हाल ही में देश की राजधानी दिल्ली के विवेक विहार में देर रात एक भीषण अग्निकांड ने 9 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है। शाहदरा के विवेक विहार स्थित एक 4-मजिला इमारत के छह फ्लैटों में अचानक से आग लग गई है। इस खबर की सूचना दमकल विभाग को सुबह 3.47 मिली। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद 16 लोगों को बचाया है।
सबसे ज्यादा ध्यान देनी वाली यह बात है कि यह हादसा एक फिर से AC ब्लास्ट के खतरे की तरफ इशारा कर रही है। बता दें कि यह आग एसी फटने के कारण से लगी थी। भीषण गर्मी की शुरुआत हो चुकी है। ऐसे में सबके घर में एयर कंडीशनर (AC) चलने लगी है और यह जरुरत का हिस्सा भी है। हालांकि कई बार यह राहत देने वाली एसी खतरनाक भी साबित हो जाती है। जैसे-जैसे तापमान बढ़ रहा है वैसे ही एसी पर बढ़ते लोड के कारण इस तरह की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही है। आइए आपको बताते हैं आखिर किन गलतियों की वजह से ऐसी ब्लास्ट होने का खतरा अधिक होता है।
सर्विसिंग को नजरअंदाज करना
यदि एयर कंडीशनर की समय पर सर्विसिंग नहीं कराई जाए, तो इसके अंदर धूल-मिट्टी और गंदगी जमा होने लगती है। इससे मशीन पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिसके कारण ओवरहीटिंग और शॉर्ट सर्किट होने का जोखिम काफी बढ़ जाता है।
लोकल या खराब क्वालिटी की वायरिंग
अगर आपने हाल ही में नया एसी इंस्टॉल कराया है या कराने की योजना बना रहे हैं, तो कभी भी घटिया या लोकल वायरिंग का इस्तेमाल न करें। कम गुणवत्ता वाले तार और ढीले कनेक्शन आग लगने का बड़ा कारण बन सकते हैं। इसलिए सुरक्षित रहने के लिए हमेशा अच्छी क्वालिटी की वायरिंग और सही तरीके से इंस्टॉलेशन पर विशेष ध्यान दें।
लंबे समय तक लगातार यूज
आज भी कई लोग एसी को बिना रुके लंबे समय तक चलाते रहते हैं, जबकि यह आदत नुकसान पहुंचा सकती है। लगातार इस्तेमाल से कंप्रेसर पर ज्यादा दबाव पड़ता है, जिससे उसके ओवरहीट होने की संभावना बढ़ जाती है और कभी-कभी यह स्थिति आग जैसी गंभीर समस्या का कारण भी बन सकती है।
ओवरलोडेड सॉकेट में AC
कई लोग ओवरलोडेड सॉकेट में AC यूज करते हैं, जो काफी खतरनाक हो सकता है। एक ही बोर्ड में कई हाई-पावर डिवाइस लगाने से सर्किट ओवरलोड हो जाता है, जो शॉर्ट सर्किट का कारण बनता है।
आउटडोर यूनिट के आसपास गंदगी
कई बार लोग एसी लगवाने के बाद उसके आउटडोर यूनिट पर ध्यान नहीं देते, जिससे उसके आसपास धीरे-धीरे गंदगी इकट्ठी होने लगती है। खासकर बालकनी या छत पर रखे यूनिट के पास कचरा, प्लास्टिक या सूखी पत्तियां जमा हो जाएं, तो आग लगने की स्थिति में वह तेजी से फैल सकती है।
बड़े हादसों से बचने के लिए जरूर बरतें ये सावधानियां
- नियमित सर्विस- हर सीजन की शुरुआत में और बीच में एक बार प्रोफेशनल मैकेनिक से एसी की पूरी जांच जरुर कराएं।
- ब्रेक दें- कोशिश करें कि एसी को लगातार 8-10 घंटे से ज्यादा न चलाएं, बीच में एक घंटे का ब्रेक दें।
- सही स्टेबलाइजर- वोल्टेज को सही सें कंट्रोल करने के लिए अच्छी क्वालिटी का वोल्टेज स्टेबलाइजर जरुर लगाएं।
- सर्टिफाइड पार्ट्स - हमेशा कंपनी के असली स्पेयर पोर्ट्स और सही क्षमता वाले एमसीबी (MCB) का ही प्रयोग करें।
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ओलंपियन पहलवान और जुलाना से कांग्रेस विधायक विनेश फोगाट ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर खेल जगत और राजनीति में हलचल मचा दी है। विनेश ने पहली बार सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया कि भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृज भूषण शरण सिंह के खिलाफ शिकायत करने वाली 6 महिला पहलवानों में वह खुद भी एक 'विक्टिम' हैं।
मैं भी बृज भूषण की एक विक्टिम हूं
विनेश फोगाट ने अपने संदेश में बेहद भावुक और साहसिक खुलासा करते हुए कहा कि करीब तीन साल पहले महिला खिलाड़ियों के शारीरिक शोषण के खिलाफ जो आवाज उठाई गई थी, वह उसमें शामिल रही हैं। विनेश ने कहा, 'सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन है कि पीड़ित की पहचान सार्वजनिक न की जाए, लेकिन आज कुछ मजबूरियों के चलते मैं अपना नाम सार्वजनिक कर रही हूं। मैं बताना चाहती हूं कि जिन 6 महिला खिलाड़ियों ने शिकायत और गवाही दी थी, उनमें से एक विक्टिम मैं भी हूं।' फिलहाल यह मामला कोर्ट में है और गवाहियों की प्रक्रिया चल रही है।
कुश्ती संघ की मंशा पर उठाए सवाल
विनेश ने कुश्ती संघ द्वारा उत्तर प्रदेश में आयोजित की जा रही रैंकिंग प्रतियोगिता पर भी गंभीर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि यह प्रतियोगिता बृज भूषण शरण सिंह के निजी शिक्षण संस्थान में कराई जा रही है। विनेश का आरोप है कि ऐसे स्थान पर खिलाड़ियों को निष्पक्ष न्याय मिलना नामुमकिन है। उन्होंने आशंका जताई कि वहां मैच के निर्णायकों और अंकों को प्रभावित कर किसी भी खिलाड़ी को जानबूझकर जिताया या हराया जा सकता है।
अखाड़े में वापसी का ऐलान
विनेश ने बताया कि वह पिछले डेढ़ साल से कुश्ती से दूर थीं, लेकिन कुछ महीने पहले उन्होंने दोबारा अभ्यास शुरू कर दिया है। उन्होंने अपनी निष्ठा और कठिन परिश्रम का जिक्र करते हुए कहा कि उनका एकमात्र लक्ष्य फिर से देश के लिए पदक जीतना और तिरंगे की शान बढ़ाना है।
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