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Gadar 2 एक्ट्रेस Ameesha Patel ने शादी के फैसले पर तोड़ी चुप्पी, बताई सिंगल रहने की वजह

बॉलीवुड में कई सितारे ऐसे हैं जिन्होंने अपनी पसंद से सिंगल रहने का फैसला किया है। सलमान खान, सुष्मिता सेन और तब्बू के बाद अब एक्ट्रेस अमीषा पटेल ने भी अपनी निजी जिंदगी को लेकर खुलकर बात की है। 51 साल की अमीषा का कहना है कि वह अपनी सिंगल लाइफ से पूरी तरह खुश हैं और फिलहाल शादी करने का कोई इरादा नहीं रखतीं।

फैन के सवाल पर दिया बेबाक जवाब
हाल ही में, अमीषा पटेल ने एक्स पर Ask Me Anything सेशन किया। इस दौरान एक फैन ने उनसे पूछा, "आप शादी कब कर रही हैं?" इस सवाल का जवाब देते हुए अमीषा ने कहा, "कभी नहीं। सिंगल रहकर बहुत खुश हूं। मेरे पास 100 करीबी परिवार वाले और दोस्त हैं जो मुझसे प्यार करते हैं। मैं नहीं चाहती कि कोई एक आदमी आकर यह सब बदल दे।" उनका यह जवाब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।

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फैंस ने किया अमीषा के फैसले का समर्थन
अमीषा की बात से कई सोशल मीडिया यूजर्स सहमत नजर आए। एक यूजर ने लिखा कि सिंगल रहकर इंसान अपने सपनों पर ज्यादा ध्यान दे सकता है। वहीं दूसरे ने कहा कि सिंगल लाइफ ज्यादा बेहतर है। एक अन्य फैन ने भी लिखा कि वह अमीषा की सोच से पूरी तरह सहमत हैं।

पहले भी रिलेशनशिप को लेकर कर चुकी हैं खुलासा
इससे पहले रणवीर अल्लाहबादिया के पॉडकास्ट में अमीषा पटेल ने अपनी पर्सनल लाइफ के बारे में बात की थी। उन्होंने बताया था कि वह एक समय गंभीर रिश्ते में थीं, लेकिन जब उन्होंने फिल्मों में करियर बनाने का फैसला किया तो उनके पार्टनर ने उनका साथ नहीं दिया।

अमीषा ने कहा था कि उन्होंने शादी का विकल्प पूरी तरह बंद नहीं किया है। अगर उन्हें ऐसा जीवनसाथी मिलता है जो उनके करियर और फैसलों का सम्मान करे, तो वह शादी के लिए तैयार हैं। इसे भी पढ़ें: Lock Upp 2 के दावों पर Kushal Tandon ने एकता कपूर को टैग कर मांगी फीस

उम्र नहीं, सोच है ज्यादा जरूरी
पॉडकास्ट में अमीषा ने यह भी कहा था कि आज भी उन्हें कई शादी के प्रस्ताव मिलते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि उनसे काफी कम उम्र के लोग भी उन्हें डेट पर ले जाना चाहते हैं। उनके मुताबिक, रिश्ते में उम्र से ज्यादा मानसिक परिपक्वता मायने रखती है। उन्होंने कहा कि कई बार ज्यादा उम्र के लोग भी उतने समझदार नहीं होते जितनी उम्मीद की जाती है।

गदर 2 के बाद किस फिल्म में आई थीं नजर?
वर्क फ्रंट की बात करें तो अमीषा पटेल आखिरी बार 2024 में रिलीज हुई फिल्म तौबा तेरा जलवा में नजर आई थीं। इससे पहले उन्होंने गदर 2 में सनी देओल के साथ सकीना का किरदार निभाकर दर्शकों का दिल जीता था। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बड़ी हिट साबित हुई और दुनियाभर में करीब 686 करोड़ रुपये की कमाई की। फिलहाल अमीषा पटेल ने अपने अगले प्रोजेक्ट का ऐलान नहीं किया है, लेकिन उनके फैंस उनकी वापसी का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

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China के J-20 Stealth Fighter Jets और Pakistan की SH-15 Howitzer Guns भारत की ओर तैनात, अब क्या करेंगे PM Modi?

भारत के खिलाफ चीन और पाकिस्तान की सैन्य तैयारियां अब किसी अनुमान का विषय नहीं रह गई हैं, बल्कि जमीन और आसमान दोनों मोर्चों पर उनकी रणनीतिक तैनाती खुलकर दिखाई देने लगी है। एक ओर पाकिस्तान ने चीन से प्राप्त अत्याधुनिक SH-15 155 मिमी सेल्फ-प्रोपेल्ड हॉवित्जर तोपों को जम्मू-कश्मीर और पंजाब सेक्टर में भारत के सामने बड़ी संख्या में तैनात कर दिया है, वहीं दूसरी ओर चीन ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के सामने अपने सबसे आधुनिक J-20 स्टील्थ लड़ाकू विमानों की बड़ी तैनाती कर दी है। यह घटनाक्रम भारत पर निरंतर दबाव बनाए रखने की चीन-पाकिस्तान की साझा रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। हालांकि भारत भी अपनी सैन्य क्षमताओं का तेजी से आधुनिकीकरण कर रहा है और स्पष्ट संकेत दे चुका है कि उसकी सुरक्षा और संप्रभुता को चुनौती देने की किसी भी कोशिश की कीमत बेहद भारी होगी।

हम आपको बता दें कि पाकिस्तान ने वर्ष 2019 में चीन की सरकारी रक्षा कंपनी नोरिन्को से 236 SH-15 पहिएदार सेल्फ-प्रोपेल्ड तोपों का सौदा किया था। इनकी आपूर्ति 2022 से शुरू हुई और 2023 में दूसरी खेप भी पाकिस्तान पहुंच गई। इतना ही नहीं, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण (ToT) समझौते के तहत पाकिस्तान ने टैक्सिला स्थित हेवी इंडस्ट्रीज प्लांट में इन तोपों के स्थानीय उत्पादन का लाइसेंस भी प्राप्त कर लिया है। यह कदम पाकिस्तानी सेना की तोपखाना क्षमता को आधुनिक और मानकीकृत बनाने की व्यापक योजना का हिस्सा है।

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इन SH-15 तोपों की तैनाती मुख्य रूप से भारत से सटे गुजरांवाला, सियालकोट और जलालपुर जट्टन क्षेत्रों में की गई है, जो रणनीतिक रूप से शकरगढ़ बल्ज के पीछे स्थित हैं। शकरगढ़ बल्ज जम्मू के दक्षिण और अमृतसर के उत्तर के बीच का वह संवेदनशील इलाका है, जिसके पूर्व में पठानकोट स्थित है। रक्षा सूत्रों के अनुसार इन्हीं आधुनिक तोपों का उपयोग पाकिस्तान ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी किया था। उत्तरी पंजाब और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में SH-15 तैनात हैं, जबकि राजस्थान और गुजरात के रेगिस्तानी मोर्चों पर अमेरिका से प्राप्त M-109 ट्रैक्ड सेल्फ-प्रोपेल्ड गनों को लगाया गया है। रेगिस्तानी इलाकों में M-109 अधिक उपयुक्त मानी जाती हैं, जबकि SH-15 मैदानी और पहाड़ी दोनों क्षेत्रों में तेज गति से संचालन के लिए डिजाइन की गई है।

हम आपको बता दें कि 52 कैलिबर वाली SH-15 पाकिस्तान की पहली ऐसी आधुनिक तोप प्रणाली है, जो 155 मिमी गोले दागने में सक्षम है। रॉकेट-सहायता प्राप्त प्रोजेक्टाइल के साथ इसकी मारक क्षमता 50 किलोमीटर से अधिक बताई जाती है। लंबी दूरी, बेहतर सटीकता और तेज गतिशीलता इसे पारंपरिक तोपों की तुलना में अधिक प्रभावी बनाती है। स्पष्ट है कि पाकिस्तान अपनी पारंपरिक तोपखाना क्षमता को चीन की तकनीक के सहारे अगले स्तर पर ले जाने की कोशिश कर रहा है।

उधर, चीन ने भी भारत के सामने अपने सैन्य दबाव को और बढ़ाने के संकेत दिए हैं। व्यावसायिक उपग्रह चित्रों से पता चला है कि पीपुल्स लिबरेशन आर्मी एयर फोर्स (PLAAF) ने कम से कम 12 J-20 "माइटी ड्रैगन" स्टील्थ लड़ाकू विमानों को भारत के निकट दो अग्रिम एयरबेस पर तैनात किया है। 9 जुलाई को लिए गए चित्रों में शिनजियांग के होतान एयरबेस पर आठ J-20 दिखाई दिए, जबकि 25 जून के उपग्रह चित्रों में तिब्बत के दामशुंग एयरबेस पर चार अन्य J-20 सुरक्षात्मक शेल्टरों के नीचे खड़े नजर आए।

हम आपको बता दें कि होटान एयरबेस भारत के दौलत बेग ओल्डी एयरबेस से लगभग 245 किलोमीटर तथा लेह से करीब 389 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। वहीं दामशुंग एयरबेस अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर से लगभग 344 किलोमीटर दूर है। इतने कम समय में दो अलग-अलग अग्रिम एयरबेस पर J-20 की इतनी बड़ी संख्या में मौजूदगी हाल के वर्षों में भारत के सामने चीन की सबसे बड़ी ज्ञात स्टील्थ फाइटर तैनातियों में से एक मानी जा रही है।

हम आपको बता दें कि J-20 चीन का सबसे आधुनिक पांचवीं पीढ़ी का स्टील्थ लड़ाकू विमान है, जिसे कम रडार पहचान क्षमता, लंबी दूरी की मारक क्षमता और उन्नत सेंसर प्रणाली के साथ विकसित किया गया है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इन विमानों की लगातार बढ़ती अग्रिम तैनाती अब किसी अस्थायी अभ्यास का हिस्सा नहीं, बल्कि चीन की स्थायी सैन्य नीति का संकेत है। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब भारत और चीन के बीच 3,488 किलोमीटर लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा पर 2020 की गलवान झड़प के बाद से सैन्य तनाव पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। दोनों देशों के बीच कई दौर की सैन्य और कूटनीतिक वार्ताओं के बावजूद अग्रिम मोर्चों पर सैनिकों, बख्तरबंद वाहनों और आधुनिक हवाई संसाधनों की भारी तैनाती बनी हुई है।

हालांकि इन चुनौतियों के समानांतर भारत भी अपनी सैन्य शक्ति को तेज़ी से आधुनिक बना रहा है। फील्ड आर्टिलरी रैशनलाइजेशन प्लान के तहत भारतीय सेना अपनी अधिकांश तोपों को 155 मिमी प्रणाली में परिवर्तित कर रही है। M777 अल्ट्रा-लाइट हॉवित्जर, K-9 वज्र और स्वदेशी धनुष तोप पहले ही सेना में शामिल हो चुकी हैं। इसके अलावा 307 स्वदेशी एडवांस्ड टोव्ड आर्टिलरी गन सिस्टम (ATAGS) का ऑर्डर दिया जा चुका है। SH-15 जैसी स्वदेशी पहिएदार माउंटेड गन सिस्टम (MGS) भी विकास के अंतिम चरण में है और इसके प्रारंभिक परीक्षण सफल रहे हैं। वायु शक्ति के क्षेत्र में भी भारत अपनी क्षमताओं के विस्तार पर काम कर रहा है, भले ही तेजस Mk1A कार्यक्रम में देरी और नए बहुउद्देश्यीय लड़ाकू विमानों की खरीद प्रक्रिया अभी जारी है।

सामरिक दृष्टि से यह पूरा घटनाक्रम बेहद महत्वपूर्ण है। पश्चिमी सीमा पर पाकिस्तान और उत्तरी सीमा पर चीन की समानांतर सैन्य सक्रियता इस बात का संकेत है कि दोनों देश भारत पर निरंतर रणनीतिक दबाव बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं। आधुनिक तोपों, स्टील्थ लड़ाकू विमानों और सीमा क्षेत्रों में सैन्य ढांचे के विस्तार का उद्देश्य केवल रक्षा तैयारियां नहीं, बल्कि मनोवैज्ञानिक और सामरिक बढ़त हासिल करना भी है। लेकिन भारत ने हालिया वर्षों में स्पष्ट कर दिया है कि वह आवश्यकता पड़ने पर निर्णायक जवाब देने की क्षमता और इच्छाशक्ति दोनों रखता है। ऐसे में यदि कोई भी शक्ति भारत की सुरक्षा, संप्रभुता या सीमाओं को हल्के में लेने की भूल करती है, तो उसे इसकी कीमत केवल सामरिक ही नहीं, बल्कि रणनीतिक स्तर पर भी चुकानी पड़ सकती है।

- नीरज कुमार दुबे

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  Sports

शुभमन गिल के निशाने पर WTC का बड़ा रिकॉर्ड, ऐसा करने वाले बन जाएंगे पहले भारतीय, गॉल टेस्ट में सुनहरा मौका

shubman gill runs in wtc: शुभमन गिल अब तक वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में 40 मैच खेलकर 2843 रन बना चुके हैं. श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट में अगर गिल 157 रन बनाने में कामयाब हो गए तो उन्होंने WTC में 3000 रन पूरे हो जाएंगे. गिल इस मुकाम तक पहुंचने वाले भारत के पहले बल्लेबाज बन जाएंगे. अब तक कोई भी भारतीय वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के इतिहास में ये उपलब्धि नाम नहीं कर पाया है. Wed, 12 Aug 2026 05:01:03 +0530

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