5 मिनट और तेज हो सकती है मैराथन की रफ्तार:ऑस्ट्रेलियाई प्रोफेसर का दावा-जूतों के डिजाइन, कपड़ों के मैटेरियल की मदद से तेज होगी दौड़
लंदन की सड़कों पर रविवार को इतिहास बन गया, जब लंदन मैराथन में पहली बार दो धावकों ने 42.195 किलोमीटर की दूरी 2 घंटे से कम समय में पूरी कर दी। यह खेल इतिहास का ऐसा पल था, जिसे कभी असंभव माना जाता था। इन खिलाड़ियों ने न सिर्फ रिकॉर्ड तोड़ा, बल्कि यह भी दिखाया कि इंसानी क्षमता की सीमाएं लगातार आगे बढ़ रही हैं। भविष्यवाणी भी हुई पीछे लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती। ऑस्ट्रेलिया की मोनाश यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर साइमन एंगस का मानना है कि यह रिकॉर्ड भी ज्यादा समय तक नहीं टिकेगा। उनका कहना है कि भविष्य में मैराथन का समय 1 घंटा 54 मिनट तक पहुंच सकता है, यानी मौजूदा रिकॉर्ड से करीब 5 मिनट 30 सेकंड तेज। एंगस पिछले कई वर्षों से मैराथन रिकॉर्ड्स का अध्ययन कर रहे हैं। उन्होंने 2019 में अनुमान लगाया था कि 2 घंटे से कम समय का रिकॉर्ड 2032 तक बनेगा। बाद में उन्होंने इसे 2027 तक संशोधित किया। लेकिन लंदन में जो हुआ, उसने उनकी सभी भविष्यवाणियों को पीछे छोड़ दिया। एंगस बताते हैं, ‘यह सिर्फ दौड़ नहीं है, बल्कि विज्ञान, टेक्निक और कड़ी मेहनत का संगम है। विज्ञान और तकनीक का कमाल आज के एथलीट्स बेहतर ट्रेनिंग, उन्नत जूतों, संतुलित पोषण और नई टेक्निक का फायदा उठा रहे हैं।’ उनका मानना है कि आने वाले समय में जूतों के डिजाइन, कपड़ों के मैटेरियल और टेक्निक जैसे पहलुओं में बदलाव इस खेल को और तेज बना सकते हैं। हालांकि, इसके साथ डोपिंग नियंत्रण भी उतना ही जरूरी रहेगा, ताकि निष्पक्षता बनी रहे। वे यह भी कहते हैं कि जैसे-जैसे रिकॉर्ड बेहतर होते जाते हैं, उन्हें और सुधारना कठिन हो जाता है। यह ठीक वैसा ही है, जैसे कोई व्यक्ति फिटनेस सुधारने की कोशिश करता है, शुरुआत में तेजी से सुधार होता है, लेकिन बाद में हर ग्राम कम करने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। इस ऐतिहासिक दिन महिलाओं की दौड़ में भी रिकॉर्ड बना। इथोपिया की टिग्स्ट असेफा ने 2:15:41 घंटे के समय के साथ महिलाओं की सबसे तेज ‘वुमेंस-ओनली’ मैराथन जीतकर नया कीर्तिमान स्थापित किया। एंगस का मानना है कि भविष्य में यह समय भी 2 घंटे 10 मिनट तक पहुंच सकता है। लंदन मैराथन ने यह साबित कर दिया है कि खेल में ‘नामुमकिन’ शब्द अब धीरे-धीरे खत्म हो रहा है। हर नया रिकॉर्ड एक नई उम्मीद जगाता है और यह सफर अभी जारी है। केन्या के सेबेस्टियन सावे ने एक घंटे 59.30 मिनट का समय लिया केन्या के सेबेस्टियन सावे ने 1 घंटा 59 मिनट 30 सेकंड में फिनिश लाइन पार कर वर्ल्ड रिकॉर्ड बना दिया, जबकि इथियोपिया के योमिफ केजेलचा ने 1:59.41 घंटे के समय के साथ दूसरा स्थान हासिल किया था। इससे पहले रिकॉर्ड केन्या के केल्विन किप्टुम (2 घंटे 35 सेकंड) के नाम था, जिनका 2024 में एक कार हादसे में निधन हो गया था।
भवानीपुर स्ट्रॉन्ग रूम में 4 घंटे रहीं CM ममता बनर्जी, EVM सुरक्षा पर बड़ा बवाल, सुवेंदु अधिकारी बोले – ‘किसी भी तरह की गड़बड़ी नहीं होने देंगे’
पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल के बीच EVM को लेकर नया विवाद सामने आया है। दरअसल मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भवानीपुर के स्ट्रॉन्ग रूम में चार घंटे से ज्यादा समय तक मौजूद रहीं। वहीं EVM सुरक्षा पर चिंता जताई। दूसरी तरफ चुनाव आयोग ने साफ किया कि वहां केवल पोस्टल बैलेट की प्रक्रिया चल रही थी।दरअसल यह मामला तब गरमाया जब टीएमसी ने आरोप लगाया कि स्ट्रॉन्ग रूम में मतपेटियों के साथ छेड़छाड़ की कोशिश हो रही है।
सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी शेयर किया गया जिसके बाद पार्टी कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए और धरना शुरू कर दिया। ममता बनर्जी भी देर रात खुद वहां पहुंचीं और सख्त बयान देते हुए कहा कि किसी भी कीमत पर EVM से छेड़छाड़ नहीं होने दी जाएगी। इस घटनाक्रम ने चुनावी माहौल को और ज्यादा तनावपूर्ण बना दिया है।
TMC और चुनाव आयोग आमने-सामने
❗️ALARMING❗️
This is the murder of democracy in broad daylight.
CCTV footage has exposed how @BJP4India, in active collusion with the @ECISVEEP, is opening ballot boxes without the presence of any relevant party stakeholders. This is gross electoral fraud being committed openly… pic.twitter.com/aSe36kGKPI
— All India Trinamool Congress (@AITCofficial) April 30, 2026
दरअसल इस पूरे विवाद में टीएमसी और चुनाव आयोग के बयान एक-दूसरे से बिल्कुल अलग हैं। टीएमसी का कहना है कि CCTV फुटेज में साफ दिख रहा है कि EVM से जुड़ी प्रक्रिया में गड़बड़ी की जा रही थी। पार्टी ने इसे चुनाव में धांधली की कोशिश बताया और कड़ी कार्रवाई की मांग की। वहीं चुनाव आयोग ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। आयोग के अधिकारियों के मुताबिक उस समय सिर्फ पोस्टल बैलेट की छंटाई की जा रही थी जो एक नियमित प्रक्रिया है। इसके लिए सभी राजनीतिक दलों को बुलाया गया था, लेकिन कोई प्रतिनिधि समय पर नहीं पहुंचा। बाद में CCTV को लेकर सवाल उठाए गए, जिन्हें तुरंत दूर कर दिया गया।
ভবানীপুর নির্বাচনী এলাকা সহ সমগ্র পশ্চিমবঙ্গবাসী ভোটার ভদ্রমণ্ডলী কে আশ্বস্ত করতে চাই যে এই কেন্দ্রের তৃণমূল কংগ্রেস প্রার্থী তথা বিদায়ী মুখ্যমন্ত্রী, মাননীয়া কে কোনোরকম বাড়তি সুবিধা নেওয়া থেকে বিরত থাকতে বাধ্য করা হয়েছে।
উনি যতোই চেষ্টা চালান না কেন, কোনো রকম নিয়ম বহির্ভূত… pic.twitter.com/9hxyr3A97x— Suvendu Adhikari (@SuvenduWB) April 30, 2026
जानिए क्या बोले सुवेंदु अधिकारी?
हालांकि यह पहली बार नहीं है जब EVM को लेकर विवाद हुआ हो। हर बड़े चुनाव से पहले इस तरह के आरोप सामने आते रहे हैं जिससे चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर बहस तेज हो जाती है। हालांकि चुनाव आयोग लगातार यह दावा करता रहा है कि EVM पूरी तरह सुरक्षित और छेड़छाड़ से मुक्त हैं। वहीं इस मामले ने राजनीतिक बयानबाजी को भी तेज कर दिया है। भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने दावा किया है कि जब ममता बनर्जी स्ट्रॉन्ग रूम में थीं तब भाजपा के एजेंट भी वहां मौजूद थे और उन्होंने पूरी प्रक्रिया पर नजर रखी। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी तरह की गड़बड़ी नहीं होने दी जाएगी।
वहीं दूसरी ओर भाजपा ने टीएमसी पर भी आरोप लगाए हैं कि यह पूरा मामला राजनीतिक दबाव बनाने के लिए खड़ा किया गया है। पार्टी का कहना है कि चुनाव परिणाम से पहले माहौल को प्रभावित करने की कोशिश हो रही है।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
Mp Breaking News






















