ईरान के सुप्रीम लीडर की चेतावनी, होर्मुज और खाड़ी क्षेत्र में नया अध्याय होगा शुरू, यूएस को दी सख्त हिदायत
ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका और इजराइल के साथ जारी युद्ध के बीच खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य के लिए लिए एक "नया अध्याय" शुरू हो चुका है. सरकारी टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रीय फारस की खाड़ी दिवस पर एक संदेश में सर्वोच्च नेता ने कहा कि अमेरिका की मौजूदगी के बिना खाड़ी क्षेत्र का "उज्ज्वल भविष्य" होगा. टीवी पर प्रसारित के संदेश में सर्वोच्च नेता ने कहा कि तेहरान खाड़ी क्षेत्र को सुरक्षित करेगा और "जलमार्ग के दुश्मन द्वारा किए जा रहे दुरुपयोग" को समाप्त करेगा.
अमेरिकियों का एकमात्र स्थान
खामेनेई ने अपने संदेश में लिखा, होर्मुज जलडमरूमध्य का नया प्रबंधन सभी खाड़ी देशों के लिए शांति, प्रगति और आर्थिक लाभ लाएगा. देश के अंदर और बाहर रहने वाले 90 मिलियन गौरवान्वित और सम्मानित ईरानी, ईरान की पहचान पर आधारित सभी आध्यात्मिक, मानवीय, वैज्ञानिक, औद्योगिक और तकनीकी क्षमताओं- नैनो तकनीक और जैव तकनीक से लेकर परमाणु और मिसाइल क्षमताओं तक को राष्ट्रीय संपत्ति मानते हैं. उनकी रक्षा उसी प्रकार करेंगे जैसे वे देश के जल, भूमि और हवाई क्षेत्र की रक्षा करते हैं. ईरानी सर्वोच्च नेता ने आगे कहा कि फारस की खाड़ी में अमेरिकियों का एकमात्र स्थान “इसके जल की गहराई में” है.
उन्होंने आगे कहा, “ईश्वर की कृपा और शक्ति से, फारस की खाड़ी क्षेत्र का उज्ज्वल भविष्य अमेरिका के बिना होगा, एक ऐसा भविष्य जो यहां के लोगों की प्रगति, आराम और समृद्धि में योगदान देगा.” अमेरिकी सेना ईरान युद्ध के लिए ट्रंप को तीन नई योजनाएं पेश कर सकती है.
होर्मुज नाकाबंदी से वैश्विक तेल आपूर्ति ठप
28 फरवरी को शुरू हुआ अमेरिका और इजरायल और ईरान का युद्ध अब गतिरोध में है. शांति वार्ता में किसी तरह की प्रगति नहीं हुई है. युद्धविराम के बाद भी अमेरिकी सेना होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी जारी रखे हुए है. इससे तेल और गैस व्यापार में व्यवधान और बढ़ गया है.
अमेरिका की नाकाबंदी के जवाब में ईरान ने एक बार फिर होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने का ऐलान किया है. इससे कई जहाज एक बार फिर समुद्र में फंस गए. इस रोक के कारण, तेल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं. ब्रेंट क्रूड की कीमत 120 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई है. मार्च 2022 में यूक्रेन युद्ध के दौरान 130 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचने के बाद से उच्चतम स्तर है.
किरेन रिजिजू का हज के लिए हवाई किराए में बढ़ोतरी पर बयान, 'सरकार ने बातचीत के जरिए कम कराया बोझ'
नई दिल्ली, 30 अप्रैल (आईएएनएस)। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने हज 2026 के हवाई किराए में हुई बढ़ोतरी को लेकर उठ रहे सवालों पर सफाई दी है। उन्होंने कहा कि सरकार ने भारी किराया वृद्धि को बातचीत के जरिए काफी हद तक कम कराया, जिससे लाखों हज यात्रियों को बड़ी राहत मिली है।
किरन रिजिजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि देश के अनगिनत परिवारों के लिए हज सिर्फ एक यात्रा नहीं, बल्कि जीवन में एक बार पूरा होने वाला सपना होता है, जिसे लोग वर्षों तक संजोकर रखते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार इस भावना का पूरा सम्मान करती है।
रिजिजू ने बताया कि मौजूदा भू-राजनीतिक तनाव और पश्चिम एशिया संकट के कारण वैश्विक स्तर पर एविएशन टर्बाइन फ्यूल की कीमतों में तेज उछाल आया है। इसी वजह से एयरलाइंस ने प्रति हज यात्री 300 से 400 अमेरिकी डॉलर तक किराया बढ़ाने की मांग की थी। एविएशन टर्बाइन फ्यूल की कीमतों में इस बढ़ोतरी के लिए एयरलाइंस को भी पूरी तरह दोषी नहीं ठहराया जा सकता, क्योंकि यह एक वैश्विक परिस्थिति है।
उन्होंने कहा कि सरकार और हज कमेटी ने लंबी बातचीत और कड़े मोलभाव के बाद इस बढ़ोतरी को केवल 100 अमेरिकी डॉलर प्रति यात्री तक सीमित कर दिया। इससे हर हज यात्री को 200 से 300 डॉलर तक की राहत मिली है।
किरेन रिजिजू से पहले केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने भी विस्तृत स्पष्टीकरण जारी किया। मंत्रालय ने कहा कि हज हवाई किराए में 10,000 रुपए की बढ़ोतरी को लेकर कई तरह की चिंताएं और टिप्पणियां सामने आई हैं, जिन पर सरकार गंभीरता से ध्यान दे रही है।
मंत्रालय ने कहा कि हर हज यात्री की चिंता सरकार समझती है, क्योंकि अधिकांश लोग वर्षों तक बचत कर इस पवित्र यात्रा की तैयारी करते हैं। यही वजह है कि हज कमेटी ने यात्रियों के हित में एयरलाइंस के साथ सख्त बातचीत की।
मंत्रालय के अनुसार, व्यापक विचार-विमर्श और संबंधित पक्षों से चर्चा के बाद सरकार ने केवल 100 डॉलर प्रति यात्री की एकमुश्त बढ़ोतरी को मंजूरी दी। यह फैसला किसी प्रकार का शोषण नहीं, बल्कि यात्रियों को कहीं अधिक आर्थिक बोझ से बचाने का प्रयास है। सरकार ने कहा कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी, कानूनी और सद्भावना के साथ पूरी की गई, ताकि हज 2026 की तैयारियों में किसी तरह का व्यवधान न आए। इस समय एक लाख से अधिक यात्री पहले ही पंजीकरण करा चुके हैं।
केंद्रीय मंत्री किरन रिजिजू ने दोहराया कि सरकार का उद्देश्य हज को हर भारतीय मुस्लिम के लिए सुलभ, व्यवस्थित और किफायती बनाए रखना है। हज 2026 संचालन को सुचारू बनाए रखने और यात्रियों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव कम करने के लिए यह फैसला जरूरी था।
--आईएएनएस
एएमटी/एबीएम
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