मध्य पूर्व में तनाव के बीच सोने और चांदी में तेजी, कीमतों में आया 0.65 प्रतिशत तक का उछाल
मुंबई, 30 अप्रैल (आईएएनएस)। मध्य पूर्व में तनाव के बीच सोने और चांदी की कीमतों में गुरुवार को उछाल देखने को मिली है और दाम 0.65 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने के 05 जून 2026 के कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग 1,49,050 रुपए के मुकाबले 449 रुपए या 0.30 प्रतिशत की तेजी के साथ 1,49,499 रुपए पर खुला।
सुबह 9:40 पर यह 200 रुपए या 0.13 प्रतिशत की तेजी के साथ 1,49,250 रुपए पर था।
अब तक के कारोबार में सोने ने इंट्राडे में 1,49,526 रुपए का उच्च स्तर और 1,49,179 रुपए का न्यूनतम स्तर बनाया है।
चांदी का 3 जुलाई 2026 का कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग 2,38,254 रुपए के मुकाबले 2,530 रुपए या 1.06 प्रतिशत की तेजी के साथ 2,40,784 रुपए पर खुला।
खबर लिखे जाने तक चांदी 1,546 रुपए या 0.65 प्रतिशत की बढ़त के साथ 2,39,800 रुपए पर थी।
अब तक के कारोबार में चांदी ने 2,40,908 रुपए का उच्चतम स्तर और 2,39,339 रुपए का न्यूनतम स्तर छुआ है।
वैश्विक बाजारों में भी सोने और चांदी में तेजी देखी जा रही है। कॉमेक्स पर सोने 0.05 प्रतिशत की तेजी के साथ 4,563 डॉलर प्रति औंस और चांदी 0.43 प्रतिशत की बढ़त के साथ 72.40 डॉलर प्रति औंस पर थी।
सोने में तेजी की वजह ईरान-अमेरिका में तनाव को माना जा रहा है, जो कि लगातार बना हुआ है, जिससे वैश्विक स्तर पर अस्थिरता बढ़ रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से कहा गया कि जब तक ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम पर कोई समझौता नहीं करता, तब तक यह नाकेबंदी नहीं हटेगी। ईरान भी पीछे हटने के तैयार नहीं है, हालांकि, वह अमेरिका को शांति के प्रस्ताव दे चुका है।
वैश्विक अस्थिरता के चलते बीते एक साल में सोना का दाम 40 प्रतिशत से अधिक और चांदी की कीमत 120 प्रतिशत से अधिक बढ़ गई है।
--आईएएनएस
एबीएस/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
सांस लेने में दिक्कत से ब्रोंकियल इन्फेक्शन तक, श्वसन क्रिया सुधारने में कपालभाति कारगर
नई दिल्ली, 30 अप्रैल (आईएएनएस)। विश्व योग दिवस को कुछ ही दिन शेष रह गए हैं। इस बीच भारत सरकार का आयुष मंत्रालय आए दिन नए -नए योगासनों के अभ्यास के साथ ही उनसे मिलने वाले फायदों के बारे में जानकारी दे रहे है। बढ़ते प्रदूषण, धूल और मौसम के तेज बदलाव के कारण आजकल सांस लेने में दिक्कत, साइनस, खांसी, जुकाम और ब्रोंकियल इन्फेक्शन जैसी श्वसन संबंधी समस्याएं आम हो गई हैं। ऐसे में मंत्रालय ने श्वसन क्रिया को मजबूत और स्वस्थ रखने के लिए प्राचीन योग क्रिया कपालभाति को अपनाने की सलाह दी है।
कपालभाति एक शक्तिशाली प्राणायाम है, जो फेफड़ों को साफ करने, सांस की नलियों को खोलने और पूरे श्वसन तंत्र को बेहतर बनाने में बेहद कारगर माना जाता है। आयुष मंत्रालय के अनुसार, हर दिन कपालभाति के कुछ सावधानीपूर्वक चक्र करने से सांस को ताजगी मिलती है, शरीर में ऊर्जा का संचार होता है और श्वसन क्रिया मजबूत होती है। जिन लोगों को साइनस कंजेशन, लगातार खांसी, जुकाम, राइनाइटिस, साइनसाइटिस, अस्थमा या ब्रोंकियल इन्फेक्शन की शिकायत है, उनके लिए कपालभाति विशेष रूप से फायदेमंद साबित हो सकती है।
यह क्रिया फेफड़ों से पुरानी हवा और विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालती है, जिससे सांस लेने में आसानी होती है और संक्रमण का खतरा कम होता है।
कपालभाति करते समय तेजी से सांस छोड़नी पड़ती है, जबकि सांस लेना स्वाभाविक रूप से होता है। इससे फेफड़ों की क्षमता बढ़ती है, ऑक्सीजन का स्तर सुधरता है और श्वसन नलिकाओं में जमा बलगम साफ होता है। नियमित अभ्यास से सांस की नली की सूजन कम होती है और ब्रोंकियल इन्फेक्शन जैसी समस्याओं में राहत मिलती है।
हेल्थ एक्सपर्ट का कहना है कि कपालभाति न सिर्फ श्वसन तंत्र को मजबूत बनाती है, बल्कि शरीर की अंदर से सफाई भी करती है। यह मस्तिष्क को तरोताजा रखती है और सुबह के समय इसे करने से पूरे दिन ऊर्जा बनी रहती है। ऐसे में एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि शुरुआत में कम चक्रों से अभ्यास शुरू करें और धीरे-धीरे बढ़ाएं। कपालभाति हमेशा खाली पेट करें और अगर किसी को गंभीर बीमारी है, तो डॉक्टर या योग विशेषज्ञ की सलाह से ही अभ्यास करें।
--आईएएनएस
एमटी/पीएम
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