बच्चों का स्क्रीन टाइम बढ़ने की वजह सिर्फ बच्चे नहीं, नई स्टडी में चौंकाने वाला खुलासा
नई दिल्ली, 11 अगस्त (आईएएनएस)। आज के समय में बच्चों को स्क्रीन से पूरी तरह दूर रखना माता-पिता के लिए आसान नहीं है। पढ़ाई, मनोरंजन से लेकर कभी-कभी बच्चे को शांत कराने तक, मोबाइल, टीवी या टैबलेट परिवार की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुके हैं। इस बीच फ्लोरिडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी (एफआईयू) की एक नई स्टडी में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है।
एफआईयू के सेंटर फॉर चिल्ड्रन एंड फैमिलीज की इस रिसर्च में 4 से 8 साल की उम्र के बच्चों की देखभाल करने वाले 822 लोगों को शामिल किया गया। शोधकर्ताओं ने यह समझने की कोशिश की कि माता-पिता का तनाव बच्चों के स्क्रीन इस्तेमाल से किस तरह जुड़ा हुआ है। स्टडी के नतीजे फैमिली रिलेशन्स जर्नल में प्रकाशित हुए हैं।
रिसर्च में सामने आया कि जिन माता-पिता में भावनात्मक तनाव ज्यादा था, वे बच्चों के स्क्रीन टाइम पर लगातार नियम लागू करने में अपेक्षाकृत कम सक्षम थे। वहीं, जिन माता-पिता को बच्चे के व्यवहार से ज्यादा परेशानी या दबाव महसूस होता था, वे मुश्किल परिस्थितियों में बच्चे को शांत कराने या व्यस्त रखने के लिए स्क्रीन का सहारा ज्यादा लेते थे।
स्टडी की प्रमुख लेखिका और एफआईयू की मनोविज्ञान की डॉक्टरेट छात्रा एनिड मोरेरा के मुताबिक, रिसर्च में सबसे महत्वपूर्ण बात यह सामने आई कि बच्चों के मीडिया इस्तेमाल से जुड़े फैसलों पर माता-पिता का अपना तनाव भी असर डालता है। इसलिए बच्चों के साथ-साथ माता-पिता को भी सहयोग देना जरूरी है।
शोधकर्ताओं का कहना है कि हर परिवार से सिर्फ यह कहना कि बच्चे का स्क्रीन टाइम कम कर दीजिए, हमेशा व्यावहारिक समाधान नहीं हो सकता। कई बार माता-पिता के लिए स्क्रीन किसी मुश्किल पल को संभालने का एक आसान जरिया होती है। ऐसे में सवाल यह होना चाहिए कि बच्चा स्क्रीन पर क्या देख रहा है और उसका असर कैसा है।
रिसर्चर्स का सुझाव है कि माता-पिता बच्चों की उम्र के हिसाब से ऐसा कंटेंट चुनें, जो उन्हें कुछ सिखाए, उनकी रुचि बढ़ाए और उनके विकास में मदद करे। साथ ही यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि स्क्रीन की वजह से बच्चे की नींद, खेलकूद, परिवार के साथ समय या पढ़ाई प्रभावित न हो।
अमेरिकन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स भी परिवारों को सिर्फ स्क्रीन के मिनट गिनने के बजाय कंटेंट की गुणवत्ता, रोजमर्रा की दिनचर्या और बच्चे के स्वस्थ विकास पर ध्यान देने की सलाह देती है।
विशेषज्ञों ने स्क्रीन इस्तेमाल को समझने के लिए 5 सी ऑफ मीडिया यूज पर ध्यान देने की भी सलाह दी है। पहला है चाइल्ड, यानी बच्चे की उम्र, स्वभाव और उसकी व्यक्तिगत जरूरतों को समझना। दूसरा है कंटेंट, यानी बच्चे के लिए उसकी उम्र के अनुसार सही, उपयोगी और दिलचस्प कंटेंट चुनना। तीसरा है काम, यानी यह देखना कि बच्चा हर बार परेशान या रोने पर स्क्रीन पर निर्भर तो नहीं हो रहा। चौथा है क्राउडिंग आउट, यानी स्क्रीन के कारण बच्चे की नींद, खेल-कूद, परिवार के साथ समय या दूसरी जरूरी गतिविधियां कम तो नहीं हो रही हैं। पांचवां है कम्युनिकेशन, यानी बच्चे से टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल को लेकर खुलकर बात करना।
शोधकर्ताओं का कहना है कि अगर किसी मुश्किल दिन में माता-पिता बच्चे को कुछ देर स्क्रीन दे देते हैं, तो इसका मतलब यह नहीं कि उन्होंने कोई बड़ी गलती कर दी। असली जरूरत यह है कि ऐसे इस्तेमाल को थोड़ा ज्यादा सोच-समझकर किया जाए।
सीनियर रिसर्चर शायला ग्रिफिथ के मुताबिक, जब माता-पिता के पास जरूरी संसाधन और सहयोग होता है, तो वे बच्चों के लिए बेहतर सीमाएं तय कर पाते हैं और उनके साथ ज्यादा सकारात्मक तरीके से जुड़ पाते हैं।
--आईएएनएस
पीआईएम/एएस
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'बुद्धि भ्रष्ट हो गई...', पति गोविंदा को रूमर्ड गर्लफ्रेंड संग देख भड़कीं सुनीता, 'चीटर नंबर वन' के टैग पर कही ये बात
Sunita Ahuja on Govinda: बॉलीवुड के हीरो नंबर 1 यानि गोविंदा पिछले साल से अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर चर्चा में है. एक्टर के अफेयर की चर्चाओं ने पूरे सोशल मीडिया पर खलबली मचाई हुई है. वहीं, उनकी पत्नी सुनीता आहूजा भी कई इंटरव्यूज में गोविंदा के अफेयर पर चुप्पी तोड़ चुकी हैं और एक्टर को तंज भी कसा है. वहीं, हाल ही में गोविंदा को रूमर्ड गर्लफ्रेंड संग स्पॉट किया गया, जिसे लेकर अब सुनीता ने फिर तीखी बयानबाजी की है.
गोविंदा पर भड़कीं सुनीता आहूजा
सुनीता आहूजा हो हाल ही में एक पैपराजी के साथ बातचीत करते देखा गया. इस दौरान पैप्स ने उनसे गोविंदा और एक्ट्रेस कोमल रानी स्वर्णकर के एयरपोर्ट वीडियो को लेकर सवाल किया गया. इसका जवाब में सुनीता ने कहा- 'यह कहावत सुना है कभी, विनाश काले विपरीत बुद्धि, बुद्धि भ्रष्ट हो गई है इसलिए ये सब करता है वो, क्या बोलूं अभी.' बता दें, कोमल रानी वहीं हैं, जिन्हें लेकर कहा जाता है कि गोविंदा और उनका अफेयर चल रहा है.
'चीटर नंबर वन' के टैग पर कही ये बात
इसके अलावा जब सुनीता से आगे गोविंदा को सोशल मीडिया पर 'चीटर नंबर वन' कहे जाने और ट्रोल किए जाने पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा- 'ये सवाल है मुझे गोविंदा के फैंस से पूछना है कि जब मैं बोल रही हूं कोई चीज तो सब मुझे ट्रोल करते हैं, अब मैं चाहती हूं कि गोविंदा के फैंस और मीडिया अब जवाब दे, मुझसे मत पूछो, मुझे कोई दिलचस्पी नहीं है. जब मैं सच बोलती हूं तब लोग मुझे गाली देते हैं. अब जो अपनी आंखों से देख रहे हैं, उन्हें पता होना चाहिए कि क्या मैं सही हूं या गोविंदा. अब इस बारे में मुझे कोई और बात ही नहीं करनी. भाड़ में जाएं सब.'
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कोमल रानी संग गोविंदा का वीडियो
बता दें, गोविंदा को हाल ही में मुंबई एयरपोर्ट पर स्पॉट किया गया था. एक्टर के साथ एक्ट्रेस कोमल रानी स्वर्णकर भी दिखाई दी जो लगातार उनके साथ चल रही थी. दोनों को एक साथ देखकर पैपराजी और सोशल मीडिया यूजर्स का ध्यान उनकी तरफ चला गया. वीडियो में गोविंदा ब्लैक डेनिम, व्हाइट शर्ट और ब्लैक जैकेट में नजर आ रहे हैं, जबकि कोमल व्हाइट आउटफिट में दिखाई दे रही हैं. वहीं, ये वीडियो वायरल होते ही गोविंदा और कोमल के अफेयर की चर्चा तेज हो गई है.
'कोमल' नाम से नफरत करती हैं सुनीता
गोविंदा के साथ एयरपोर्ट पर कोमल को देखकर सोशल मीडिया पर इसलिए भी चर्चा तेज हो गई क्योंकि सुनीता आहूजा पहले एक इंटरव्यू में 'कोमल' नाम का जिक्र कर चुकी हैं. जनवरी में मिस मालिनी के साथ बातचीत के दौरान सुनीता से गोविंदा के कथित एक्स्ट्रा-मैरिटल अफेयर को लेकर सवाल किया गया था. इस दौरान उन्होंने एक 'कोमल' नाम की लड़की का जिक्र किया था. सुनीता ने कथित तौर पर कहा था कि उन्हें इस नाम से ही नफरत है. यही वजह है कि कोमल और गोविंदा का नाम साथ जोड़ा जा रहा है.
सुनीता के बयानों पर किया रिएक्ट
वहीं, एक दिन पहले गोविंदा ने न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में सुनीता के बयानों पर रिएक्ट किया था. एक्टर ने कहा था कि कई बार अपने ही लोगों के बारे में बुरा बोलकर पॉपुलेरिटी हासिल करना आसान रास्ता बन जाता है. उन्होंने सवाल किया कि क्या सफलता हासिल करने के लिए अपने ही लोगों के बारे में बुरा बोलना जरूरी है? गोविंदा ने कहा कि सुनीता इस काम को काफी समझदारी से करती हैं. एक्टर के मुताबिक, सुनीता पहले चार अच्छी बातें बोलती हैं और उसके बाद कोई ऐसी बात कह देती हैं, जिसमें उनकी बुराई या शिकायत नजर आती है
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