Responsive Scrollable Menu

सुनील शेट्टी@65: धमकी मिलने पर अंडरवर्ल्ड डॉन को गालियां दीं:को-एक्ट्रेस से मिलाने के लिए जूनियर आर्टिस्ट को नकली मुख्यमंत्री बनाया; अजय देवगन कहते हैं ‘दूधवाला’

90 का दशक। मुंबई में अंडरवर्ल्ड का खौफ ऐसा था कि बड़े-बड़े कारोबारी और फिल्म स्टार भी धमकी भरे फोन से घबरा जाते थे। इसी दौर में एक बॉलीवुड एक्टर को भी लगातार धमकी वाले फोन आ रहे थे। करीब डेढ़ साल तक धमकियों का सिलसिला चलता रहा, लेकिन एक दिन बात हद से आगे बढ़ गई। फोन करने वाले गैंगस्टर ने धमकी दी कि वह एक्टर के पिता को गोली मार देगा। बेटे ने अब तक धमकी को नजरअंदाज किया था, लेकिन पिता को धमकी मिलते ही उसका सब्र टूट गया। उसने गैंगस्टर को ही उसी की भाषा में जवाब दिया, गालियां दीं और कहा- मेरे पास तुझसे ज्यादा पैसे भी हैं और ज्यादा कनेक्शन भी। इसलिए कभी मत सोचना कि मैं डर जाऊंगा। यह एक्टर थे बॉलीवुड के ‘अन्ना’ यानी सुनील शेट्टी और गैंगस्टर था हेमंत पुजारी। आज सुनील शेट्टी के 65वें जन्मदिन पर जानते हैं उनकी जिंदगी के कुछ ऐसे अनसुने किस्से 15 साल की उम्र में पुलिस को ट्रेनिंग दी सुनील शेट्टी ने लल्लनटॉप को दिए इंटरव्यू में बताया था कि जब वह 13-14 साल के थे, तब ब्रूस ली की फिल्मों से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने मार्शल आर्ट सीखने का फैसला कर लिया। सुनील ने बताया था कि उस दौर में वह क्रिकेट भी खेलते थे, लेकिन खुद को और मजबूत और फुर्तीला बनाने के लिए उन्होंने मार्शल आर्ट्स की ट्रेनिंग शुरू की। लगातार मेहनत और समर्पण का नतीजा यह हुआ कि महज 15 साल की उम्र में उनके सेंसेई (टीचर) ने उन्हें दूसरे छात्रों को ट्रेनिंग देने की जिम्मेदारी सौंप दी। इसके बाद भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के जवान भी उनसे ट्रेनिंग लेने आने लगे। इतना ही नहीं, वह महाराष्ट्र पुलिस के जवानों को भी फिटनेस और रनिंग की ट्रेनिंग देते थे। सुनील ने बताया था कि वह जवानों के साथ 20 से 30 किलोमीटर तक दौड़ लगाते थे और रेत व पानी में कठिन अभ्यास करवाते थे। पहली फिल्म के पोस्टर खुद सड़कों पर चिपकाए थे सुनील शेट्टी की पहली फिल्म 'आरजू' लगभग 90-95 प्रतिशत शूट होने के बाद बंद हो गई। इसके बाद दूसरी फिल्म भी शुरू होकर रुक गई। लगातार दो प्रोजेक्ट ठप होने के बाद आखिरकार उन्हें 'बलवान' से बॉलीवुड में डेब्यू करने का मौका मिला। फिल्म 'बलवान' के समय इतना बड़ा प्रमोशन बजट नहीं था। इसलिए वह खुद अपने रेस्टोरेंट के कर्मचारियों के साथ मुंबई की सड़कों पर फिल्म के पोस्टर चिपकाते थे। लल्लनटॉप को दिए इंटरव्यू में सुनील ने बताया था कि बलवान बॉक्स ऑफिस पर सफल रही। दर्शकों ने फिल्म पसंद की, लेकिन कुछ फिल्म समीक्षकों ने उनकी एक्टिंग की जमकर आलोचना की। एक मशहूर समीक्षक ने अपने रिव्यू में उन्हें ‘वुडन डोरनॉब’ तक कह दिया था। इतना ही नहीं, उसने यह भी लिख दिया कि सुनील शेट्टी को फिल्मों में काम करने की बजाय अपने रेस्टोरेंट में वापस जाकर इडली-वड़ा बेचना चाहिए। चुनाव प्रचार को लेकर सुनील दत्त ने नाराजगी जताई थी पिछले साल द ग्रेट इंडियन कपिल शो में सुनील शेट्टी ने बताया था कि एक बार संजय दत्त अपने एक दोस्त के कहने पर चुनाव प्रचार के लिए तैयार हो गए। हालांकि, मजेदार बात यह थी कि जिस नेता के लिए वे प्रचार करने जा रहे थे, वह विपक्षी पार्टी से था और वह उनके पिता सुनील दत्त के खिलाफ चुनाव लड़ रहा था। इस पर संजय दत्त ने मुस्कुराते हुए सफाई दी थी, ‘मैं भूल गया था।’ सुनील शेट्टी ने आगे बताया था कि बाद में संजय की जगह उन्हें प्रचार के लिए भेजा गया। जब यह बात सुनील दत्त को पता चली तो उन्होंने सुनील शेट्टी को घर बुलाकर कहा, ‘बेटा, मैं आपकी दोस्ती समझता हूं, लेकिन मेरे बारे में भी सोचना चाहिए था।’ इस पर सुनील शेट्टी ने कहा था कि उस समय उनके मन में बस एक ही बात आई थी- ‘आपके बेटे ने नहीं सोचा, मैं क्या सोचूं!’ सास के कहने पर फिल्म ‘बॉर्डर’ में काम किया 'बॉर्डर' सुनील शेट्टी की सबसे फेमस फिल्मों में गिनी जाती है। हालांकि, सुनील ने शुरुआत में इस फिल्म में काम करने से साफ इनकार कर दिया था। लल्लनटॉप को दिए एक इंटरव्यू में सुनील शेट्टी ने बताया कि उस समय फिल्म इंडस्ट्री में जेपी दत्ता की एक अलग ही इमेज थी। लोग कहते थे कि वह शूटिंग के दौरान बेहद रूड रहते हैं और कलाकारों को डांटने या गुस्सा करने से भी नहीं हिचकिचाते। यह सब सुनकर सुनील ने मन बना लिया था कि ऐसे डायरेक्टर के साथ काम नहीं करेंगे। उन्हें लगा कि अगर किसी ने सेट पर बेइज्जती की या गाली दी, तो उनके लिए काम करना मुश्किल हो जाएगा। इसलिए उन्होंने फिल्म करने से मना कर दिया। इसी बीच उनकी सास ने उन्हें समझाया कि किसी की बातों पर भरोसा करने से पहले खुद फिल्म की कहानी सुननी चाहिए। सास के कहने पर सुनील की जेपी दत्ता से मुलाकात हुई। उन्होंने फिल्म की कहानी सुनी और आखिरकार फिल्म बॉर्डर के लिए हां कर दी थी। कारगिल में घायल जवान से मिलकर रो पड़े थे सुनील शेट्टी 'बॉर्डर' की सफलता के बाद सुनील शेट्टी कारगिल युद्ध के दौरान फॉरवर्ड बेस और सैन्य अस्पताल पहुंचे थे। वहां उनकी मुलाकात 19 साल के एक जवान से हुई, जिसने युद्ध में अपना एक हाथ गंवा दिया था। सुनील को देखते ही जवान बोला, "भैरव सिंह जी, मेरा एक हाथ चला गया... मुझे वापस भेज दो, दुश्मनों को खत्म करना है।" यह सुनकर सुनील की आंखें भर आईं। लेकिन जवान के माता-पिता ने उन्हें ही ढांढस बंधाया और कहा, "रोना मत बेटा, उसने देश के लिए हाथ खोया है। छोटा बेटा भी फौज में जाएगा।" सुनील ने कहा था, उसी दिन उन्हें समझ आया कि भारतीय सेना का जज्बा आम लोगों से बिल्कुल अलग होता है। अक्षय और सुनील को अजय देवगन कहते हैं 'दूधवाला' सुनील शेट्टी सालों से रात 10–10:30 बजे तक सो जाते हैं और सुबह 5:30 बजे जिम पहुंच जाते हैं। उनकी यह दिनचर्या कभी नहीं बदली। इसी आदत को लेकर अजय देवगन अक्सर उनकी और अक्षय कुमार की खिंचाई करते हैं। सुनील ने लल्लनटॉप को दिए इंटरव्यू में बताया था, "अजय देवगन अक्सर कहते हैं फिल्म इंडस्ट्री में दो ही दूधवाले हैं—एक अक्षय कुमार और दूसरा सुनील शेट्टी। सुबह-सुबह ऐसा लगता है जैसे यही दोनों दूध की सप्लाई करने निकलते हैं।" अंडरवर्ल्ड की धमकी पर गैंगस्टर को ही दे डाली चुनौती 90 के दशक में सुनील शेट्टी को अंडरवर्ल्ड से धमकियां मिली थीं। सुनील शेट्टी ने बताया था कि उस समय उनका सरनेम 'शेट्टी' होने की वजह से अंडरवर्ल्ड को लगता था कि उन्हें डराकर बाकी शेट्टी कारोबारियों से भी हफ्ता वसूला जा सकता है। गैंगस्टर हेमंत पुजारी और उसके लोग लगातार उनके घर, ऑफिस और मैनेजर के पास फोन कर धमकियां देते थे। यह सिलसिला करीब डेढ़ साल तक चलता रहा। एक दिन हेमंत पुजारी ने फोन कर धमकी दी कि वह सुबह वॉक पर जाने वाले सुनील शेट्टी के पिता को गोली मार देगा। यह सुनकर सुनील शेट्टी अपना आपा खो बैठे। उन्होंने गैंगस्टर को उसी की भाषा में जवाब दिया। सुनील ने उससे कहा, "तेरे बारे में जितनी जानकारी तेरे पास है, उससे ज्यादा मेरे पास है। तेरी बहनें कहां रहती हैं, तेरे भाई कहां हैं, तेरे रिश्तेदार कहां हैं... मुझे सब पता है। मेरे पास तुझसे ज्यादा पैसे भी हैं और ज्यादा कनेक्शन भी। इसलिए कभी मत सोचना कि मैं डर जाऊंगा। 70-80 साल के बुजुर्ग को गोली मारकर क्या करेगा?" सुनील शेट्टी ने बताया था कि उनके पास सुरक्षा थी, इसलिए पूरी बातचीत रिकॉर्ड हो गई। जब मुंबई पुलिस ने रिकॉर्डिंग सुनी तो उन्होंने सुनील को समझाया कि ऐसे गैंगस्टरों से बहस करना खतरनाक हो सकता है। पुलिस ने कहा कि ये लोग कभी-कभी नशे या गुस्से में रहते हैं और सिर्फ एक आदेश पर किसी पर भी हमला कर सकते हैं। हालांकि, सुनील शेट्टी का कहना था कि वह डेढ़ साल से चुप थे, लेकिन जब बात उनके पिता तक पहुंची तो वह खामोश नहीं रह सके। जूनियर आर्टिस्ट को मुख्यमंत्री जैसा तैयार करवाया था टीवी शो ‘जीना इसी का नाम है’ के दौरान एक्ट्रेस महिमा चौधरी ने बताया था कि सुनील शेट्टी सेट पर बहुत प्रैंक करते हैं। फिल्म 'ये तेरा घर ये मेरा घर' की शूटिंग के लिए जब महिमा चौधरी पहली बार आउटडोर शूट पर हैदराबाद पहुंचीं, तो सुनील शेट्टी ने उनके साथ मजेदार प्रैंक किया था। महिमा ने बताया था कि सुनील ने एक जूनियर आर्टिस्ट को बिल्कुल मुख्यमंत्री जैसा तैयार करवाया। उसके लिए खास कपड़े मंगवाए गए। वहां कई सफेद एंबेसडर कारों का काफिला था। पुलिस की गाड़ियां, कमांडो, वॉकी-टॉकी और पूरा वीआईपी इंतजाम था। महिमा को कुछ भी पता नहीं था। तभी सुनील ने उनसे कहा कि उन्हें एक अहम मीटिंग के लिए मुख्यमंत्री से मिलना है। उन्होंने महिमा से यह भी पूछा कि मीटिंग में इंडस्ट्री को लेकर क्या-क्या बातें करनी हैं। महिमा ने पूरी गंभीरता से मीटिंग की तैयारी शुरू कर दी और मुख्यमंत्री से मिलने के लिए तैयार होकर पहुंच गईं। इसके बाद कुछ जूनियर आर्टिस्ट चंद्रबाबू नायडू की जय के नारे लगाने लगे। जिसके बाद सब चिल्लाने लगे। इसके बाद सुनील ने कथित मुख्यमंत्री के पैर छुए, जिसके बाद महिमा ने भी झुककर नमस्कार किया था। बाद में यह प्रैंक निकला। महिमा चौधरी बोली थीं- सुनील शेट्टी ने कार में सांप रख दिया था वहीं महिमा ने इसी शो में कहा था कि शूटिंग के पहले ही दिन सुनील ने उनकी कार में सांप रख दिया था। वहीं, शो में सुनील का कहना था कि उन्होंने कार में सांप नहीं रखा था। सांप किसी तरह कार के बोनट के अंदर घुस गया था। सुनील ने बताया था कि उन्हें खुद सांपों से डर लगता है और अगर वह सांप देखते तो वहां से बहुत दूर भाग जाते। बाद में कपिल शर्मा के शो में सुनील ने बताया था कि महिमा आज भी यही मानती हैं कि उन्होंने ही कार में सांप रखा था। सुनील शेट्टी की फोटो से शरीर का हिस्सा लिया गया था साल 1998। उत्तर प्रदेश में कुख्यात गैंगस्टर श्रीप्रकाश शुक्ला पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ था। पुलिस और नई-नई बनी यूपी एसटीएफ उसकी तलाश में जुटी थी, लेकिन सबसे बड़ी मुश्किल थी- उसकी सही तस्वीर ही नहीं मिल रही थी। आईपीएस राजेश पांडे ने बताया था कि श्रीप्रकाश को भी इस बात की भनक लग चुकी थी कि पुलिस उसकी फोटो तलाश रही है। उसने अपने इलाके के फोटोग्राफर्स पर नजर रखनी शुरू कर दी। जिस फोटोग्राफर के बारे में उसे शक होता कि उसने उसकी तस्वीर पुलिस को दी है, उसे धमकाता था। एक फोटोग्राफर को तो दुकान से बाहर खींचकर सड़क पर गोली मार दी गई। इसके बाद इलाके में ऐसा खौफ फैला कि लोग श्रीप्रकाश की फोटो अपने पास रखने से भी डरने लगे। दूसरी तरफ एसटीएफ पर भी दबाव था। लोग सवाल उठाते थे कि जब पुलिस के पास उसकी तस्वीर तक नहीं है, तो उसे पकड़ेगी कैसे? इसी बीच एसटीएफ को मुखबिरों से पता चला कि श्रीप्रकाश कभी-कभी लखनऊ में अपनी बहन और बहनोई के घर आता है। टीम वहां पहुंची, लेकिन परिवार ने उसके बारे में कोई जानकारी देने से इनकार कर दिया। तभी घर में मौजूद उसकी छोटी भांजियों से बातचीत हुई। बच्चियों ने बताया कि उनके मामा उनकी बर्थडे पार्टी में आए थे और उनके पास उस दिन की तस्वीरें हैं। उन्होंने एक किताब में रखी कुछ तस्वीरें निकालकर पुलिस को दिखाईं। आखिरकार एसटीएफ को श्रीप्रकाश शुक्ला की असली तस्वीर मिल गई। लेकिन अब एक और समस्या थी। अगर उसकी असली तस्वीर उसी परिवार के घर से बाहर आती, तो श्रीप्रकाश को पता चल सकता था कि फोटो कहां से मिली और वह परिवार को नुकसान पहुंचा सकता था। एसटीएफ अधिकारियों ने ऐसा तरीका निकालने की सोची, जिससे तस्वीर का स्रोत कभी सामने न आए। लखनऊ के हजरतगंज इलाके में उस समय फिल्मी सितारों के पोस्टकार्ड और तस्वीरें मिलती थीं। वहां आईपीएस राजेश पांडे की नजर एक तस्वीर पर पड़ी, जिसमें एक्टर सुनील शेट्टी लगभग उसी तरह खड़े थे, जैसे श्रीप्रकाश शुक्ला एक ग्रुप फोटो में खड़ा था। फिर एक बेहद अनोखा जुगाड़ किया गया। सुनील शेट्टी की तस्वीर से शरीर का हिस्सा लिया गया और उस पर श्रीप्रकाश शुक्ला का चेहरा फिट कर दिया गया। तस्वीर को इस तरह तैयार किया गया कि देखने वाले को पहली नजर में यह श्रीप्रकाश शुक्ला की ही फोटो लगे। इस तरह श्रीप्रकाश शुक्ला की तस्वीर सार्वजनिक की गई थी। दिलचस्प बात यह थी कि बाद में जब किसी ने श्रीप्रकाश को फोन करके बताया कि उसकी फोटो अखबार में छपी है, तो उसने तस्वीर देखकर कहा कि उसने जिंदगी में वैसी डेनिम शर्ट पहनी ही नहीं और वो हैरान हो गया था। ………….. यह खबर भी पढ़ें… संजय दत्त@67-सलमान ने गिफ्ट की BMW, चाबी समुद्र में फेंकी:बिगड़ते देख इंदिरा गांधी बोलीं- बोर्डिंग स्कूल भेजो; राजेश खन्ना-ऋषि कपूर को पीटने पहुंचे थे साल 1994। मुंबई की ठाणे सेंट्रल जेल की सबसे कड़ी सुरक्षा वाली अंडा बैरक में बंद एक आरोपी रक्षाबंधन के दिन अपनी बहनों का इंतजार कर रहा था। लोहे की सलाखों के पीछे दोनों बहनों ने उसके हाथ पर राखी बांधी, लेकिन उस भाई की जेब पूरी तरह खाली थी। देने के लिए न कोई तोहफा था, न पैसे। कुछ पल तक वह चुप रहा। फिर जेल की कैंटीन से मिले दो-दो रुपए के चाय-नाश्ते के कूपन बहनों के हाथ में रख दिए और बोला, ‘मेरे पास फिलहाल यही है।’ पूरी खबर यहां पढ़ें…

Continue reading on the app

यूपी के विश्वविद्यालय में छात्राओं के लिए खुशखबरी, कोर्स में विद्यार्थी कम हुए तो भी एक होनहार लड़की को मिलेगी स्कूटी

यूपी में विश्वविद्यालय व डिग्री कॉलेजों में ऐसे कोर्स जिसमें बहुत कम विद्यार्थी हैं, उसमें भी न्यूनतम एक मेधावी छात्रा को स्कूटी दी जाएगी। 80 % न्यूनतम तक अंक पाने वाली छात्राएं इस योजना में शामिल रहती हैं।

Continue reading on the app

  Sports

इस घातक ऑलराउंडर के जुड़वा भाई की नेशनल टीम में एंट्री, पहली बार आया बुलावा, IPL में मुंबई इंडियंस के लिए खेल चुका

Duan Jansen in south africa team: आईपीएल की सबसे सफल टीम मुंबई इंडियंस के लिए खेल चुके डुआन यानसेन की साउथ अफ्रीका क्रिकेट टीम में एंट्री हो गई है. सेलेक्टर्स ने उनके पहले बार नेशनल टीम में मौका दिया है. डुआन साउथ अफ्रीका के स्टार ऑलराउंडर मार्को यानसेन के जुड़वां भाई हैं. नामीबिया के खिलाफ आगामी दौरे के लिए डुआन को टीम में शामिल किया है. Tue, 11 Aug 2026 22:00:39 +0530

  Videos
See all

Lakh Take ki Baat: माफिया राज बोले योगी-'मच्छर-माफिया फ्री हुआ UP' | Chunav Chakra | UP Election #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-11T18:15:06+00:00

Ranchi Protest में Police ने छात्रों से पूछा मोबाइल नंबर और पता | JPSC-JSSC Aspirants Protest #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-11T18:16:14+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers