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क्या हल्दी कर सकती है डायबिटीज में दिल की सुरक्षा? करक्यूमिन पर रिसर्च ने जगाई उम्मीद

नई दिल्ली, 2 मई (आईएएनएस)। हल्दी भारतीय रसोई का एक ऐसा हिस्सा है, जिसे हम रोजमर्रा के खाने में बिना सोचे-समझे इस्तेमाल करते हैं। लेकिन अब विज्ञान भी इस साधारण दिखने वाली चीज में छिपी खासियतों को गंभीरता से समझने लगा है। हाल ही में सामने आए एक शोध ने हल्दी के प्रमुख तत्व करक्यूमिन को लेकर नई उम्मीदें जगाई हैं। खासकर डायबिटीज से जूझ रहे लोगों के लिए।

करक्यूमिन वही प्राकृतिक तत्व है, जो हल्दी को उसका पीला रंग देता है। लंबे समय से इसे सूजन कम करने और शरीर को नुकसान पहुंचाने वाले तत्वों से बचाने के लिए जाना जाता रहा है। यही वजह है कि आयुर्वेद से लेकर आधुनिक शोध तक, दोनों में इसकी चर्चा होती रही है। अब एक नए अध्ययन में यह संकेत मिला है कि करक्यूमिन दिल और खून की नसों को भी सुरक्षित रखने में मदद कर सकता है। खासकर उन लोगों में, जिन्हें टाइप 1 डायबिटीज़ है।

टाइप 1 डायबिटीज़ में शरीर खुद इंसुलिन बनाना बंद कर देता है। इससे खून में शुगर का स्तर बढ़ जाता है और धीरे-धीरे शरीर के कई हिस्सों पर असर पड़ता है। दिल और धमनियां भी इससे अछूती नहीं रहतीं। समस्या यह है कि कई बार इंसुलिन लेने के बाद भी इन रक्त वाहिकाओं को नुकसान होता रहता है। यही कारण है कि डायबिटीज़ के मरीजों में दिल की बीमारी का खतरा सामान्य लोगों से ज्यादा होता है। ऐसे में वैज्ञानिक लगातार ऐसे विकल्प खोज रहे हैं, जो दिल और धमनियों की सुरक्षा कर सकें।

इसी क्रम में एक अध्ययन फिलहाल चूहों पर किया गया है, जिनमें टाइप 1 डायबिटीज़ थी। इस स्टडी को 2026 के अमेरिकन फिजियोलॉजी शिखर सम्मेलन में प्रस्तुत किया जाएगा। अध्ययन में कुछ चूहों को करक्यूमिन दिया गया, जबकि बाकी को नहीं। एक महीने बाद जब दोनों समूहों की तुलना की गई, तो जिन चूहों को करक्यूमिन मिला था, उनकी रक्त वाहिकाएं कहीं अधिक स्वस्थ थीं। शोधकर्ताओं ने हीट शॉक प्रोटीन 70 नामक एक प्रोटीन का भी अध्ययन किया। ये प्रोटीन कोशिकाओं को तनाव से बचाता है। शोध में इसका संतुलन भी सुधरता दिखा।

इतना ही नहीं, दिल से खून ले जाने वाली मुख्य धमनी (महाधमनी) भी करक्यूमिन लेने वाले चूहों में बेहतर हालत में पाई गई। इससे संकेत मिलता है कि यह तत्व नसों की मजबूती और लचीलापन बनाए रखने में मदद कर सकता है।

हालांकि ये नतीजे बहुत उम्मीद जगाते हैं और करक्यूमिन को लेकर पहले से ही मौजूद संभावनाओं को बहुत आगे बढ़ाते हैं। लेकिन, यह रिसर्च अभी इंसानों पर नहीं, बल्कि जानवरों पर हुई है। इसलिए इसे सीधे इलाज मान लेना सही नहीं होगा। दूसरी बात यह भी जाननी जरूरी है कि सिर्फ ज्यादा हल्दी खाने या बाजार में मिलने वाले सप्लीमेंट लेने से वही फायदा मिलेगा, यह भी अभी तय नहीं है। रिसर्च में इस्तेमाल की गई मात्रा और उसे शरीर में पहुंचाने का तरीका काफी अलग होता है।

इन सबके बावजूद, इस अध्ययन से एक बात साफ होती है कि हल्दी में मौजूद करक्यूमिन को लेकर भविष्य में और बड़े स्तर पर शोध हो सकता है, जो डायबिटीज़ के मरीजों के लिए दिल से जुड़ी परेशानियों को कम करने का एक संभावित रास्ता बन सकता है। आने वाले समय में इंसानों पर होने वाले शोध ही तय करेंगे कि यह खोज कितनी कारगर साबित होती है।

फिलहाल सबसे जरूरी है संतुलित जीवनशैली- जैसे सही खानपान, नियमित जांच और डॉक्टर की सलाह के अनुसार इलाज। इसलिए अगर आप कोई नया सप्लीमेंट लेने के बारे में सोच रहे हैं, तो पहले डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। क्योंकि हर शरीर अलग होता है और बिना सही जानकारी के लिया गया कदम नुकसान भी पहुंचा सकता है।

--आईएएनएस

एएस/

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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ट्रंप ने ईरान में तबाही मचाने के दिए संकेत, तेहरान के नए प्रस्ताव पर जताई नाराजगी; कहा- मेरे पास अब सिर्फ दो विकल्प

US-Iran Conflict: अमेरिका और ईरान के बीच अभी भी भारी तनाव बना हुआ है. दोनों देशों के बीच शांति वार्ता पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं. इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से ईरान का नया प्रस्ताव ठुकरा दिया है. इसके साथ ही ट्रंप ने ईरान में भारी तबाही मचाने के संकेत भी दिए हैं. उन्होंने कहा है कि अब मेरे पास सिर्फ दो विकल्प हैं कि ईरान पर भारी बमबारी कर उन्हें नष्ट कर दें या समझौता कर लें. 

ट्रंप ने ईरान के साथ समझौते पर जताया संदेह

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को ईरान के साथ समझौते की संभावनाओं पर संदेह व्यक्त करते हुए कहा कि बातचीत में देरी के कारण तेहरान द्वारा भेजे गए प्रस्तावों से वह "खुश" नहीं हैं. उन्होंने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि उन्हें यकीन नहीं है कि अमेरिका ईरान के साथ समझौता कर पाएगा.

मैं खुश नहीं हूं- राष्ट्रपति ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति ने आगे कहा, "हमने अभी-अभी ईरान से बात की है. देखते हैं क्या होता है, लेकिन मैं कहूंगा कि मैं खुश नहीं हूं... उन्हें सही समझौता पेश करना होगा. फिलहाल, मैं उनके प्रस्ताव से संतुष्ट नहीं हूं." उन्होंने कहा, "हम अभी फोन पर बातचीत के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं. उन्होंने कुछ प्रगति की है, लेकिन मुझे यकीन नहीं है कि वे कभी अपने लक्ष्य तक पहुंच पाएंगे."

ट्रंप ने ईरान को लेकर दिए दो विकल्प

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर दो विकल्प भी रखे. उन्होंने कहा, "या तो उन पर भीषण बमबारी कर दें या समझौता कर लें."  हालांकि ट्रंप ने ये भी कहा कि वे समझौते को प्राथमिकता देंगे. उन्होंने कहा, "क्या हम जाकर उन पर भीषण बमबारी करके उन्हें हमेशा के लिए खत्म कर देना चाहते हैं, या हम समझौता करने की कोशिश करना चाहते हैं?... मानवीय दृष्टिकोण से, मैं समझौते को प्राथमिकता दूंगा."

ट्रंप ने बताया कब कम होंगे तेल और गैस के दाम

इसके साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेल और गैस की कीमतें कम होने की भी बात कही. उन्होंने एक बार फिर से अपनी भविष्यवाणी दोहराई कि ईरान के साथ युद्ध समाप्त होने पर तेल और गैस की कीमतें कम होंगे. जब उनसे पूछा गया कि क्या वे ईरान पर नए हमले करने पर विचार कर रहे हैं, तो ट्रंप ने खुद ही एक सवाल खड़ा कर दिया. उन्होंने पत्रकार से पूछा, "मैं आपको यह क्यों बताऊंगा?"

अमेरिका के सामने ईरान का नया प्रस्ताव

न्यूज एजेंसी आईआरएनए के मुताबिक, ईरान ने दो महीने से जारी युद्ध को समाप्त करने के लिए अमेरिका को एक नया प्रस्ताव प्रस्तुत किया है. फारस की खाड़ी में दुनिया का प्रमुख समुद्री मार्ग, होर्मुज जलडमरूमध्य, पेट्रोलियम व्यापार के लिए अवरुद्ध बना हुआ है. यह नया प्रस्ताव डोनाल्ड ट्रंप के इस दावे के बीच आया है कि ईरान युद्ध समाप्त करने के लिए समझौता करने को बेताब है. क्योंकि वाशिंगटन द्वारा तेहरान के खिलाफ "आर्थिक प्रकोप" शुरू करने के बाद उसकी अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है.

हालांकि ईरान के नए प्रस्ताव के बारे में तत्काल कोई विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है. इससे पहले, तेहरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने और युद्ध समाप्त करने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन अपने परमाणु कार्यक्रम पर वार्ता को बाद के लिए स्थगित करने की बात कही थी.

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