Khudiram Bose को Yogi Adityanath ने दी श्रद्धांजलि, त्याग को बताया राष्ट्र प्रेरणा
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वतंत्रता सेनानी खुदीराम बोस की उनकी पुण्यतिथि पर मंगलवार को श्रद्धांजलि दी। खुदीराम बोस को ब्रिटिश सरकार ने 11 अगस्त 1908 को फांसी दे दी थी। आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर अपने एक संदेश में कहा, ‘‘मां भारती के वीर सपूत, महान क्रांतिकारी खुदीराम बोस की पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि।’’ मुख्यमंत्री ने इसी पोस्ट में कहा कि ‘‘बोस ने मातृभूमि की मुक्ति के महायज्ञ में मात्र 18 वर्ष की अल्पायु में स्वयं को समर्पित कर संपूर्ण देश को अंग्रेजों के विरुद्ध जागृत किया और उनका त्याग, तेज और तप प्रत्येक भारतीय को ‘राष्ट्र प्रथम ’ के पथ पर चलने की प्रेरणा देता रहेगा।’’ उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी ‘एक्स’ पर अपने संदेश में कहा, ‘‘देश की स्वाधीनता के महायज्ञ में अपने प्राणों की आहुति देने वाले महान क्रांतिकारी अमर शहीद खुदीराम बोस जी के बलिदान दिवस पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि!’’ उन्होंने कहा कि बोस का सर्वोच्च बलिदान और राष्ट्र के प्रति अगाध प्रेम हर देशवासी के हृदय में सदैव देशभक्ति की अलख जगाता रहेगा।
खुदीराम बोस का जन्म तीन दिसंबर 1889 को मेदिनीपुर (अब पश्चिम बंगाल के पश्चिम मेदिनीपुर) में हुआ था। वह ब्रिटिश राज के दौरान फांसी पर चढ़ने वाले सबसे कम उम्र के स्वतंत्रता सेनानी थे। बोस को मुजफ्फरपुर के तत्कालीन मजिस्ट्रेट डगलस किंग्सफोर्ड की हत्या की कोशिश के लिए मौत की सजा सुनाई गई थी।
बोस और उनके साथी प्रफुल्ल चाकी ने उस गाड़ी पर बम फेंका था, जिसमें उन्हें शक था कि ब्रिटिश न्यायाधीश यात्रा कर रहे थे। इस घटना में दो ब्रिटिश महिलाओं की मौत हो गई थी।
CAG report ने Bengaluru Metro में भूमि अधिग्रहण व वित्तीय प्रबंधन की खामियां उजागर कीं
भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने बेंगलुरु मेट्रो रेल परियोजना में योजना, भूमि अधिग्रहण, परियोजना क्रियान्वयन, वित्तीय प्रबंधन और परिचालन से जुड़ी खामियों को उजागर किया है। इसमें यात्रियों की संख्या का अधिक अनुमान लगाने और भूमि अधिग्रहण पर काफी अधिक खर्च होने का भी उल्लेख किया गया है। बेंगलुरु मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीएमआरसीएल) द्वारा परियोजना के पहले और दूसरे चरण के क्रियान्वयन पर वर्ष 2026 की प्रदर्शन ऑडिट रिपोर्ट नंबर-7 सोमवार को संसद में पेश की गई।
बीएमआरसीएल केंद्र सरकार और कर्नाटक सरकार का 50 अनुपात 50 हिस्सेदारी वाला संयुक्त उपक्रम है। बेंगलुरु मेट्रो के चरण-1 का वाणिज्यिक परिचालन अक्टूबर 2011 से चरणबद्ध तरीके से शुरू हुआ था और जून 2017 तक यह 42.30 किलोमीटर के पूरे नेटवर्क पर चालू हो गया। चरण-2 का संचालन जनवरी 2021 से मार्च 2023 के बीच 27.36 किलोमीटर हिस्से पर आंशिक रूप से शुरू हुआ, जबकि शेष हिस्से को दिसंबर 2026 तक पूरा करने की योजना है।
ऑडिट में चरण-1 और चरण-2 की योजना, क्रियान्वयन, निगरानी और परिचालन की समीक्षा की गई। इसमें चरण-2ए और चरण-2बी को शामिल नहीं किया गया क्योंकि इनकी शुरुआत बाद में हुई थी। यह समीक्षा परियोजना की शुरुआत से मार्च 2021 तक की अवधि पर आधारित है, जबकि दिये गए ठेके की भौतिक और वित्तीय प्रगति की समीक्षा मार्च 2023 तक की गई।
कैग की रिपोर्ट में कहा गया कि चरण-2 की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) व्यापक परिवहन योजना, ट्रांजिट आधारित विकास और भूमि उपयोग नीति के बिना तैयार की गई थी। भूमि प्रबंधन के मामले में कैग ने कहा कि चरण-1 के लिए बीएमआरसीएल ने अनुमानित 45.24 हेक्टेयर के मुकाबले 62.67 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया। वहीं, चरण-2 के लिए अनुमानित 165.09 हेक्टेयर के मुकाबले 145.16 हेक्टेयर भूमि अधिगृहित की गई।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि बीएमआरसीएल ने कृषि भूमि के लिए या तो गैर-कृषि भूमि की दरों को अपनाया या कृषि भूमि में ऐसी खूबियां जोड़ दीं जो परिवर्तित भूमि पर लागू होते थे। इसके परिणामस्वरूप भूमि स्वामियों को मुआवजे के रूप में 294.72 करोड़ रुपये का अधिक भुगतान किया गया। कैग ने कम यात्री संख्या के लिए बीएमटीसी के साथ समन्वय में कमी , ‘अंतिम छोर तक संपर्क का अभाव और पर्याप्त पार्किंग सुविधाओं के अभाव जैसे कारणों को जिम्मेदार ठहराया।
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