गॉल टेस्ट के लिए भारत की स्पिन पर खास तैयारी:गंभीर ने टूटी-फूटी पिच बनवाई, बल्लेबाजों को स्कूली स्पिनरों से प्रैक्टिस कराई
श्रीलंका के स्पिनिंग ट्रैक पर जीत की तैयारी में भारतीय टीम कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती। 15 अगस्त से गॉल में शुरू होने वाले पहले टेस्ट से पहले हेड कोच गौतम गंभीर ने कोलंबो में गॉल जैसी टूटी-फूटी पिच बनवाकर बल्लेबाजों को अभ्यास कराया। गंभीर का कहना है कि पहले टेस्ट की शुरुआत तक टीम हर चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार होगी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय टीम मैच शुरू होने से 11 दिन पहले (मंगलवार, 4 अगस्त) ही श्रीलंका पहुंच गई थी। कोलंबो के नॉनडिस्क्रिप्ट क्रिकेट क्लब (NCC) में टीम अब तक दो बार करीब तीन-तीन घंटे के अभ्यास सत्र कर चुकी है। शुक्रवार से भारत SLC XI के खिलाफ तीन दिवसीय वॉर्म-अप मैच भी खेलेगा, जिससे खिलाड़ियों को स्थानीय परिस्थितियों में ढलने का मौका मिलेगा। अभ्यास सत्र के दौरान गंभीर ने कहा, ‘15 अगस्त की सुबह हम चाहे पहले बल्लेबाजी करें या गेंदबाजी, हमारे सामने आने वाले हर सवाल का जवाब हमारे पास तैयार होगा।’ गॉल जैसी पिच बनाने के लिए तैयार किया अलग विकेट गॉल की स्पिन और अनियमित उछाल वाली पिच को ध्यान में रखते हुए हेड कोच गौतम गंभीर और बैटिंग कोच सितांशु कोटक ने कोलंबो के नॉनडिस्क्रिप्ट क्रिकेट क्लब (NCC) मैदान के एक हिस्से में 22 गज की अनक्यूरेटेड पिच तैयार करवाई। इस पिच पर घास, दरारें और ढीली मिट्टी जानबूझकर छोड़ी गई, ताकि बल्लेबाज गॉल टेस्ट के चौथे और पांचवें दिन जैसी टर्न और अनियमित उछाल वाली परिस्थितियों में पहले से अभ्यास कर सकें। स्कूली स्पिनरों ने भी कराया अभ्यास भारतीय बल्लेबाजों के सामने पहले नेट बॉलर्स ने गेंदबाजी की। बाद में बाउंड्री के पास मौजूद स्थानीय स्कूली बच्चों और युवा स्पिनरों को भी गेंदबाजी के लिए बुलाया गया। इस पिच पर गेंद कभी तेजी से टर्न ले रही थी तो कभी नीची रह रही थी। ऐसे चुनौतीपूर्ण हालात में भारतीय टॉप ऑर्डर बल्लेबाजों ने लंबे समय तक अभ्यास किया। गिल फिट, राहुल और पड़्डिकल ने भी किया अभ्यास बुधवार को अभ्यास के दौरान कप्तान शुभमन गिल के अंगूठे में गेंद लगी थी। हालांकि, गुरुवार को वे पूरी तरह फिट नजर आए और नेट्स में बल्लेबाजी की। केएल राहुल और देवदत्त पड़्डिकल ने भी रवींद्र जडेजा और कुलदीप यादव की स्पिन गेंदबाजी के खिलाफ लंबा अभ्यास किया। WTC फाइनल की रेस में अहम है सीरीज वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के मौजूदा चक्र में फाइनल की उम्मीदें बनाए रखने के लिए भारत के लिए यह सीरीज काफी अहम है। टीम को फाइनल की दौड़ में मजबूत स्थिति बनाने के लिए श्रीलंका के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन करना होगा। पिछले एक साल में भारत ने इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज 2-2 से ड्रॉ कराई थी, जबकि साउथ अफ्रीका में 0-2 से हार का सामना करना पड़ा था। बुमराह और सुंदर पहले टेस्ट से बाहर टीम में कुछ खिलाड़ियों की फिटनेस चिंता का विषय बनी हुई है। जसप्रीत बुमराह और वॉशिंगटन सुंदर पहले टेस्ट में उपलब्ध नहीं होंगे। वहीं, साई सुदर्शन को अभी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) से मैच खेलने की मंजूरी का इंतजार है। बाकी खिलाड़ी पूरी तरह फिट हैं। अभ्यास में बल्लेबाजों की मदद के लिए हर्ष दुबे, तनुष कोटियान, विप्रज निगम और शिवांग कुमार नेट बॉलर के रूप में टीम के साथ हैं। खिलाड़ियों ने व्यक्तिगत स्तर पर भी की तैयारी श्रीलंका रवाना होने से पहले खिलाड़ियों ने अलग-अलग जगहों पर तैयारी की। केएल राहुल और यशस्वी जायसवाल ने मुंबई में इनडोर सुविधाओं में बल्लेबाजी का अभ्यास किया। शुभमन गिल ने चंडीगढ़ में लाल गेंद से ट्रेनिंग की, जबकि ऋषभ पंत ने रांची में फिटनेस और बल्लेबाजी पर काम किया। सख्त सुरक्षा के बीच हुआ अभ्यास कोलंबो के NCC मैदान पर भारतीय टीम के अभ्यास के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे। मीडिया को जांच के बाद ही प्रवेश दिया गया, जबकि पूरे परिसर में हथियारबंद सुरक्षाकर्मी तैनात रहे। भारत को 18 साल से नहीं हरा सका श्रीलंका भारत और श्रीलंका के बीच अब तक 17 टेस्ट सीरीज खेली गई हैं। इनमें टीम इंडिया का पलड़ा भारी रहा है। भारत ने 10 सीरीज जीती हैं, जबकि श्रीलंका को 3 में जीत मिली है। दोनों टीमों के बीच 4 सीरीज ड्रॉ रही हैं। श्रीलंका पिछले छह सीरीज से भारत को नहीं हरा सका है। उसने भारत के खिलाफ आखिरी टेस्ट सीरीज जीत 2008 में दर्ज की थी, यानी उसे करीब 18 साल से भारत के खिलाफ सीरीज जीत का इंतजार है। SLC XI स्क्वॉड निशान मदुष्का, रविंदु रशांता, पसिंदु सूर्यबांडारा, पवन रथनायके, अहान विक्रमसिंघे, सोनल दिनुषा (कप्तान), अंजाला बंडारा (विकेटकीपर), निपुण धनंजय, लाहिरू कुमारा, विश्वा फर्नांडो, असंका मनोज, इसिथा विजेसुंदरा, रमेश मेंडिस, केसरा नुवंथा और दिलुम सुदीरा। ------------------------------------------------------- श्रीलंका टेस्ट से पहले वार्म-अप मैच खेलेगी टीम इंडिया:श्रीलंका इलेवन से होगी भिड़ंत, 15 अगस्त से शुरू होगी सीरीज श्रीलंका दौरे पर गई भारतीय टीम शुक्रवार से कोलंबो में तीन दिवसीय वार्म-अप मैच खेलेगी। मुकाबला नॉनडेस्क्रिप्ट्स क्रिकेट क्लब मैदान पर श्रीलंका इलेवन के खिलाफ खेला जाएगा। यह मैच 15 अगस्त से गॉल में शुरू होने वाली दो टेस्ट मैचों की सीरीज की तैयारियों का अहम हिस्सा होगा। पूरी खबर
पुलवामा के ओवैस बुल्गारिया में MMA चैम्पियन बने:परिवार चलाने कैटरिंग की, सेब तोड़े; अब खुद की एकेडमी खोल युवाओं को दे रहे ट्रेनिंग
कश्मीर के पुलवामा जिले के रहने वाले मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (एमएमए) फाइटर ओवैस याकूब ने बुल्गारिया में ‘BRAVE CF 107’ प्रतियोगिता में शानदार जीत दर्ज की। विदेशी धरती पर खिताबी जीत के बाद के उस भावुक पल को याद करते हुए ओवैस बताते हैं, ‘जब मैं बुल्गारिया में लड़ रहा था, तब परिवार और दोस्त साथ नहीं थे। वहां मौजूद दर्शक अपने पसंदीदा स्थानीय खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ा रहे थे। जब मैंने खिताब जीता, तो अपनी कश्मीरी ‘काराकुली टोपी’ और कुर्ता पहन लिया, ताकि मैं कश्मीर को अपने साथ और अपने करीब महसूस कर सकूं।’ उन्होंने कहा, ‘मुझे उम्मीद थी कि कश्मीर के लोग मेरी जीत का जश्न मनाएंगे, लेकिन दिल्ली में मिले रिस्पॉन्स ने मुझे चौंका दिया। वहां एयरपोर्ट पर लोग मेरे साथ तस्वीरें खिंचवाने आ रहे थे। इसकी मैंने कभी कल्पना भी नहीं की थी।’ पुलवामा जिले के छोटे से कस्बे मूरान के रहने वाले 28 वर्षीय ओवैस का बैकग्राउंड साधारण रहा है। वे पत्नी, दो बच्चों, माता-पिता और भाई-बहनों के साथ रहते हैं। परिवार में सबसे बड़े होने के नाते याकूब ने छोटी उम्र में ही कमाना शुरू कर दिया था। ओवैस ने बताया, ‘मेरे पिता छोटे व्यवसायी थे। जब उनका स्वास्थ्य बिगड़ने लगा, तो परिवार के भरण-पोषण करने की जिम्मेदारी मेरे कंधों पर आ गई। मैंने एक ट्रेनर, मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव (एमआर) और एक कैटरर के रूप में भी काम किया है। मैंने बागों में सेब तोड़ने और उन्हें पैक करने का काम भी किया है।’ इन सब कामों के बाद वे हमेशा मार्शल आर्ट्स का अभ्यास करते रहे। साल 2018 में उन्होंने ‘चैम्पियन ऑफ चैम्पियंस’ का खिताब जीता और नेशनल ताइक्वांडो प्रतियोगिताओं में बेस्ट फाइटर बॉय के रूप में पहचाने गए। वे बताते हैं, ‘जैसे-जैसे मैं जीतता गया, टीम खबीब में शामिल हो गया। मैंने अमेरिकन किकबॉक्सिंग एकेडमी में सीधे खबीब नूरमागोमेदोव और कोच जेवियर मेंडेज के अंडर ट्रेनिंग लेना शुरू कर दिया।’ विश्व मंच पर इस उपलब्धि के लिए देश भर से प्रशंसा प्राप्त करने के बावजूद, याकूब ने स्थानीय प्रशासन की ओर से मान्यता न मिलने पर अपनी निराशा भी व्यक्त की है। 2015 में खोली एकेडमी, दिग्गज ‘खबीब’ से मिली प्रेरणा साल 2015 में याकूब ने पुलवामा में एकेडमी की स्थापना की। उन्होंने स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षित करने के लिए इस एकेडमी की शुरुआत की थी और अब तक 200 से अधिक खिलाड़ियों को ट्रेनिंग दे चुके हैं। वे कहते हैं, ‘मैंने थांग-ता, कराटे, किकबॉक्सिंग, ताइक्वांडो से शुरुआत की थी। बाद में मशहूर फाइटर खबीब से प्रेरित होकर एमएमए का रुख किया। तब से, मैं कोचिंग देने के साथ-साथ खुद भी एमएमए की ट्रेनिंग कर रहा हूं।’
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