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थॉमस कप के सेमीफाइनल में भारत फ्रांस से हारा:चोट की वजह से लक्ष्य सेन नहीं खेले, श्रीकांत और प्रणय भी हारे

भारत की पुरुष बैडमिंटन टीम थॉमस कप के सेमीफाइनल में फ्रांस से हारकर बाहर हो गई। 2022 की चैंपियन भारतीय टीम 3-0 से हारी। इस मुकाबले में भारत का कोई खिलाड़ी मैच नहीं जीत सका। मैच से पहले ही लक्ष्य सेन को कोहनी की चोट के कारण बाहर बैठना पड़ा, जो टीम के लिए बड़ा झटका था। फ्रांस ने टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन जारी रखा। उसने ग्रुप स्टेज में 14 बार की चैंपियन इंडोनेशिया को हराने के बाद भारत को भी एकतरफा मुकाबले में हराया। लक्ष्य सेन कोहनी की चोट के कारण बाहर रहे क्वार्टर फाइनल मैच के दौरान लक्ष्य सेन को दाहिनी कोहनी में चोट लग गई थी। मैच के दौरान कई बार डाइव लगाने की वजह से उनकी कोहनी में सूजन आ गई थी। भारतीय बैडमिंटन संघ (BAI) के महासचिव संजय मिश्रा ने बताया कि मेडिकल स्टाफ की सलाह पर एहतियात के तौर पर उन्हें आराम दिया गया ताकि वे गंभीर चोट से बच सकें। उनकी गैरमौजूदगी में भारत की चुनौती कमजोर पड़ गई। आयुष शेट्टी को क्रिस्टो पोपोव ने 39 मिनट में हराया मुकाबले की शुरुआत में आयुष शेट्टी का सामना क्रिस्टो पोपोव से हुआ। पोपोव ने शुरू से ही मैच पर दबदबा बनाए रखा और नेट पर शानदार खेल दिखाया। उन्होंने आयुष को 21-11, 21-9 से हराकर फ्रांस को 1-0 की बढ़त दिला दी। 39 मिनट तक चले इस मैच में आयुष कहीं भी टिकते नजर नहीं आए। कल अपना 21वां जन्मदिन मनाने जा रहे आयुष ने हार के बाद कहा, "क्रिस्टो आज काफी बेहतर खेल रहे थे। उनकी स्पीड और गेम प्लान ने मुझे दबाव में डाल दिया।" किदांबी श्रीकांत और एचएस प्रणय भी नहीं दिला पाए जीत दूसरे मैच में किदांबी श्रीकांत का मुकाबला एलेक्स लानियर से था। श्रीकांत ने लड़ने की कोशिश की, लेकिन लानियर ने सीधे गेम में 21-18, 21-16 से जीत दर्ज कर फ्रांस की बढ़त 2-0 कर दी। इसके बाद 'डू और डाई' मुकाबले में एचएस प्रणय कोर्ट पर उतरे। उनका मुकाबला टोमा जूनियर पोपोव से था। प्रणय ने मैच की अच्छी शुरुआत की थी, लेकिन अंत में वे अपनी लय बरकरार नहीं रख पाए और 19-21, 16-21 से मैच हार गए। इसके साथ ही भारत का सफर सेमीफाइनल में खत्म हो गया। उबर कप: साउथ कोरिया और चीन के बीच होगा फाइनल महिलाओं के उबर कप टूर्नामेंट में साउथ कोरिया ने फाइनल में जगह बना ली है, जहां उनका मुकाबला चीन से होगा। सेमीफाइनल में साउथ कोरिया ने इंडोनेशिया को 3-1 से मात दी। वहीं, दूसरे सेमीफाइनल में चीन ने जापान को 3-0 से हराकर फाइनल का टिकट कटाया।

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Ashok Gehlot Birthday: कैसे बने 'राजनीति के जादूगर'? 3 बार Rajasthan के CM बनने की कहानी

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत आज यानी की 03 मई को अपना 75वां जन्मदिन मना रहे हैं। शांत स्वभाव, मजबूत इरादे, मजाकिया अंदाज और गंभीर सोच रखने वाले अशोक गहलोत कांग्रेस के दिग्गज नेताओं में शामिल हैं। वह गांधी परिवार के बेहद करीबी माने जाते हैं। उनके राजनीतिक जीवन की बात करें तो वह 5 बार सांसद, 3 बार केंद्रीय मंत्री, 3 बार प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष, 2 बार कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव, 5 बार विधायक और 3 बार राजस्थान के सीएम रह चुके हैं।

जन्म और शिक्षा

राजस्थान के जोधपुर में 03 मई 1951 को अशोक गहलोत का जन्म हुआ था। उन्होंने 12वीं तक पढ़ाई पूरी करने के बाद व्यास यूनिवर्सिटी में एडमिशन ले लिया। अशोक गहलोत ने यूनिवर्सिटी में विज्ञान संकाय और कानून से ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की। फिर स्नातक करने के बाद गहलोत ने अर्थशास्त्र में मास्टर की डिग्री हासिल की।

सियासी सफर

कॉलेज के दिनों से गहलोत ने छात्र राजनीति से अपने राजनीतिक जीवन की शुरूआत की। फिर साल 1973 में वह एनएसयूआई में शामिल हो गए थे। फिर साल 1973 से 1979 तक वह NSUI राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष रहे। इसके बाद साल 1979 से 1982 तक वह जोधपुर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रहे। इस दौरान गहलोत की उम्र 26 साल की थी, जब उन्होंने सरदारशहर से चुनाव लड़ा था। लेकिन इस दौरान उनको हार का सामना करना पड़ा था।

फिर साल 1980 में कांग्रेस ने उनको उम्मीदवार बनाया और गहलोत ने जीत हासिल की। फिर साल 1984, 1991, 1996 और 1998 तक लगातार 5 बार गहलोत सांसद चुने गए। कांग्रेस पार्टी नीत केंद्र सरकार में गहलोत कई अहम मंत्रिमंडल में शामिल थे। इसके अलावा उन्होंने कई अहम जिम्मेदारियों का निर्वहन भी किया।

राजनीति के जादूगर

अशोक गहलोत को राजनीति का जादूगर भी कहा जाता है और उन्होंने कई मौके पर यह साबित भी किया है। गहलोत के खिलाफ राजनीति कितनी ही हो, लेकिन वह उससे पार पाना जानते हैं। साल 1998 में कांग्रेस को राजस्थान में 158 सीटें मिली थी। वहीं अशोक गहलोत को सीएम पद के लिए चुना गया। साल 1998 में वह पहली बार राज्य के सीएम बने। फिर 2008 में एक बार फिर कांग्रेस को बहुमत मिला और दूसरी बार गहलोत को सीएम चुना गया। इसके बाद साल 2018 में एक बाद फिर अशोक गहलोत सीएम बने।

हालांकि गहलोत का राजनीतिक जीवन आसान नहीं था। एक ओर उनको विरोधी दलों के खिलाफ लड़ाई लड़नी थी, तो वहीं दूसरी ओर पार्टी के भीतर भी राजनीति से कई बार जूझना पड़ा। वहीं कई ऐसे मौके भी आए, जहां पर लगा कि गहलोत का राजनीतिक सफर खतरे में है। लेकिन राजनीति के जादूगर ने सब संभाल लिया।

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  Sports

IPL 2026 Final: बेंगलुरु में फाइनल नहीं खेल पाएगी RCB? इस वजह से BCCI छीन लेगी खिताबी मैच

IPL के पिछले कई सालों की परंपरा को देखते हुए इस बार फाइनल का आयोजन बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में होना चाहिए. मगर एक ऐसा मसला है, जिसके चलते BCCI इस बार ये परंपरा तोड़ सकती है. Tue, 05 May 2026 20:00:06 +0530

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