भास्कर अपडेट्स:अरुणाचल सीमा पर फायरिंग में असम के 12 लोग घायल, जमीन कब्जे पर विवाद
असम के धीमाजी जिले में सोमवार सुबह अरुणाचल प्रदेश सीमा के पास फायरिंग में 12 लोग घायल हो गए। पुलिस के मुताबिक, जमीन पर कब्जे के विवाद के बाद यह घटना हुई। घटना गेरुकामुख थाने के गोगामुख राजस्व सर्किल में असम-अरुणाचल सीमा पर स्थित मिंगमंग बस्ती में हुई। शुरुआती जानकारी के अनुसार, सीमा पार से आए लोगों ने असम के ग्रामीणों को निशाना बनाकर अंधाधुंध फायरिंग की। घायलों को पहले गोगामुख ग्रामीण अस्पताल में भर्ती कराया गया। इनमें से 7 लोगों को गंभीर हालत में धीमाजी सिविल अस्पताल भेजा गया, जबकि गंभीर रूप से घायल 4 लोगों को बेहतर इलाज के लिए असम मेडिकल कॉलेज और अस्पताल रेफर किया गया। आज की अन्य बड़ी खबरें… दीपके ने गांवों के स्कूल सुधार अभियान का ऐलान किया, 15 अगस्त से सरपंचों को जोड़ने की अपील कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने गांवों के सरकारी स्कूलों की सुविधाएं सुधारने के लिए देशव्यापी अभियान का ऐलान किया है। यह अभियान 15 अगस्त से शुरू होगा। उन्होंने ने अभिभावकों से स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं का सोशल ऑडिट करने और सरपंचों से सरकारी स्कूलों को सुधारने की जिम्मेदारी उठाने की अपील की। दीपके ने वीडियो जारी कर कहा कि वह महाराष्ट्र के अपने गांव हिंगोली से इस अभियान की शुरुआत करेंगे। अमेरिकी राजदूत ने विदेश सचिव मिश्री से मुलाकात की सोमवार को भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने विदेश सचिव विक्रम मिश्री से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने शिवसेना के राज्यसभा सांसद मिलिंद देवड़ा से भी अलग बैठक की। दोनों बैठकों में भारत-अमेरिका संबंधों, व्यापार और निवेश पर चर्चा हुई। गोर ने अपने आधिकारिक X हैंडल पर दोनों मुलाकातों की जानकारी साझा की। असम सरकार साइंस सिटी के लिए 100 करोड़ देगी, सीएम बोले- मार्च 2027 तक पूरा होने की उम्मीद असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने सोमवार को कामरूप मेट्रो जिले के सोनापुर स्थित गुवाहाटी साइंस सिटी का दौरा किया। उन्होंने केंद्र में चल रहे निर्माण कार्यों का जायजा लिया और अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में साइंस सिटी के विकास के अगले चरण के लिए तय कामों की प्रगति की जानकारी ली गई। मुख्यमंत्री ने मीडिया से कहा कि साइंस सिटी का औपचारिक उद्घाटन पांच महीने पहले हुआ था। साइंस सिटी को लोगों के लिए ज्यादा आकर्षक और उपयोगी बनाने के लिए 100 करोड़ रुपए अतिरिक्त देगी।
Y+ कैटेगरी की सुरक्षा, फिर भी पिटे मंड:लुधियाना में बोले- सुरक्षाकर्मियों ने बचाया नहीं, पिटता देख हंस रहे थे, 2 CRPF जवान मुख्यालय तलब
पंजाब के खालिस्तान विरोधी नेता गुरसिमरन सिंह मंड पर 7 अगस्त को अंबाला के पंजोखरा साहिब में हुए हमले के मामले में अब उनकी सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। मंड के परिवार का आरोप है कि उन्हें Y+ श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई है। इसके बावजूद हमले के समय सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें और उनके बेटे को हमलावरों से बचाने के लिए प्रभावी कार्रवाई नहीं की। परिवार के अनुसार, घटना के समय मंड के साथ 5 गनमैन ड्यूटी पर थे। जबकि, मौके पर 8 सुरक्षाकर्मी होने चाहिए थे। मंड का आरोप है कि जब उनकी पिटाई हो रही थी, उस समय कुछ सुरक्षाकर्मी उन्हें बचाने के बजाय खड़े होकर हंस रहे थे। मंड ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय को घटना से संबंधित मारपीट के वीडियो सोशल मीडिया पर मिले, जिसके बाद सुरक्षा में तैनात CRPF के 2 जवानों को मुख्यालय तलब किया गया है। हालांकि, दोनों जवानों पर विभागीय स्तर पर क्या कार्रवाई की गई है, इसकी अभी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। मंड के बेटे को भी 2 सुरक्षाकर्मी मिले मंड ने बताया कि उन्हें Y+ सुरक्षा मिली हुई है। उनके अनुसार, सुरक्षा व्यवस्था में 11 CRPF जवान और पंजाब पुलिस के 3 जवान शामिल हैं। इसके अलावा बेटे की सुरक्षा के लिए पंजाब सरकार की ओर से 2 गनमैन उपलब्ध करवाए गए हैं। परिवार का दावा है कि घटना के समय इन सभी सुरक्षा कर्मियों की मौजूदगी नहीं थी और मौके पर करीब 7 से 8 सुरक्षाकर्मी होने चाहिए थे, लेकिन केवल 5 जवान ही मौजूद थे। बेटे भवजोत सिंह मंड के अनुसार, घटना के बाद पंजाब पुलिस के 2 सुरक्षाकर्मी अब उनके साथ ड्यूटी करने से भी हिचक रहे हैं। मामला वरिष्ठ अधिकारियों के ध्यान में आने के बाद उनके घर के बाहर पंजाब पुलिस की सुरक्षा दोबारा तैनात की गई है। अस्पताल में भर्ती मंड ने ये आरोप लगाए जानिए, क्या हुआ था उस दिन… 7 अगस्त 2026 की शाम अंबाला के पंजोखरा साहिब में मंड पर हमला हुआ। वह गुरुद्वारा साहिब में माथा टेकने पहुंचे थे। जानकारी के मुताबिक, मंड की गाड़ी को गुरुद्वारा साहिब की ओर जाने वाले भीड़भाड़ वाले रास्ते पर ले जाने को लेकर कुछ श्रद्धालुओं ने आपत्ति जताई थी। इसके बाद विवाद बढ़ा। हालांकि, मंड ने बताया कि बड़ी संख्या में लोगों ने उन पर हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कट्टरपंथियों ने उन्हें खालिस्तानी नारे लगाने को कहा था। जब उन्होंने मना किया तो उन्हें मारने लगे। इन आरोपों की पुलिस जांच कर रही है। अंबाला पुलिस के मुताबिक, घटना में मंड, उनके बेटे भावजोत और दो पुलिसकर्मी राकेश कुमार तथा कुलबीर राणा घायल हुए। मंड की कार को भी नुकसान पहुंचा। ॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… हरियाणा में पिटे खालिस्तान विरोधी नेता मंड की कहानी:चंडीगढ़ से ग्रेजुएट, लुधियाना में रहते; राजीव गांधी की मूर्ति पगड़ी से साफ कर चुके अंबाला के पंजोखरा साहिब में 7 अगस्त को खालिस्तान विरोधी नेता गुरसिमरन सिंह मंड पर हमला हुआ। मंड गुरुद्वारा साहिब में माथा टेकने पहुंचे थे, जहां विवाद के बाद भीड़ ने उन पर हमला कर दिया। इस हमले में मंड समेत चार लोग घायल हुए, जबकि उनकी कार में भी तोड़फोड़ की गई। पढ़ें पूरी खबर…
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