बेजुबानों की जान बचाने आगे आए विदिशा कलेक्टर अंशुल गुप्ता, उफनती बेतवा नदी में फंसे कुत्तों का कराया रेस्क्यू
इंसान की संवेदनशीलता और बेजुबान प्राणियों के प्रति करुणा की एक अनोखी मिसाल मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में देखने को मिली है, जहां उफनती बेतवा नदी के बीच फंसे कुछ आवारा कुत्तों को बचाने के लिए प्रशासनिक अमला और आपदा प्रबंधन की टीम सक्रिय हो गई। विदिशा में पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण बेतवा नदी उफान पर है। नदी ने रौद्र रूप धारण कर लिया है और विदिशा-बासौदा में पानी पुल के ऊपर से बह रहा है।
वहीं इसी उफनती बेतवा नदी के बीचों-बीच प्रसिद्ध चरणतीर्थ मंदिर स्थित है। चारों तरफ से पानी से घिरे इस मंदिर तक आने-जाने का एकमात्र रास्ता बेतवा का जलस्तर बढ़ने के कारण पूरी तरह जलमग्न हो चुका है। इसी मंदिर परिसर में चार-पांच आवारा कुत्ते फंस गए थे।
मदद के लिए भौंक रहे थे बेजुबान
दरअसल जलस्तर लगातार बढ़ने की वजह से इन कुत्तों के पास बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं बचा था। संकट में घिरे ये बेजुबान जीव मदद के लिए लगातार रो रहे थे और लंबी-लंबी आवाजें निकालकर भौंक रहे थे। इसी दौरान कुछ संवेदनशील लोगों की नजर इन बेजुबान प्राणियों पर पड़ी। संकट में फंसे इन कुत्तों को देखकर उन लोगों के मन में करुणा जागी और उन्होंने तुरंत इस स्थिति का वीडियो बना लिया।
स्थानीय लोगों ने इस वीडियो को समाजसेवियों और पत्रकारों तक पहुंचाया। पत्रकारों और समाजसेवियों ने भी बिना किसी देरी के इस संवेदनशील मामले को गंभीरता से लिया और बेजुबानों की जान बचाने के लिए सक्षम प्रशासनिक अधिकारियों तक आवाज पहुंचाई।
मोटर बोट लेकर उफनती नदी में उतरी रेस्क्यू टीम
वहीं मामले की जानकारी मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों ने भी मानवीय संवेदनशीलता का परिचय दिया। उन्होंने इन बेजुबान जीवों के प्राणों के महत्व को समझते हुए बिना समय गंवाए उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के आदेश दिए। आदेश मिलते ही आपदा प्रबंधन की टीम हरकत में आ गई। जवान मोटर बोट लेकर उफनती बेतवा नदी के तेज बहाव के बीच उतर पड़े। आपदा प्रबंधन की टीम ने अपनी जान जोखिम में डालकर बेहद कठिन परिस्थितियों में रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
सभी कुत्तों को सुरक्षित बाहर निकाला
दरअसल अपनी कड़ी मेहनत, सूझबूझ और बेहतरीन कौशल के दम पर इन जांबाज जवानों ने चरणतीर्थ मंदिर में फंसे सभी कुत्तों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस तरह इंसान के सबसे वफादार साथी माने जाने वाले इन बेजुबान जीवों को संकट से सुरक्षित बचा लिया गया। यह रेस्क्यू ऑपरेशन मानवीय संवेदनाओं और कर्तव्यपरायणता का एक बेहतरीन उदाहरण है। इस पूरे घटनाक्रम में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाला हर व्यक्ति धन्यवाद का पात्र है।
भोपाल में भारी बारिश के बाद जलभराव पर जीतू पटवारी ने सरकार को घेरा, कहा “115 करोड़ भ्रष्टाचार की भेंट चढ़े”
मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भोपाल में हुई तेज बारिश के बाद शहर के कई इलाकों में जलभराव और प्रभावित जनजीवन को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने राजधानी में ड्रेनेज, नाला सफाई और सड़क मरम्मत पर किए गए खर्च का हवाला देते हुए सरकार से जवाब मांगा कि इतनी राशि लगने के बावजूद भारी बारिश में शहर की सड़कों, अंडरब्रिज और रिहायशी इलाकों में जलभराव की स्थिति क्यों बनी।
कांग्रेस नेता ने कहा कि भोपाल में हुई बारिश ने सरकार के विकास और जलनिकासी व्यवस्था से जुड़े दावों की पोल खोल दी है। उन्होंने कहा कि राजधानी में ड्रेनेज, नाला सफाई और सड़कों की मरम्मत पर करीब 115 करोड़ रुपये खर्च किए गए लेकिन बारिश के बाद कई प्रमुख मार्गों और अंडरब्रिज में पानी भर गया।
भोपाल में बारिश से अस्त व्यस्त हालात
भोपाल में 9-10 अगस्त के दौरान भारी बारिश हुई। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 24 घंटे की अवधि में शहर में लगभग 7 इंच बारिश दर्ज की गई, जो पिछले तीन वर्षों में सबसे ज्यादा एक-दिन की बारिश थी। इससे शहर का मौसमी बारिश घाटा तेजी से सरप्लस में बदल गया। बारिश के कारण शहर के 50 से अधिक इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी।
कोलार रोड, नारियलखेड़ा, शिव नगर, करोंद, बैरसिया रोड, गांधी नगर, होशंगाबाद रोड, अयोध्या बायपास, रायसेन रोड, बैरागढ़, निशातपुरा, सेमरा, शबरी नगर समेत कई क्षेत्रों में सड़कें पानी में डूब गईं। निचले इलाकों और कॉलोनियों में घरों में पानी घुसने की शिकायतें आईं। कुछ रिपोर्ट्स में सेमरा जैसे क्षेत्रों में सैकड़ों घरों के आसपास 5-6 फीट तक पानी और अन्य जगहों पर 2-3 फीट या उससे अधिक पानी भरने का जिक्र है। भोपाल-बैरसिया मार्ग पर ईंटखेड़ी पुल के ऊपर पानी आने से आवागमन प्रभावित हुआ।
बारिश के कारण प्रशासन ने स्कूलों में छुट्टी घोषित की। नगर निगम ने पंप लगाकर पानी निकालने का काम किया। कलेक्टर समेत अधिकारी निचले इलाकों का निरीक्षण करने पहुंचे। पूरे राज्य में भारी बारिश से नदियों-नालों में उफान आया, कुछ जगहों पर बचाव अभियान चलाए गए और दर्जनों लोगों को सुरक्षित निकाला गया। बड़े तालाब समेत कई डैमों का जलस्तर बढ़ा।
कांग्रेस ने सरकार को घेरा
जीतू पटवारी ने इस स्थिति पर सरकार और नगर निगम की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि राजधानी में मात्र 7 इंच बारिश ने विकास के दावों को झूठा साबित कर दिया। उन्होंने कहा कि ड्रेनेज, नाला सफाई और सड़क मरम्मत पर खर्च किए गए 115 करोड़ के बावजूद सड़कें, अंडरब्रिज आदि पानी में डूब गए। उन्होंने गणेश नगर और आसपास के इलाकों में घरों में पानी घुसने, बिजली कटौती और इंफ्रास्ट्रक्चर की खराब स्थिति का जिक्र किया। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि यह स्थिति प्रशासनिक नाकामी और भ्रष्टाचार का परिणाम है।
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