Horses Painting Direction: दौड़ते घोड़े की पेंटिंग लगाने की क्या है सही दिशा? जानें सही डायरेक्शन
Horses Painting Direction: घर की सजावट आज सिर्फ सौंदर्य तक सीमित नहीं रह गई है। लोग अब ऐसी चीजों को प्राथमिकता देते हैं जो माहौल में सकारात्मक ऊर्जा और तरक्की की भावना लाएं। इसी वजह से दौड़ते हुए सात घोड़ों की पेंटिंग को खास महत्व दिया जाता है। यह पेंटिंग अक्सर घरों, ऑफिस और दुकानों में देखने को मिलती है, लेकिन इसे सही दिशा और स्थान पर लगाना उतना ही जरूरी है जितना इसे चुनना।
क्यों खास मानी जाती है सात घोड़ों की पेंटिंग
वास्तु शास्त्र के अनुसार सात घोड़े गति, शक्ति और निरंतर प्रगति के प्रतीक माने जाते हैं। ये जीवन में आगे बढ़ते रहने और लक्ष्य की ओर फोकस बनाए रखने का संदेश देते हैं। मनोवैज्ञानिक रूप से भी ऐसी गतिशील तस्वीरें व्यक्ति के सोचने के तरीके पर असर डालती हैं और उसे अधिक प्रेरित व सक्रिय बना सकती हैं।
किस दिशा में लगाना होता है सही
सात घोड़ों की पेंटिंग लगाने के लिए घर की पूर्व या दक्षिण दिशा को बेहतर माना जाता है। पूर्व दिशा को नई शुरुआत और सकारात्मक ऊर्जा का स्रोत माना जाता है, जबकि दक्षिण दिशा को करियर और उपलब्धियों से जोड़ा जाता है। इन दिशाओं में पेंटिंग लगाने से घर या कार्यस्थल में प्रगति और स्थिरता का माहौल बन सकता है।
घर के किस हिस्से में लगाएं
इस पेंटिंग को लिविंग रूम या ड्रॉइंग रूम में लगाना सबसे उपयुक्त माना जाता है। यह घर का वह हिस्सा होता है जहां सभी लोग एकत्रित होते हैं, इसलिए यहां लगी सकारात्मक ऊर्जा पूरे घर में फैलती है। बेडरूम, किचन या पूजा स्थल में इसे लगाने से बचना चाहिए, क्योंकि वहां इसकी ऊर्जा संतुलित नहीं मानी जाती।
कैसी होनी चाहिए पेंटिंग
पेंटिंग चुनते समय कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। सभी घोड़े एक ही दिशा में दौड़ते हुए दिखने चाहिए। उनकी मुद्रा ऊर्जावान और संतुलित होनी चाहिए। अगर तस्वीर में घोड़े बिखरे हुए या अलग-अलग दिशा में नजर आते हैं, तो वह सकारात्मक प्रभाव कम कर सकती है। साफ, स्पष्ट और जीवंत रंगों वाली पेंटिंग को प्राथमिकता दें।
इन बातों का रखें विशेष ध्यान
- टूटी या फटी हुई पेंटिंग कभी न लगाएं
- पेंटिंग को साफ-सुथरी और रोशनी वाली जगह पर रखें
- घोड़ों का मुख घर के अंदर की ओर होना चाहिए
- बहुत ऊंचाई या बहुत नीचे लगाने से बचें, आंखों के स्तर पर लगाना बेहतर रहता है
सात घोड़ों की पेंटिंग केवल सजावट का हिस्सा नहीं है, बल्कि इसे सकारात्मक ऊर्जा और प्रेरणा का प्रतीक माना जाता है। सही दिशा और स्थान पर लगाने से यह आपके जीवन में आत्मविश्वास, प्रगति और उत्साह को बढ़ावा दे सकती है। वहीं गलत तरीके से लगाने पर इसका प्रभाव कम हो सकता है, इसलिए छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी सिर्फ धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। हरिभूमि.कॉम इसकी पुष्टि नहीं करता है।
3 May 2026 Panchang: आज नारद जयंती, जानें मुहूर्त, राहुकाल और आज का पूरा पंचांग
3 May 2026 Ka Panchang: हिंदू पंचांग के अनुसार, 3 मई 2026, रविवार का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आज ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि है, जो रात 3 बजकर 2 मिनट तक रहेगी। इसके बाद तृतीया तिथि शुरू हो जाएगी। यहां जानें ज्योतिषाचार्य डॉक्टर मनीष गौतम जी महाराज से आज के दिन का पंचांग, सूर्य, चंद्रमा की स्थिति और शुभ-अशुभ समय।
आज के दिन देवर्षि नारद जयंती मनाई जाएगी। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार देवर्षि नारद को ब्रह्मा के मानस पुत्रों में प्रमुख स्थान प्राप्त है। उन्हें देवताओं और मनुष्यों के बीच संवाद का सेतु माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन नारद मुनि की पूजा और भक्ति से ज्ञान, बुद्धि और वाणी में मधुरता आती है।
तिथि, योग और नक्षत्र
3 मई को द्वितीया तिथि देर रात तक बनी रहेगी, जिससे दिन का अधिकांश समय शुभ कार्यों के लिए उपयोगी माना जा सकता है। इस दिन रात 10 बजकर 28 मिनट तक वरियान योग रहेगा। यह योग सामान्यतः सकारात्मक परिणाम देने वाला माना जाता है, विशेषकर मानसिक शांति और योजनाओं की सफलता के लिए। इसके साथ ही अनुराधा नक्षत्र पूरे दिन और रात में बना रहेगा, जो अगले दिन सुबह 9 बजकर 58 मिनट तक रहेगा। यह नक्षत्र मित्रता, सहयोग और संतुलन का प्रतीक माना जाता है। इस दौरान किए गए कार्य स्थिरता और अच्छे संबंधों को बढ़ावा देते हैं।
व्रत और पर्व
आज देवर्षि नारद जयंती का पर्व मनाया जाएगा। श्रद्धालु इस अवसर पर पूजा-अर्चना करते हैं और भजन-कीर्तन के माध्यम से भगवान की भक्ति करते हैं।
शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:40 से 5:25 तक
- अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:10 से 1:01 तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 2:44 से 3:36 तक
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 7:00 से 7:23 तक
- त्रिपुष्कर योग: सुबह 6:10 से 7:10 तक
राहुकाल
- दिल्ली: शाम 5:18 से 6:57 तक
- मुंबई: शाम 5:25 से 7:01 तक
- चंडीगढ़: शाम 5:22 से 7:02 तक
- लखनऊ: शाम 5:01 से 6:40 तक
- भोपाल: शाम 5:11 से 6:49 तक
- कोलकाता: शाम 4:26 से 6:04 तक
- अहमदाबाद: शाम 5:30 से 7:07 तक
- चेन्नई: दोपहर बाद 3:19 से 4:48 तक
सूर्योदय और सूर्यास्त
- सूर्योदय: सुबह 5:38 बजे
- सूर्यास्त: शाम 6:57 बजे
3 मई 2026 का दिन धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। द्वितीया तिथि, वरियान योग और अनुराधा नक्षत्र का संयोग इसे संतुलन और सकारात्मकता से भरपूर बनाता है। साथ ही देवर्षि नारद जयंती के कारण यह दिन भक्ति, ज्ञान और संवाद के महत्व को भी उजागर करता है। उचित मुहूर्त में किए गए कार्य सफलता दिला सकते हैं, जबकि राहुकाल से बचना लाभकारी रहेगा।
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