अगस्त में गुड़हल नहीं दे रहा फूल? ये 5 काम करते ही हर टहनी पर फूटेंगी नई कलियां
Flowering tips : अगस्त में गुड़हल के पौधे की अच्छी ग्रोथ के लिए सही देखभाल बेहद जरूरी है. बारिश के मौसम में पौधे को ज्यादा पानी देने से बचें और गमले में जलभराव न होने दें. गुड़हल को रोज कुछ घंटे पर्याप्त प्राकृतिक रोशनी मिलनी चाहिए, क्योंकि कम रोशनी में फूल कम आ सकते हैं. सूखी और कमजोर टहनियों की हल्की छंटाई करने से नई शाखाओं के विकास में मदद मिलती है. पौधे की मिट्टी में वर्मी कम्पोस्ट या अच्छी तरह सड़ी जैविक खाद सीमित मात्रा में डालें. मिट्टी गीली होने पर पानी न दें. सही धूप, खाद, पानी और छंटाई से अगस्त में गुड़हल पर नई कलियां आने की संभावना बढ़ सकती है.
मध्य प्रदेश मौसम अपडेट: मानसून सक्रिय, राजगढ़-रतलाम समेत 10 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, भोपाल-आगर मालवा के स्कूलों में छुट्टी
मध्य प्रदेश में लगातार हो रही बारिश से नदी-नाले उफान पर आ गए और सड़कों पर जलभराव की स्थिति बन गई। जलस्तर बढ़ने से उमरिया के जोहिला डैम के 5 गेट और आगर-मालवा के कुंडलिया डैम के 4 गेट खोल दिए गए हैं। भोपाल के कलियासोत व केरवा और सीहोर के कोलार बांध में भी पानी तेजी से बढ़ रहा है।
राजगढ़ के ब्यावरा में तो रेलवे अंडरपास में पानी भरने से करीब 25 गांवों का संपर्क टूट गया। विदिशा में बाढ़ के पानी में फंसे 17 लोगों को बचाव दल ने सुरक्षित बाहर निकाला। फिलहाल मानसून की सक्रियता के चलते 14-15 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रहने वाला है।
आज, मंगलवार को 10 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं 45 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश, वज्रपात और 30-40 किमी/घंटा झोकेदार हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। अगले 24 घंटे में नए कम दबाव के क्षेत्र के बनने से बारिश की गतिविधियों में और तेजी देखने को मिल सकती है। आज भोपाल और आगर-मालवा में स्कूलों में अवकाश घोषित की गई है।
मंगलवार को कहां-कहां होगी बारिश
- भारी बारिश: राजगढ़, अलीराजपुर, रतलाम, आगर, मंदसौर, नीमच, गुना, शिवपुरी, मुरैना और श्योपुरकलां ।
- झंझावत, वज्रपात, झोकेदार हवाएं 30-40 किमी/घंटा: भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, झाबुआ, धार, इंदौर, उज्जैन, देवास, शाजापुर, अशोकनगर, ग्वालियर, दतिया, भिंड, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर और पांढुर्णा जिलों में कहीं-कहीं 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।
मध्य प्रदेश में अब भी सामान्य से 15% कम बारिश
- 1 जून से 10 अगस्त 2026 के बीच मध्य प्रदेश में अब तक औसत से करीब 15 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है।
- अब तक औसतन 19 इंच ( 483 मिमी) बारिश हुई है जबकी इस अवधि में 22.5 इंच ( 571.4 मिमी) बारिश होनी चाहिए थी।
- पूर्वी मध्य प्रदेश औसत से 18% और पश्चिमी मध्य प्रदेश औसत से 13% कम पानी गिरा है।
- प्रदेश के 55 में से 48 जिलों में सामान्य से कम पानी गिरा है।
- जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग के कई जिलों में स्थिति अभी भी चिंताजनक है।
- भोपाल, गुना, सीहोर, ग्वालियर, अनूपपुर, भिंड, बुरहानपुर, देवास और खरगोन में सामान्य से ज्यादा पानी गिरा है।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News18
Mp Breaking News








