प्रेग्नेंसी में क्यों जरूरी है योगासन? आयुष मंत्रालय ने बताए अनगिनत फायदे
नई दिल्ली, 2 मई (आईएएनएस)। गर्भावस्था एक महिला के जीवन में बदलाव, शक्ति और नई शुरुआत का खूबसूरत सफर है। इस दौरान मां की सेहत का खास ख्याल रखना जरूरी है क्योंकि मां स्वस्थ रहेगी तो बच्चा भी स्वस्थ रहेगा। भारत सरकार का आयुष मंत्रालय गर्भवती महिलाओं को योग करने की सलाह देता है। योग न सिर्फ शारीरिक बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी बेहद फायदेमंद है।
प्रेग्नेंसी के दौरान योग करने से कई समस्याएं कम हो जाती हैं। आमतौर पर महिलाओं को पीठ दर्द, सिरदर्द, मतली और सांस लेने में तकलीफ होती है। नियमित योग इन परेशानियों को काफी हद तक कम कर देता है। योग आसनों से शरीर में लचीलापन आता है, मांसपेशियां मजबूत होती हैं और प्रसव के समय जरूरी ताकत और सहनशक्ति मिलती है। योग नींद की गुणवत्ता भी सुधारता है। गर्भावस्था में कई महिलाएं नींद की समस्या से जूझती हैं। योग से गहरी और आरामदायक नींद आती है। साथ ही यह स्ट्रेस और एंग्जायटी को कम करने में बहुत मदद करता है।
प्रेग्नेंसी के दौरान तनाव का होना आम है, लेकिन योग से मन शांत रहता है और मां बच्चे से गहरा भावनात्मक जुड़ाव महसूस करती है। आयुष मंत्रालय के अनुसार, योग मां का पालन-पोषण करता है ताकि वह आने वाले बच्चे का अच्छे से पालन-पोषण कर सके। यह मां को शांत, संतुलित और ऊर्जावान बनाए रखता है। गर्भावस्था के हर पड़ाव पर योग मां को शारीरिक और मानसिक रूप से तैयार करता है।
मदर्स डे (10 मई) के अवसर पर आयुष मंत्रालय ने खास अपील की है कि हर गर्भवती मां योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करे। मंत्रालय का कहना है कि “मां का पहला तोहफा सेहत है”। वह योग अपनाकर खुद को स्वस्थ रख सकती है और बच्चे को भी स्वस्थ जीवन दे सकती है।
योग के आसान और सुरक्षित आसन गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष रूप से डिजाइन किए गए हैं। इन्हें डॉक्टर या योग विशेषज्ञ की सलाह से करना चाहिए। सही तरीके से किए गए योग से न सिर्फ प्रसव आसान होता है बल्कि प्रसव के बाद रिकवरी भी तेज होती है।
--आईएएनएस
एमटी/एएस
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
इक्वाडोर की विदेश मंत्री गैब्रिएला का भारत दौरा, द्विपक्षीय संबंधों को मिला नया बल
नई दिल्ली, 2 मई (आईएएनएस)। इक्वाडोर की विदेश और मानव गतिशीलता मंत्री गैब्रिएला सोमरफेल्ड रोसेरो ने विदेश मामलों के उप मंत्री, राजदूत अलेजांद्रो डावालोस के साथ भारत की दो-दिवसीय (29-30 अप्रैल) आधिकारिक यात्रा संपन्न की। इस दौरान दोनों देशों के बीच संबंधों को नई दिशा मिली।
यात्रा के दौरान व्यापार, स्वास्थ्य, कृषि और डिजिटल अवसंरचना जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया। रोसेरो ने 29 अप्रैल को भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ बैठक की, जिसमें दोनों पक्षों ने फार्मा, कृषि, निवेश, डिजिटल तकनीक और बहुपक्षीय सहयोग को मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई। इस दौरान इक्वाडोर ने इंटरनेशनल सोलर अलायंस और इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस में शामिल होने के औपचारिक पत्र भी सौंपे।
दोनों देशों ने क्विक इम्पैक्ट प्रोजेक्ट्स (क्यूआईपी) के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। इसके तहत भारत अगले पांच वर्षों में इक्वाडोर को 12 करोड़ रुपए तक की अनुदान सहायता देगा, जिससे सामाजिक-आर्थिक विकास परियोजनाओं को बढ़ावा मिलेगा।
यात्रा के दौरान इक्वाडोर की मंत्री ने वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल से भी मुलाकात की, जहां प्रेफरेंशियल ट्रेड एग्रीमेंट (पीटीए) के रोडमैप, फार्मा निर्यात और तांबा और सोना जैसे खनिजों की आपूर्ति श्रृंखला पर चर्चा हुई।
स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग को बढ़ाने के लिए उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से भी वार्ता की। इस दौरान सस्ती दवाओं, चिकित्सा प्रणालियों और भारतीय फार्माकोपिया की मान्यता जैसे मुद्दों पर सहमति बनी। दोनों देशों ने स्वास्थ्य क्षेत्र में एमओयू पर भी सहमति जताई।
रोसेरो ने नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) स्थित जन औषधि केंद्र का दौरा किया और भारत में सस्ती दवाओं के मॉडल को समझा, जिसे इक्वाडोर में लागू करने की संभावना पर विचार किया जा रहा है।
डिजिटल क्षेत्र में, उन्होंने भारत की डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (डीपीआई) पहल में रुचि दिखाई, जिसमें यूपीआई जैसे भुगतान सिस्टम, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) और आधार जैसी पहचान प्रणाली शामिल हैं।
यात्रा के दौरान उन्होंने महात्मा गांधी को राजघाट पर श्रद्धांजलि दी और पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा आयोजित बैठक में भारतीय उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से बातचीत की। साथ ही, नई दिल्ली स्थित इक्वाडोर दूतावास में सांस्कृतिक केंद्र का उद्घाटन भी किया।
यह यात्रा नवंबर 2025 में क्वीटो में भारतीय दूतावास खुलने के बाद हुई है, जो भारत-इक्वाडोर संबंधों के बढ़ते महत्व को दर्शाती है।
--आईएएनएस
केआर/
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