ट्रंप ने यूरोपीय संघ की कारों पर 25 फीसदी टैरिफ लगाया, व्यापार समझौते का पालन नहीं करने का आरोप
वॉशिंगटन, 1 मई (आईएएनएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि उन्होंने यूरोपीय संघ से आने वाली कारों और ट्रकों पर टैरिफ बढ़ाकर 25 प्रतिशत कर दिया है। ट्रंप ने यूरोपीय संघ पर मौजूदा व्यापार समझौते का पालन नहीं करने का आरोप लगाया। साथ ही उन्होंने ईरान के साथ चल रही बातचीत को लेकर भी अनिश्चितता जताई।
ट्रंप ने पत्रकारों से कहा, हमने यूरोपीय संघ से आने वाली कारों पर टैरिफ बढ़ाया, क्योंकि यूरोपीय संघ हमारे व्यापार समझौते का पालन नहीं कर रहा था।
उन्होंने कहा, मैंने कारों और ट्रकों पर टैरिफ 25 प्रतिशत कर दिया है। इससे अमेरिका को अरबों डॉलर मिलेंगे और इससे कंपनियों पर अपनी फैक्ट्रियां जल्दी अमेरिका लाने का दबाव बनेगा।
ट्रंप ने कहा कि फैसले का मकसद कंपनियों को अमेरिका में उत्पादन बढ़ाने के लिए मजबूर करना है। इस समय अमेरिका में 100 अरब डॉलर से ज्यादा के कार प्लांट बन रहे हैं। यह एक रिकॉर्ड है। हमने पहले कभी ऐसा नहीं देखा। उन्होंने जापान, दक्षिण कोरिया, कनाडा और मेक्सिको से हो रहे निवेश का भी जिक्र किया।
ईरान पर ट्रंप ने कहा कि बातचीत जारी है, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकला है। वे समझौता करना चाहते हैं, लेकिन मैं अभी संतुष्ट नहीं हूं। देखते हैं क्या होता है। ईरान की नेतृत्व व्यवस्था बिखरी हुई है। वे सभी समझौता करना चाहते हैं, लेकिन वे खुद बिखरे हुए हैं।
उन्होंने ईरान नेतृत्व को बेहद असंगठित बताया। ट्रंप ने दावा किया कि ईरान की सैन्य क्षमता काफी कमजोर हो चुकी है। ईरान के पास न नौसेना है, न वायुसेना। उसका नेतृत्व ठीक से काम नहीं कर पा रहा।
ट्रंप ने कहा कि वह कूटनीतिक समाधान को प्राथमिकता देते हैं। क्या हम जाकर उस पर हमला कर दें और हमेशा के लिए खत्म कर दें, या फिर समझौते की कोशिश करें? इंसानियत के आधार पर मैं पहला रास्ता नहीं चुनना चाहूंगा।
ट्रंप ने सैन्य कार्रवाई के लिए कांग्रेस की मंजूरी न लेने के फैसले का भी बचाव किया। उन्होंने कहा कि ऐसी मंजूरी पहले कभी नहीं ली गई और इसे पूरी तरह असंवैधानिक माना जाता है।
घरेलू मोर्चे पर ट्रंप ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था को मजबूत बताया। उन्होंने कहा, शेयर बाजार रिकॉर्ड स्तर पर है। आज अमेरिका में जितने लोग काम कर रहे हैं, उतने पहले कभी नहीं थे।
उन्होंने माना कि ईंधन की कीमतें अभी ऊंची हैं, लेकिन कहा कि तनाव कम होते ही ये घटेंगी। जब युद्ध खत्म होगा, तो पेट्रोल की कीमतें गिर जाएंगी। फिलहाल बड़ी मात्रा में तेल प्रमुख समुद्री मार्गों से नहीं गुजर पा रहा है।
ट्रंप ने आर्थिक फैसलों में अपनी अमेरिका फर्स्ट नीति दोहराई। स्पिरिट एयरलाइंस को संभावित मदद के सवाल पर उन्होंने कहा, हम नौकरियां बचाना चाहते हैं, लेकिन तभी जब सौदा अच्छा हो।
उन्होंने पाकिस्तान को लेकर भी कहा कि उन्हें पाकिस्तान के लिए बहुत सम्मान है और वहां का नेतृत्व क्षेत्रीय मामलों में हमारे साथ काम कर रहा है।
ट्रंप ने चीन की भविष्य में यात्रा की भी पुष्टि की और उसे एक शानदार कार्यक्रम बताया। उन्होंने यह भी कहा कि लेबनान और इजरायल के नेता व्हाइट हाउस आने वाले हैं।
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डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
नकली फिल्म कंपनियों के जरिए अमेरिका में मानव तस्करी नेटवर्क चलाता था पाकिस्तानी नागरिक
वॉशिंगटन, 1 मई (आईएएनएस)। अमेरिका के न्याय विभाग के अनुसार, एक पाकिस्तानी नागरिक ने एक अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी नेटवर्क चलाने का खुलासा किया। वह नकली फिल्म प्रोडक्शन कंपनियों के जरिए लोगों को अमेरिका में लाने का काम करता था।
अदालत के दस्तावेजों के अनुसार, सियालकोट के रहने वाले 49 साल के अब्बास अली हैदर ने माना कि वह कई वर्षों से एक नेटवर्क को चला रहा था, जो पाकिस्तानी लोगों को लैटिन अमेरिका के रास्ते अमेरिका-मेक्सिको बॉर्डर तक पहुंचाता था।
सरकारी वकीलों के मुताबिक, हैदर ने डायमंड टीवी वर्ल्ड प्रोडक्शंस और मल्टीमीडिया एडवरटाइजिंग लिमिटेड नाम की दो नकली कंपनियां बनाई थीं। इन कंपनियों के जरिए वह लोगों के लिए बिजनेस ट्रैवल के नाम पर वीजा दिलवाता था।
सितंबर 2019 से सितंबर 2023 के बीच, उसने लोगों को इक्वाडोर, क्यूबा और कोलंबिया जाने के लिए वीजा दिलवाए। ये लोग कागजों में फिल्म प्रोजेक्ट पर काम करने वाले कर्मचारी बनकर जाते थे, लेकिन असल में उनका मकसद अमेरिका पहुंचना होता था।
अधिकारियों के अनुसार, इसके बाद उन्हें अमेरिका के दक्षिणी बॉर्डर तक ले जाया जाता था, जहां से वे गैरकानूनी तरीके से कैलिफोर्निया, टेक्सास और एरिजोना में दाखिल होते थे। हैदर हर व्यक्ति से इस सफर के लिए करीब 40,000 डॉलर तक वसूलता था।
जुलाई 2025 में मैक्सिको से अमेरिका लाए जाने के बाद, हैदर ने गैरकानूनी तरीके से लोगों को अमेरिका लाने और इससे पैसा कमाने की साजिश का दोष कबूल कर लिया।
उसकी सजा 30 जुलाई को तय होगी। उसे कम से कम तीन साल और ज्यादा से ज्यादा दस साल तक की जेल हो सकती है। आखिरी सजा फेडरल कोर्ट का जज तय करेगा, जो अमेरिका के कानून और बाकी जरूरी बातों को ध्यान में रखेगा।
इस मामले की जानकारी जस्टिस डिपार्टमेंट, एरिजोना के यूएस अटॉर्नी ऑफिस और होमलैंड सिक्योरिटी इन्वेस्टिगेशंस के अधिकारियों ने दी।
जांच में अमेरिका की कई एजेंसियों ने मिलकर काम किया, जिनमें बॉर्डर पेट्रोल, एफबीआई, कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन और इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट शामिल हैं। मैक्सिको की एजेंसियों ने भी गिरफ्तारी और प्रत्यर्पण (एक्सट्राडिशन) में मदद की।
--आईएएनएस
एवाई/एबीएम
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