फिजिकल हेल्थ- हर साल 10 लाख लोगों को होता पाइल्स:10 कारणों से बढ़ता रिस्क, इन 7 संकेतों को इग्नोर न करें, तुरंत डॉक्टर को दिखाएं
‘रिसर्च गेट’ में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक, भारत में करीब 4.7 करोड़ लोग पाइल्स यानी बवासीर से पीड़ित हैं। वहीं हर साल लगभग 10 लाख नए मामलों की पुष्टि होती है। इससे साफ है कि बवासीर आज एक बड़ी स्वास्थ्य समस्या बन चुकी है। मेडिकल भाषा में इसे ‘हेमरॉयड्स’ कहा जाता है। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। इनमें लंबे समय तक बैठे रहना, कम फिजिकल एक्टिविटी, कब्ज और स्टूल पास करने के दौरान जोर लगाना जैसी चीजें शामिल हैं। साल 2024 में ‘इंटरनेशनल जर्नल ऑफ फार्मास्युटिकल साइंसेज एंड ड्रग रिसर्च’ में पब्लिश एक स्टडी ने भी सेडेंटरी लाइफस्टाइल को बवासीर का प्रमुख रिस्क फैक्टर बताया है। इसलिए आज ‘फिजिकल हेल्थ’ में पाइल्स के बारे में बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट- डॉ. सुकृत सिंह सेठी, डायरेक्टर, सीनियर कंसल्टेंट, गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी, हेप्टोलॉजी एंड लिवर ट्रांसप्लांटेशन, नारायणा हॉस्पिटल, गुरुग्राम सवाल- पाइल्स (हैमरॉयड्स) क्या है? जवाब- यह एक हेल्थ कंडीशन है। इसमें एनस और रेक्टम के निचले हिस्से की नसों में सूजन आ जाती है। इसकी वजह से ये समस्याएं हो सकती हैं- सवाल- पाइल्स क्यों होती है? जवाब- इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं- सवाल- पाइल्स कितने प्रकार की होती है? जवाब- पाइल्स 4 प्रकार के होते हैं- 1. इंटरनल पाइल्स 2. एक्सटर्नल पाइल्स 3. प्रोलैप्स्ड पाइल्स 4. थ्रोम्बोस्ड पाइल्स सवाल- डेली लाइफ में कौन सी छोटी-छोटी आदतों या गलतियों के कारण पाइल्स हो सकता है? जवाब- रोजमर्रा की कुछ आदतें पाइल्स के रिस्क को बढ़ा सकती हैं। ग्राफिक में देखिए- सवाल- क्या ऑफिस में घंटों बैठना इसकी वजह बन सकता है? जवाब- हां, घंटों एक ही जगह बैठने से एनस और रेक्टम की नसों पर दबाव पड़ता है। इससे उनमें सूजन आ सकती है। अगर इसके साथ पानी कम पीते हैं तो रिस्क बढ़ जाता है। सवाल- क्या स्मोकिंग करने और शराब पीने से भी पाइल्स का जोखिम बढ़ता है? जवाब- हां, इसे पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- क्या प्रेग्नेंसी में पाइल्स का रिस्क बढ़ता है? जवाब- हां, इसके पीछे कई कारण हैं- सवाल- क्या मेनोपॉज के समय पाइल्स का रिस्क बढ़ता है? जवाब- हां, इसे पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- किन लोगों को पाइल्स का रिस्क ज्यादा होता है? जवाब- कुछ लोगों में पाइल्स का रिस्क दूसरों की तुलना में ज्यादा होता है। जैसेकि- सवाल- पाइल्स के शुरुआती लक्षण या संकेत क्या हैं? जवाब- पाइल्स के शुरुआती लक्षण अक्सर हल्के होते हैं। ग्राफिक में सभी शुरुआती संकेत देखिए- सवाल- पाइल्स की एडवांस्ड स्टेज के लक्षण क्या हैं? जवाब- अगर पाइल्स का समय पर इलाज न किया जाए, तो लक्षण गंभीर हो सकते हैं। ग्राफिक में सभी गंभीर लक्षण देखिए- सवाल- क्या एकदम शुरुआती स्टेज में ही डॉक्टर को दिखाना चाहिए? जवाब- हां, शुरुआत में इलाज और लाइफस्टाइल में बदलाव से अक्सर समस्या को बढ़ने से रोका जा सकता है। सवाल- क्या पाइल्स इसलिए बड़ी समस्या बन जाता है, क्योंकि लोग शर्म, संकोच के कारण डॉक्टर के पास नहीं जाते? जवाब- हां, पाइल्स एनस से जुड़ी समस्या है। इसलिए लोग अक्सर शर्म, झिझक या संकोच के कारण इसके लक्षण छिपाते हैं। सवाल- क्या एकदम शुरुआती स्टेज में ही डॉक्टर को दिखाएं तो ये प्रॉब्लम आसानी से ठीक हो सकती है? जवाब- हां, शुरुआती स्टेज में इलाज शुरू करने पर पाइल्स को आसानी से कंट्रोल किया जा सकता है। सवाल- पाइल्स का इलाज क्या है? जवाब- इलाज इसकी गंभीरता और स्टेज पर निर्भर करता है। ज्यादातर मामलों में शुरुआत में दवाओं और लाइफस्टाइल में बदलाव से राहत मिल सकती है। आराम न मिलने पर रबर बैंड लिगेशन (पाइल्स की गांठ पर एक छोटा रबर बैंड लगाया जाता है), लेजर ट्रीटमेंट या सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है। सवाल- पाइल्स में सर्जरी की जरूरत कब पड़ती है? जवाब- इन स्थितियों में सर्जरी की जरूरत पड़ती है- ऐसे मामलों में डॉक्टर मरीज की स्थिति के अनुसार सर्जरी की सलाह देते हैं। सवाल- क्या एक बार सर्जरी के बाद पाइल्स दोबारा हो सकती है? जवाब- हां, अगर सर्जरी के बाद भी रिस्क बढ़ाने वाली आदतें बनी रहती हैं, तो पाइल्स दोबारा हो सकती है। सवाल- क्या पाइल्स अपने आप भी ठीक हो सकती है? जवाब- हां, शुरुआती और हल्के मामलों में कब्ज को कंट्रोल करने और लाइफस्टाइल में सुधार करने से पाइल्स के लक्षण कम हो सकते हैं। सवाल- अगर किसी को पाइल्स हो तो उसकी डाइट क्या होनी चाहिए? जवाब- पाइल्स में ऐसी डाइट लेनी चाहिए, जिससे कब्ज की समस्या न हो और स्टूल आसानी से पास हो सके। इसे कैटेगरी के हिसाब से समझिए- सवाल- कौन से फूड्स पाइल्स में नुकसानदायक होते हैं? जवाब- पाइल्स में ऐसे फूड आइटम्स से बचना चाहिए, जो कब्ज बढ़ाएं। जैसेकि- सवाल- पाइल्स से बचने के आसान तरीके क्या हैं? जवाब- डेली लाइफ में कुछ आसान आदतें अपनाकर पाइल्स के रिस्क से बचा जा सकता है। ग्राफिक में देखिए- पाइल्स को लेकर सबसे बड़ी परेशानी यह है कि लोग इसे सामान्य या शर्मिंदगी वाली समस्या मानकर नजरअंदाज करते हैं। समय पर पहचान से बीमारी की वजह समझने और सही इलाज शुरू करने में मदद मिलती है। …………………… ये खबर भी पढ़ें… फिजिकल हेल्थ- ब्लड टेस्ट से पता चलेगा लंग-कैंसर का रिस्क:इलाज होगा आसान, डॉक्टर से जानें इस ब्लड टेस्ट से जुड़े हर सवाल का जवाब विश्व स्वास्थ्य संगठन’ (WHO) के मुताबिक, लंग कैंसर दुनिया में सबसे ज्यादा डायग्नोज होने वाले कैंसरों में से एक है। यह कैंसर से होने वाली मौतों का प्रमुख कारण भी है। हाल ही में जर्नल ‘Cell’ में पब्लिश एक नई रिसर्च ने लंग कैंसर के इलाज में एक नई उम्मीद जगाई है। वैज्ञानिकों ने ब्लड में 14 ऐसे प्रोटीन की पहचान की है, जिनसे लंग कैंसर डायग्नोज होने से 5 साल से पहले जोखिम का पता लगाया जा सकता है। पूरी खबर पढ़ें…
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UPI MDR लागू हुआ तो चार्ज कौन देगा? जानें नए नियमों में ग्राहकों पर क्या असर होगा और किन मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर शुल्क लग सकता है.
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