाख रुपये में खरीदा था। 2025 में वह टीम के नेट बॉलर रहे और बाद में चोटिल खिलाड़ी की जगह टीम में शामिल हुए। हालांकि उस सीजन उन्हें खेलने का मौका नहीं मिला, लेकिन टीम ने उन पर भरोसा बनाए रखा और इस साल उन्हें डेब्यू का मौका दिया। रघु शर्मा की यह कहानी बताती है कि अगर इरादे मजबूत हों तो देर से शुरुआत भी आपको मंजिल तक पहुंचा सकती है।