TRAI ने रीलॉन्च किया मायकॉल एप:अब ग्राहक कॉल क्वालिटी को रेटिंग दे सकेंगे, इससे सर्विस क्वालिटी सुधारने में मदद मिलेगी
टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी TRAI ने 3 अगस्त को अपने 'TRAI MyCall' मोबाइल एप्लिकेशन का नया और बेहतर वर्जन लॉन्च किया है। इस एप के जरिए टेलीकॉम उपभोक्ता अपनी वॉयस कॉलिंग के अनुभव को सीधे रेट कर सकेंगे और उसकी रिपोर्ट दे सकेंगे। रेगुलेटर का मकसद उपभोक्ता फीडबैक को तकनीकी नेटवर्क डेटा के साथ जोड़कर सर्विस क्वालिटी का बेहतर आकलन करके इसे और बेहतर बनाना है। क्या है TRAI MyCall एप? MyCall एक ऐसा प्लेटफॉर्म है, जो यूजर्स को वॉयस कॉल पर रियल-टाइम फीडबैक देने की सुविधा देता है। इसके साथ ही यूजर कॉल से जुड़े नेटवर्क पैरामीटर्स की जानकारी भी साझा कर सकते हैं। यह फीडबैक टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स यानी TSPs और TRAI को दिखाई देता है। इससे ऑपरेटर्स को यह समझने में मदद मिलती है कि नेटवर्क परफॉर्मेंस में कहां सुधार की जरूरत है। साथ ही, रेगुलेटर को क्वालिटी ऑफ एक्सपीरियंस यानी QoE का आकलन करने के लिए एक ठोस आधार मिलता है। एप के नए फीचर्स: 1 से 5 स्टार रेटिंग और स्पेसिफिक दिक्कतों की रिपोर्टिंग लॉन्च किए गए नए ऐप में यूजर्स को कई खास सुविधाएं दी गई हैं: इंसटेंट रेटिंग: यूजर कॉल खत्म होने के बाद 1 से 5 स्टार स्केल पर अपना कॉलिंग एक्सपीरियंस रेटिंग के रूप में दे सकते हैं। समस्याओं की रिपोर्टिंग: अगर यूजर को कॉल ड्रॉप, आवाज में देरी, आवाज गूंजना , एकतरफा आवाज आना , क्रॉस-कनेक्शन या कॉल कनेक्ट होने में देरी जैसी समस्या आती है, तो वह सीधे इसकी रिपोर्ट ऐप पर कर सकता है। सीधे ऑपरेटर तक पहुंचेगी शिकायत: एप से मिलने वाला डेटा (जो कि बिना पहचान उजागर किए शेयर होता है) संबंधित टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर यानी TSP और TRAI दोनों को दिखेगा। इससे ऑपरेटरों को यह समझने में मदद मिलेगी कि नेटवर्क सुधारने की जरूरत कहां है। उपभोक्ताओं की भागीदारी जरूरी: चेयरमैन लॉन्चिंग के मौके पर TRAI चेयरमैन अनिल कुमार लाहोटी ने कहा कि हर टेलीकॉम उपभोक्ता नेटवर्क क्वालिटी का अनुभव खुद करता है। यह एप उपभोक्ताओं को अपनी राय साझा करने के लिए सशक्त बनाएगा। उन्होंने कहा कि यह डेटा सर्विस प्रोवाइडर्स को नेटवर्क की कमियों को पहचानने और उन्हें ठीक करने में मदद करेगा। लाहोटी ने मोबाइल यूजर्स से ऐप डाउनलोड करने और नियमित रूप से फीडबैक देने की अपील की। क्या यह अनिवार्य है? पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए चेयरमैन ने साफ किया कि इस ऐप का इस्तेमाल पूरी तरह से स्वैच्छिक है। TRAI की इसे फोन कॉलिंग एप्स में जोड़ने या अनिवार्य बनाने की कोई योजना नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऑपरेटर्स के खिलाफ कार्रवाई केवल ऐप के फीडबैक पर आधारित नहीं होगी, बल्कि यह TRAI के नेटवर्क मॉनिटरिंग और ड्राइव टेस्ट के तकनीकी मानकों पर ही निर्भर करेगी।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: MP की यामिनी मौर्य ने जीता सिल्वर, अजय बाबू भी बने रजत पदक विजेता, 25-25 लाख रुपये की पुरस्कार राशि का ऐलान
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। दरअसल बॉक्सिंग में भारत ने रिकॉर्ड गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रचा, वहीं मध्य प्रदेश के दो खिलाड़ियों ने भी देश का नाम रोशन किया। जूडो खिलाड़ी यामिनी मौर्य और वेटलिफ्टर अजय बाबू ने अपने-अपने मुकाबलों में शानदार खेल दिखाते हुए रजत पदक हासिल किए। दोनों खिलाड़ियों की उपलब्धि पर पूरे प्रदेश में खुशी का माहौल है।
दरअसल मध्य प्रदेश के खेल मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने दोनों खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि राज्य के खेल इतिहास के लिए गर्व का पल है। उन्होंने घोषणा की कि यामिनी और अजय बाबू को 25-25 लाख रुपये की पुरस्कार राशि दी जाएगी। साथ ही खेल नीति के अनुसार दोनों को सरकारी विभाग में नौकरी भी मिलेगी।
किसान परिवार की बेटी ने कॉमनवेल्थ में बढ़ाया देश का मान
वहीं सागर जिले की रहने वाली यामिनी मौर्य ने महिला 57 किलोग्राम जूडो वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल तक का सफर तय किया। फाइनल मुकाबले में उन्हें इंग्लैंड की खिलाड़ी असेल्या टोपराक के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा, लेकिन सिल्वर मेडल जीतकर उन्होंने नया इतिहास रच दिया। यामिनी एक साधारण किसान परिवार से आती हैं। उनके पिता हरिओम मौर्य खेती करते हैं और परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत नहीं रही। उनके कोच दीपक रजक ने बचपन में उनकी प्रतिभा को पहचाना और परिवार को नियमित प्रशिक्षण के लिए तैयार किया। शुरुआत में आर्थिक कारणों और सामाजिक सोच की वजह से परिवार हिचकिचा रहा था, लेकिन बाद में उन्होंने बेटी का पूरा साथ दिया। आज उसी मेहनत का नतीजा है कि यामिनी अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश और मध्य प्रदेश का नाम रोशन कर रही हैं। उनकी सफलता उन हजारों बेटियों के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखती हैं।
अजय बाबू का शानदार प्रदर्शन
दरअसल पुरुष 79 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में अजय बाबू वल्लुरी ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया। उन्होंने कुल 330 किलोग्राम वजन उठाया, जिसमें 149 किलोग्राम स्नैच और 181 किलोग्राम क्लीन एंड जर्क शामिल रहा। स्नैच स्पर्धा में उन्होंने गेम्स रिकॉर्ड भी बनाया, जबकि क्लीन एंड जर्क में रिकॉर्ड की बराबरी की। हालांकि मलेशिया के एरी हिदायत मुहम्मद ने आखिरी प्रयास में 184 किलोग्राम वजन उठाकर कुल 331 किलोग्राम के साथ नया गेम्स रिकॉर्ड बना दिया और गोल्ड मेडल जीत लिया। अजय बाबू सिर्फ एक किलो के अंतर से स्वर्ण पदक से चूक गए। मूल रूप से आंध्र प्रदेश के रहने वाले अजय लंबे समय से मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं क्योंकि उनके पिता भोपाल में पदस्थ हैं। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि उनका प्रदर्शन भविष्य के अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों के लिए बेहद सकारात्मक संकेत है। दूसरी ओर, कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का अभियान लगातार मजबूत होता दिख रहा है।
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