Responsive Scrollable Menu

पृथ्वी ही नहीं अन्य ग्रहों पर भी है ज्वालामुखी, जानें कैसे बनते और क्यों है खतरनाक

नई दिल्ली, 2 मई (आईएएनएस)। ज्वालामुखी प्रकृति के सर्वाधिक शक्तिशाली और विनाशकारी स्वरूपों में से एक है। भू-वैज्ञानिक दृष्टि से, यह पृथ्वी या किसी ग्रह की सतह पर स्थित वह मुख या द्वार होता है, जिससे आंतरिक भाग में मौजूद लावा बाहर निकलता है। जब यह तप्त मैग्मा और गैसें तीव्र दबाव के साथ धरातल पर आती हैं, तो इस प्रक्रिया को ज्वालामुखी विस्फोट कहा जाता है।

यह विस्फोट कभी जोरदार होता है तो कभी शांत। ज्वालामुखी वाले क्षेत्र आमतौर पर पहाड़ का रूप ले लेते हैं। ये चट्टानों, राख और दूसरे पदार्थों की कई परतों से बनते हैं। ज्वालामुखी तीन प्रकार के होते हैं- सक्रिय, सुप्त और विलुप्त। सक्रिय ज्वालामुखी हाल ही में फटे होते हैं या जल्दी फटने की आशंका रहती है। सुप्त ज्वालामुखी अभी शांत हैं लेकिन भविष्य में फट सकते हैं। विलुप्त ज्वालामुखी फिर कभी फटने की संभावना नहीं रखते।

पृथ्वी पर ज्वालामुखी मुख्य रूप से तीन कारणों से बनते हैं। पहला कारण टेक्टोनिक प्लेट्स का आपस में अलग होना है। जब प्लेट्स दूर जाती हैं तो उनके बीच खाली जगह बनती है, जिसमें मैग्मा या जमीन के अंदर का गर्म तरल पदार्थ ऊपर आ जाता है। इससे अक्सर समुद्र के अंदर ज्वालामुखी बनते हैं। दूसरा कारण प्लेट्स का आपस में टकराना है। जब एक प्लेट दूसरी के नीचे दब जाती है तो भारी गर्मी और दबाव से चट्टानें पिघलकर मैग्मा बन जाती हैं और ऊपर की ओर बढ़ती हैं।

तीसरा कारण हॉट स्पॉट है। पृथ्वी के अंदर कुछ जगहें बहुत गर्म होती हैं। ये गर्मी मैग्मा को हल्का बनाकर ऊपर धकेलती है। जब मैग्मा पृथ्वी की सतह पर पहुंचता है तो उसे लावा कहते हैं। विस्फोट के साथ राख, गैस और पत्थर भी बाहर निकलते हैं। कभी-कभी यह इतना जोरदार होता है कि राख आसमान में बहुत ऊंचाई तक जाती है।

ज्वालामुखी सिर्फ पृथ्वी तक सीमित नहीं हैं। हमारे सौर मंडल में दूसरे ग्रहों और चंद्रमाओं पर भी ज्वालामुखी मौजूद हैं। शुक्र और मंगल ग्रह पुराने ज्वालामुखियों से भरे पड़े हैं। बृहस्पति, शनि और नेपच्यून के कुछ चंद्रमाओं पर अभी भी सक्रिय ज्वालामुखी फट रहे हैं।

अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा के अंतरिक्ष यानों ने इनकी तस्वीरें भी खींची हैं। ज्वालामुखी विस्फोट बेहद खतरनाक होते हैं। ये आसपास के इलाकों को राख से ढक देते हैं, फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं और कई बार जान-माल की हानि का कारण बनते हैं। लेकिन इसके फायदे भी हैं। ज्वालामुखी की राख से मिट्टी उपजाऊ बनती है और नए भू-भाग बनते हैं। वैज्ञानिक लगातार ज्वालामुखियों पर नजर रखते हैं ताकि समय रहते खतरे की चेतावनी दी जा सके।

--आईएएनएस

एमटी/एएस

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Continue reading on the app

भारत-बांग्लादेश भिड़ गए! कार्यवाहक उच्चायुक्त को तलब कर ढाका ने किस बात का विरोध जताया?

अभी-अभी भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में गर्मजशी लौटी थी। अभी-अभी भारत और बांग्लादेश एक दूसरे के साथ मिलकर काम करने में दिलचस्पी दिखा रहे थे और यही वजह है कि भारत की सरकार ने अपने बेहद विश्वसनीय व्यक्ति को बांग्लादेश में उच्चायुक्त के तौर पर भेजा। लेकिन ऐसा लगता है कि कुछ ऐसे मुद्दे हैं जिसे लेकर बांग्लादेश और भारत के बीच में टकराव खत्म होने का नाम नहीं ले रहा। तभी तो खबर यह आई है कि बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने भारत के कार्यवाहक उच्चायुक्त पवन बधे को तलब करके कुछ मामलों पर अपना औपचारिक विरोध दर्ज किया है। दरअसल यह विरोध असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के कुछ टिप्पणियों को लेकर है जिसे लेकर बांग्लादेश ने आपत्ति जताई थी। 

इसे भी पढ़ें: India-Bangladesh रिश्तों में तल्खी! असम CM के बयान पर Dhaka ने जताई कड़ी आपत्ति, भेजा समन।

विदेश मंत्रालय की दक्षिण एशिया महानिदेशक ईश्वरत जहां ने बताया कि भारतीय राजनयिक को बांग्लादेश का रुख स्पष्ट किया गया है। यूएनबी न्यूज़ सेवा के हवाले से एक अधिकारी ने यह जानकारी दी है कि भारत के सामने बांग्लादेश ने अपना विरोध दर्ज कराया है। बताया जाता है कि असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने बीते हफ्ते सोशल मीडिया पर यह पोस्ट किया कि असम में 20 विदेशी नागरिकों को पकड़ा गया और बांग्लादेश वापस भेज दिया गया। बताया जाता है कि यह अवैध बांग्लादेशी थे जिन्हें पुशबैक किया गया। ईश्वर जहां ने भारतीय राजनिक से यह कहा है कि ऐसी टिप्पणियां दोनों देशों के बीच जो मैत्रीपूर्ण संबंध हैं उसकी भावना को कमजोर कर देती हैं। सूत्र कहते हैं क्राधिकारी ने शर्मा की टिप्पणी को बांग्लादेश भारत संबंधों के लिए अपमानजनक बताया और ढाका की नाराजगी व्यक्त की है। 

इसे भी पढ़ें: Pakistan के नए Test Coach बने Sarfaraz Ahmed, कहा- तकनीक बाद में, पहले भरोसा जरूरी

बताया गया है कि बांग्लादेश ने भारत से यह गुजारिश की है कि संवेदनशील द्विपक्षीय मुद्दों पर संयम बरता जाए और बेहद चौकन्ना होकर टिप्पणी की जाए। कुल मिलाकर देखा जाए तो अवैध घुसपैठियों का मामला हमेशा से ही भारत और बांग्लादेश के बीच में गरमाया रहा है। और ऐसे में जब बांग्लादेश में अब नई सरकार है वो भी चाहती है कि बांग्लादेश के घुसपैठ का मुद्दा बिल्कुल सार्वजनिक टेबल पर ना रखकर अंदर खाने बातचीत की जाए। यही वजह है कि असम के मुख्यमंत्री ने जब इस मुद्दे को लेकर जानकारी दी तो बांग्लादेश ने अपनी आपत्ति व्यक्त की है। कुल मिलाकर देखा जाए तो शेख हसीना के तख्तापलट के बाद यूनुस ने भरपूर तरीके से भारत के साथ रिश्ते खराब करने में अपनी भूमिका निभाई और भारत और बांग्लादेश के रिश्तों को न्यूनतम स्तर पर पहुंचा दिया। 

Continue reading on the app

  Sports

Rajasthan Cricket Team की शानदार शुरुआत, 226 रन के बावजूद डिफेंड करने में चूक

Rajasthan Cricket Team ने 2026 के सीजन में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन 226 रन बनाने के बाद भी टारगेट डिफेंड नहीं कर पाए. ओपनर और मिडिल ऑर्डर ने शानदार बैटिंग की, पर गेंदबाजी में सुधार की जरूरत है. #RajasthanCricket #Cricket2026 #SportsNews Sat, 2 May 2026 17:12:18 +0530

  Videos
See all

Congress Vs Himanta : "सबसे भ्रष्ट CM हैं हिमंता..." | #shorts #bidishaneog #himantabiswasarma #tmktech #vivo #v29pro
2026-05-02T11:47:01+00:00

Viral Video: Viral Video ने खोली पोल #shortsvideo #schoolvideo #schoolnews #education #india #tmktech #vivo #v29pro
2026-05-02T11:45:04+00:00

इन लोगों का LPG कनेक्‍शन हो सकता है बंद #shortsvideo #lpgcylinder #viralvideo #tmktech #vivo #v29pro
2026-05-02T11:45:13+00:00

China On US-Iran War: America-Iran Ceasefire और होर्मुज पर China का बड़ा बयान | Strait Of Hormuz #tmktech #vivo #v29pro
2026-05-02T11:46:00+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers