भरतपुर बनेगा इको-टूरिज्म हब, जू-सफारी और ट्रेकिंग एक साथ, बदलेगी पर्यटन की पूरी तस्वीर
Bharatpur Eco Tourism : भरतपुर अब सिर्फ पक्षी विहार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि एक बड़े इको-टूरिज्म हब के रूप में उभरने जा रहा है. बंध बारैठा क्षेत्र में जू, सफारी, तितली उद्यान और ट्रेकिंग ट्रेल जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी. इस योजना से पर्यटकों को एक ही स्थान पर विविध वन्यजीवों का अनुभव मिलेगा. साथ ही पर्यटन बढ़ने से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी खुलेंगे.
Ground Report: कहीं आपके घर जहरीले फल तो नहीं... फल खरीदने से पहले ये जरूर देखें
Mumbai Watermelon Case:मुंबई से सामने आई एक सनसनीखेज घटना ने सबको चौंका दिया है, जहां एक ही परिवार के चार लोगों की संदिग्ध मौत के बाद अब लोगों के मन में बड़ा सवाल खड़ा हो गया है क्या हम जो फल खा रहे हैं वो सच में सुरक्षित हैं? न्यूज18 इंडिया की पड़ताल में हैरान करने वाली सच्चाई सामने आई है कि खेत से लेकर बाजार तक फलों को जल्दी बड़ा, चमकदार और मीठा दिखाने के लिए खतरनाक केमिकल्स और इंजेक्शन का इस्तेमाल किया जा रहा है. जो फल प्राकृतिक तरीके से पकने में 8-10 दिन लेते हैं, उन्हें सिर्फ 24-48 घंटे में तैयार कर बाजार में बेच दिया जाता है. कई जगहों पर कैल्शियम कार्बाइड जैसे प्रतिबंधित पदार्थों का भी इस्तेमाल हो रहा है, जो शरीर के लिए बेहद नुकसानदायक साबित हो सकते हैं. सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि ये केमिकल सिर्फ फल की सतह पर नहीं रहते बल्कि अंदर तक पहुंच जाते हैं, जिससे सिर्फ धोने या काटने से भी खतरा खत्म नहीं होता. एक्सपर्ट्स के मुताबिक ऐसे फल खाने से फूड पॉइजनिंग, बैक्टीरियल इंफेक्शन और केमिकल रिएक्शन का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे में अब जरूरी हो गया है कि लोग ज्यादा चमकदार और असामान्य रूप से बड़े फलों से सावधान रहें, कटे हुए फल खरीदने से बचें और हमेशा भरोसेमंद जगह से ही फल लें, क्योंकि अब सवाल सिर्फ स्वाद का नहीं बल्कि सेहत और सुरक्षा का भी है.
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