मिलिट्री प्लेन से ड्रॉप किया जा रहा था था सैन्य वाहन, हवा में हुआ दो-टुकड़े, दिल दहला देगा वीडियो
स्पेन की सेना के एक अभ्यास के दौरान उस वक्त भारी हड़कंप मच गया जब करीब 6 लाख यूरो यानी लगभग 5.5 करोड़ रुपए की कीमत वाला एक कीमती सैन्य वाहन हवा में ही मलबे में तब्दील हो गया. दरअसल, लियोन के पास 'छोचस' इलाके में चल रहे एक एयरड्रॉप ट्रेनिंग के दौरान जब इस भारी-भरकम वाहन को पैराशूट के जरिए नीचे गिराया जा रहा था, तभी तकनीकी खराबी के कारण वह प्लेटफॉर्म से अलग हो गया. देखते ही देखते ये वाहन 300 मीटर की ऊंचाई से सीधे जमीन पर आ गिरा और लोहे के ढेर में बदल गया. एयरड्रॉपिंग के दौरान पैराशूट के न खुलने या प्लेटफॉर्म के टूटने की घटनाएं बेहद दुर्लभ होती हैं, लेकिन स्पेनिश सेना के इस हादसे ने करोड़ों के नुकसान के साथ-साथ मिलिट्री ऑपरेशन्स की सुरक्षा पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं! गनीमत रही कि यह हादसा एक सुनसान ट्रेनिंग इलाके में हुआ, वरना इसकी चपेट में आने से कोई बड़ी जानलेवा घटना भी हो सकती थी.
सिनेमा लैब; ज्यादा बेहतर फिल्में बनाने के लिए अनूठी रिसर्च:दर्शकों का दिमाग पढ़कर बनेंगी फिल्में, प्रतिक्रिया हो रही रिकॉर्ड
कल्पना करें कि आप एक विशाल हाई एंड सिनेमा हॉल में बैठे हैं जहां 4 के प्रोजेक्टर, सराउंड साउंड और आरामदायक सीटें हैं। पर्दे पर कोई फिल्म चल रही है। लेकिन आपके सिर पर मरीजों को पहनाया जाने वाला हेडसेट लगा है और हाथों और दिल की गतिविधियों को मापने के लिए सेंसर और मॉनिटर लगे हैं। इन्फ्रारेड कैमरे आपकी पलक झपकने की गतिविधि को भी रिकॉर्ड कर रहे हैं। दरअसल आपके द्वारा फिल्म देखने के दौरान की जाने वाली हर प्रतिक्रिया रिकॉर्ड हो रही है। ये ब्रिटेन की ब्रिस्टल यूनिवर्सिटी का सिनेमा लैब है। यहां पर दर्शकों की प्रतिक्रिया रिकॉर्ड करके उसके हिसाब से भविष्य में ज्यादा सार्थक और गहराई वाली फिल्में बनाने के लिए रिसर्च की जा रही है। शोधकर्ता अध्ययन कर रहे हैं कि लोग स्क्रीन पर दिखाई देने वाली चीजों पर कैसी प्रतिक्रिया देते हैं। दर्शकों की शारीरिक प्रतिक्रियाओं और फिल्म के उन हिस्सों पर मौखिक प्रतिक्रिया को मिलाकर, जो उन्हें सबसे अधिक आकर्षक लगे, टीम यह समझने की उम्मीद करती है कि कौन से क्षण वास्तव में ध्यान आकर्षित करते हैं, और क्या यह जानकारी फिल्म निर्माताओं को बेहतर फिल्में बनाने और अधिक रचनात्मक जोखिम उठाने में मदद कर सकती है। सिनेमा इंडस्ट्री में आएगी डेटा आधारित रचनात्मकता इस परियोजना का नेतृत्व कर रहे ब्रिस्टल विश्वविद्यालय के न्यूरोसाइकोलॉजिस्ट प्रोफेसर इयान गिलक्रिस्ट कहते हैं कि यह तकनीक फिल्म निर्माण को डेटा आधारित रचनात्मकता की ओर ले जा सकती है। इससे न सिर्फ ज्यादा गहन अनुभव वाली और लोगों को जोड़ने वाली फिल्में बनेंगी, बल्कि दर्शकों के अनुभव को भी बेहतर किया जा सकेगा। आने वाले समय में यह रिसर्च ओटीटी कंटेंट, गेमिंग और वर्चुअल रियलिटी में भी बड़ा बदलाव ला सकती है।
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