Chhattisgarh: नगरीय निकायों में महिला प्रतिनिधियों के रिश्तेदारों को Representative बनाने पर रोक
छत्तीसगढ़ सरकार ने नगरीय निकायों में निर्वाचित महिला प्रतिनिधियों के पारिवारिक सदस्यों को उनका प्रतिनिधि नियुक्त किये जाने पर रोक लगा दी है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने इस संबंध में छत्तीसगढ़ नगरपालिक (लोकसभा सदस्य या विधानसभा सदस्य या राज्य सभा सदस्य द्वारा प्रतिनिधि के रूप में नाम निर्देशन हेतु अर्हताएं) नियम, 2022 में संशोधन कर अधिसूचना प्रकाशित की है।
अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ राजपत्र में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा प्रकाशित छत्तीसगढ़ नगरपालिक नियम, 2022 में नए संशोधन के अनुसार किसी भी नगरीय निकाय में, निर्वाचित महिला जनप्रतिनिधि के पति, पुत्र, पुत्री, भाई, बहन अथवा किसी अन्य निकट पारिवारिक, सदस्य या नातेदार को उनके परोक्ष प्रतिनिधि अथवा समन्वयक व्यक्ति के रूप में नियुक्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि राजपत्र में प्रकाशन के साथ ही यह प्रतिबंध सभी नगरीय निकायों में लागू हो गया है।
Bombay High Court ने Amazon को एक्सपायरी सामान निस्तारण हेतु FDA को सौंपने का आदेश दिया
अमेजन रिटेल इंडिया के एक गोदाम के खिलाफ महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) की सख्त कार्रवाई पर उसे फटकार लगाने के कुछ दिनों बाद, बंबई उच्च न्यायालय ने सोमवार को ई-कॉमर्स कंपनी को आदेश दिया कि वह भिवंडी स्थित अपने गोदाम से सभी ‘एक्सपायर’ (उपयोगअवधि पूरा कर चुके) हो चुके और खराब सामान को वैज्ञानिक तरीके से नष्ट करने के लिए एजेंसी को सौंप दे। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रवींद्र घुगे और न्यायमूर्ति गौतम अंखड की पीठ ने एफडीए को यह भी निर्देश दिया कि वह एमेजॉन की उस याचिका के जवाब में 27 अगस्त तक अपना हलफनामा दाखिल करे, जिसमें कंपनी ने उसके गोदाम का लाइसेंस निलंबित किए जाने को चुनौती दी है। अमेजन रिटेल इंडिया ने बंबई उच्च न्यायालय का तब रुख किया जब एफडीए ने ठाणे जिले के भिवंडी स्थित उसके गोदाम के खिलाफ कथित तौर पर ‘एक्सपायर’ हो चुके खाद्य पदार्थों को नष्ट करने के बजाय खुदरा बाजार में भेजने के आरोप में कार्रवाई की।
अस्थायी व्यवस्था के तौर पर, अदालत ने सोमवार को कहा कि याचिकाकर्ता को इस गोदाम में मौजूद अपनी सभी ‘एक्सपायर’ और खराब हो चुकी चीजों की एक सूची तैयार करनी होगी और उन्हें संबंधित एफडीए अधिकारी को सौंपना होगा। इसमें कहा गया है कि इसके बाद अधिकारी कानून के मुताबिक सामान के निस्तारण के लिए कदम उठाएंगे और इस प्रक्रिया का खर्च एमेजॉन को उठाना होगा। याचिका के अनुसार, एफडीए अधिकारियों ने 24 जून को गोदाम का दौरा किया और बिना कोई सुधार नोटिस जारी किए अगले ही दिन उसका लाइसेंस निलंबित कर दिया।
इसके बाद संबंधित प्राधिकारी के पास एक अपील दायर की गई। हालांकि, एक जुलाई को अपील पर कार्रवाई लंबित ही थी कि एफडीए ने याचिकाकर्ता को कारण बताओ नोटिस जारी किया और फिर उसका लाइसेंस रद्द कर दिया। शुक्रवार को उच्च न्यायालय ने एफडीए को फटकार लगाते हुए कहा कि अपनी नीति को जोर-शोर से लागू करते समय एजेंसी “तलवार से मच्छर मारने” की कोशिश कर रही थी, और उसे व्यवस्थित तरीके से काम करने की सलाह दी।
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