Narasimha Jayanti 2026: प्रदोष काल में प्रकट हुए थे भगवान नृसिंह, जानें शाम की पूजा का शुभ मुहूर्त, नृसिंह जयंती का महत्व
Narasimha Jayanti 2026: सनातन धर्म में वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को भगवान नृसिंह की जयंती मनाई जाती है. भगवान नृसिंह श्रीहरि विष्णु के चौथे अवतार माने जाते हैं. भगवान विष्णु ने राजा हिरण्यकश्यप का वध करने और अपने भक्त प्रहलाद की रक्षा करने के लिए नृसिंह अवतार लिया था. नृसिंह जयंती के दिन धर्म शास्त्र विधि से इनका पूजन करना चाहिए. भगवान नृसिंह की पूजा करने से जीवन में सभी सुखों की प्राप्ति होती है. इसके साथ ही सभी कष्ट और संकट समाप्त हो जाते हैं. अकाल मृत्यु का भय कम होता है. शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है. जातक को दैहिक, दैविक और भौतक सभी सुखों की प्राप्ति होती है. आइए जानते हैं आज किस मुहूर्त में उनकी पूजा करें, सही विधि और मंत्र.
नृसिंह जयंती पूजा मुहूर्त
द्रिक पंचांग के अनुसार, भगवान नृसिंह न तो दिन में प्रकट हुए थे और न रात में प्रकट हुए. उनका प्रकट होने का समय प्रदोष काल माना जाता है. इसलिए पूजा का मुहूर्त शाम 04 बजकर 17 मिनट से शाम 06 बजकर 56 मिनट तक रहेगा. इस मुहूर्त में भगवान नृसिंह की पूजा करने से पूजा का पूरा फल प्राप्त होगा. आपकी सभी मनोकामनाएं पूरी होंगी.
नृसिंह जयंती व्रत का पारण मुहूर्त
नृसिंह जयंती व्रत का पारण 1 मई को सुबह 05 बजकर 41 मिनट के बाद किया जाएगा. व्रत का सही विधि से पारण करने पर ही व्रत का पूरा फल प्राप्त होता है.
नृसिंह जयंती का महत्व
शास्त्रों में नृसिंह जयंती पर्व की विशेष महिमा बताई गयी है. भगवान विष्णु ने धर्म और भक्त की रक्षा के लिए नृसिंह अवतार लिया था. उनका जन्म बुराई पर अच्छाई की जीत के लिए हुआ था. नृसिंह जयंती पर भगवान नृसिंह की शास्त्र विधि से पूजा करने से व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. जीवन के सभी संकट और कष्ट समाप्त हो जाते हैं. अपने शत्रु और विरोधियों पर विजय प्राप्त होती है. जीवन में सुख-शांति-समृद्धि आती है. हर तरह के डर और अकाल मृत्यु का भय समाप्त हो जाता है.
नृसिंह जयंती पूजा विधि
इस दिन सबसे पहले सूर्यादय के समय स्नान कर व्रत का संकल्प लें. इसके बाद स्वच्छ वस्त्र पहनकर पूजा करें. पूजा स्थल को अच्छे से साफ करें. उत्तर-पूर्व दिशा में चौकी बिछाएं, उस पर लाल या पीला वस्त्र बिछाएं. अब चौकी पर भगवान नृसिंह की मूर्ति या चित्र की स्थापित करें. अगर आपके पास शालिग्राम शिला है तो उसे भी स्थापित करें. भगवान के सामने घी का दीपक और धूपबत्ती जलाकर पूजा की शुरुआत करें. भगवान नृसिंह का गंगाजल से अभिषेक करें. शालिग्राम शिला का पंचामृत से अभिषेक करें. चंदन और सुगंधित फूलों से नृसिंह भगवान का श्रंगार करें. उन्हें तुलसी पत्र जरूर अर्पित करें. ऋतु फल और गाय के दूध से बने पदार्थों का भोग लगाएं.
श्रद्धा भक्ति के साथ आरती करें. आरती के बाद आसन पर बैठकर उनके मंत्रों का जाप करें. उनके प्रकट होने की कथा पढ़ें. साथ ही आज के दिन नृसिंह चालीसा और स्तोत्र का पाठ भी करना चाहिए. शाम के मुहूर्त में दोबारा से पूजा अवश्य करें, तभी व्रत का पूरा फल प्राप्त होगा.
भगवान नृसिंह के मंत्र
मूल मंत्र- ऊं नमो भगवते नारसिंहाय
बीज मंत्र- ऊं उग्रं वीरं महाविष्णुं ज्वलन्तं सर्वतोमुखम्।
नृसिंहं भीषणं भद्रं मृत्यु मृत्युं नमाम्यहम्॥
नृसिंह गायत्री मंत्र- ऊं उग्रनृसिंहाय विद्महे, वज्रनखाय धीमहि।
तन्नो नृसिंहः प्रचोदयात्।
नृसिंह कवच मंत्र- नारायणानन्त हरे नृसिंह प्रह्लादबाधा हरेः कृपालु:
ऋण मोचक मंत्र- ऊं क्रोध नरसिंहाय नृम नमः
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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. न्यज नेशन इसकी पुष्टि नहीं करता है.
यूरोप में जलवायु परिवर्तन की स्थिति और गंभीर होने का खतरा, गर्मी बढ़ने का अलर्ट जारी
जिनेवा, 30 अप्रैल (आईएएनएस)। यूरोप किसी भी अन्य महाद्वीप की तुलना में अधिक तेजी से गर्म हो रहा है। कई रिपोर्टों में तेजी से बढ़ती जलवायु चरम स्थितियों की स्पष्ट तस्वीर सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, जलवायु परिवर्तन अब एक ऐसी सच्चाई बन चुका है, जो पूरे यूरोप में पारिस्थितिकी तंत्र, अर्थव्यवस्था और मानव स्वास्थ्य को प्रभावित कर रहा है और इससे निपटने के लिए बड़े कदम उठाने की जरूरत है।
वर्ल्ड मेटियोरोलॉजिकल ऑर्गनाइजेशन (डब्ल्यूएमओ) की मुख्य सचिव सेलेस्टे साउलो ने बुधवार (स्थानीय समय) को जारी यूरोपीय स्टेट ऑफ द क्लाइमेट रिपोर्ट 2025 को पेश करते हुए कहा, 1980 से, यूरोप ग्लोबल एवरेज से दोगुनी तेजी से गर्म हो रहा है, जिससे यह धरती पर सबसे तेजी से गर्म होने वाला महाद्वीप बन गया है।
ईयू समर्थित कोपरनिकस क्लाइमेट चेंज सर्विस और डब्ल्यूएमओ की रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में यूरोप को रिकॉर्ड या लगभग रिकॉर्ड स्तर की चरम जलवायु परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है। इसमें पूरे महाद्वीप में हीटवेव, जंगल की आग, समुद्री तापमान में बढ़ोतरी और बर्फ के तेजी से पिघलने जैसी घटनाएं शामिल हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, यूरोप के कम से कम 95 फीसदी हिस्से में सालाना तापमान सामान्य से ज्यादा रिकॉर्ड किया गया, जिसमें मेडिटेरेनियन से आर्कटिक सर्कल तक लंबे समय तक गर्मी फैली रही।
यूरोप ने रिकॉर्ड पर अपनी दूसरी सबसे गंभीर हीटवेव का अनुभव किया, जबकि सब-आर्कटिक फेनोस्कैंडिया ने जुलाई में 21 दिन की हीटवेव का सामना किया। यह इस क्षेत्र में अब तक की सबसे लंबी और सबसे गंभीर हीटवेव है। न्यूज एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, आर्कटिक सर्कल के पास और उसके अंदर तापमान 30 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया या उससे ज्यादा हो गया।
ये नतीजे कोपरनिकस के बड़े डेटा से मेल खाते हैं, जो दिखाता है कि 2025 दुनिया भर में रिकॉर्ड पर तीसरा सबसे गर्म साल था।
गर्म और सूखे हालात ने यूरोप में रिकॉर्ड पर सबसे खराब जंगल की आग वाले साल को बढ़ावा दिया। रिपोर्ट में जंगल की आग के डेटा से पता चला कि 2025 में लगभग 1.034 मिलियन हेक्टेयर जमीन जल गई, जो साइप्रस से भी बड़ा इलाका है। यूरोप में जंगल की आग से होने वाला उत्सर्जन भी रिकॉर्ड पर अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया, जिसमें स्पेन महाद्वीप के कुल आग उत्सर्जन का लगभग आधा हिस्सा था।
2025 में कई बहुत बुरी घटनाओं ने समुद्र और जमीन के इकोसिस्टम में बायोडायवर्सिटी पर बढ़ता दबाव डाला है। इन घटनाओं में सूखा, जंगल की आग, और जमीन और समुद्र में हीटवेव शामिल हैं। सिकुड़ते और बदलते रहने की जगहें, बिगड़े हुए मौसमी चक्र और बदलते बारिश के पैटर्न ने प्रकृति पर दबाव और बढ़ा दिया है।
रिपोर्ट में सेंसिटिव इकोसिस्टम पर जलवायु परिवर्तन के असर के ठोस उदाहरण दिए गए हैं, जैसे कि भूमध्य सागर में समुद्री हीटवेव से सीग्रास के मैदानों को नुकसान पहुंचना और पीटलैंड पर असर डालने वाली जंगल की आग, जो जलवायु और जैव विविधता के नुकसान के बीच बढ़ते लिंक को दिखाती है।
ग्लोबल फॉरेस्ट वॉच प्लेटफॉर्म के अलग-अलग नतीजों से पता चला कि जलवायु परिवर्तन से जुड़े जंगलों का नुकसान 2025 में यूरोप में भी काफी ज्यादा होगा। फ्रांस में, आग की वजह से पेड़ों का नुकसान 2025 में रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया। यह 2024 के मुकाबले सात गुना ज्यादा। स्पेन और पुर्तगाल में, 2025 में पेड़ों के नुकसान का लगभग 60 फीसदी हिस्सा जंगल की आग की वजह से हुआ।
बहुत ज्यादा गर्मी इंसानी सेहत और प्रोडक्टिविटी पर भी काफी बुरा असर डालती है। फूड एंड एग्रीकल्चर ऑर्गनाइजेशन (एफएओ) और डब्ल्यूएमओ की एक संयुक्त रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि बहुत ज्यादा गर्मी ग्लोबल एग्रीफूड सिस्टम को बिगाड़ रही है, जिससे एक अरब से ज्यादा लोगों को खतरा है। इसमें अनुमान लगाया गया है कि गर्मी के तनाव की वजह से दुनिया भर में हर साल लगभग 500 अरब काम के घंटे का नुकसान होता है।
एफएओ के डायरेक्टर-जनरल क्वो डोंग्यू ने बहुत ज्यादा गर्मी को बड़ा रिस्क मल्टीप्लायर बताया। इससे फसलों, जानवरों, मछली पालन, जंगलों और उन पर निर्भर समुदायों और अर्थव्यवस्थाओं पर बढ़ता दबाव पड़ रहा है।
यूरोप में रिकॉर्ड हीटवेव का जिक्र करते हुए यूरोपियन सेंटर फॉर मीडियम-रेंज वेदर फोरकास्ट्स के डायरेक्टर-जनरल फ्लोरियन पैपेनबर्गर ने कहा, 2025 की रिपोर्ट पॉलिसी से जुड़े फैसलों में मदद करने और लोगों को बदलते मौसम को बेहतर ढंग से समझने में मदद करने के लिए साफ, एक्शन लेने लायक जानकारी देती है जिसमें हम रह रहे हैं।
रिपोर्ट में यूरोपीय नीति बनाने वालों के उठाए गए कदमों की भी ओर इशारा किया गया है, जिसमें 2030 तक कम से कम 20 फीसदी जमीन और समुद्री इलाकों को और 2050 तक सभी जरूरी इकोसिस्टम को ठीक करने के लिए ईयू के कानूनी तौर पर जरूरी टारगेट शामिल हैं। यूरोपीय ग्रीन डील और ईयू क्लाइमेट लॉ जैसे बड़े फ्रेमवर्क जलवायु रणनीति में जैव विविधता की सुरक्षा को शामिल करते हैं।
हालांकि, इन कोशिशों के बावजूद, रिपोर्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि विकास तेज होना चाहिए।
डायरेक्टरेट-जनरल फॉर क्लाइमेट एक्शन में डिजिटल ग्रीन ट्रांजिशन के मुख्य सलाहकार, डुसन क्रेनेक ने कहा कि यूरोपियन स्टेट ऑफ द क्लाइमेट 2025 रिपोर्ट याद दिलाती है कि हमें अडैप्टेशन और मिटिगेशन, दोनों कोशिशों को बनाए रखना और तेज करना होगा।
उन्होंने यह भी कहा कि यूरोप को उच्च तकनीक के जरिए अपनी अर्थ ऑब्जर्वेशन क्षमता को और मजबूत करना चाहिए।
--आईएएनएस
केके/पीएम
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