झारखंड में अब बदल जाएगी टेट परीक्षा की सूरत, रांची को मिलेंगे दो नए फ्लाईओवर; कैबिनेट की बैठक में लगी मुहर
Jharkhand News: झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार ने राज्य के विकास की गति को तेज करने के लिए मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में कई बड़े और दूरगामी फैसले लिए हैं. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में शिक्षा, बुनियादी ढांचे और छात्र कल्याण से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है. इस बैठक का सबसे प्रमुख बिंदु शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी टेट नियमावली में संशोधन रहा, जिसे लेकर काफी समय से चर्चा चल रही थी. कैबिनेट के इन फैसलों से न केवल युवाओं के लिए रोजगार के रास्ते खुलेंगे, बल्कि राजधानी रांची की यातायात व्यवस्था में भी बड़ा सुधार देखने को मिलेगा.
टेट नियमावली को मिली मंजूरी
झारखंड कैबिनेट ने बहुप्रतीक्षित टेट नियमावली में संशोधन को अपनी स्वीकृति दे दी है. हालांकि, इस प्रस्ताव को लेकर कैबिनेट के भीतर ही सुर अलग नजर आए. कांग्रेस कोटे के दो मंत्रियों, राधाकृष्ण किशोर और दीपिका पांडेय सिंह ने इस नियमावली पर अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई थी. मंत्रियों का तर्क था कि इस नई नियमावली में राज्य की लोकप्रिय क्षेत्रीय भाषाओं जैसे मगही, भोजपुरी, अंगिका और मैथिली की अनदेखी की जा रही है. वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने मगही और भोजपुरी को शामिल करने की पुरजोर वकालत की, जबकि ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने अंगिका और मैथिली भाषा के हितों की बात उठाई. पिछली बैठक में इस विरोध के कारण ही प्रस्ताव को टाल दिया गया था, लेकिन इस बार इसे हरी झंडी मिल गई है.
रांची में ट्रैफिक जाम से मिलेगी मुक्ति
राजधानी रांची के निवासियों के लिए कैबिनेट ने एक बड़ी खुशखबरी दी है. शहर में लगातार बढ़ती ट्रैफिक की समस्या को देखते हुए दो नए फ्लाईओवर के निर्माण के प्रस्तावों को प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है. पहला फ्लाईओवर अरगोड़ा से हरमू स्थित डिबडीह पुल तक बनाया जाएगा. इसकी कुल लंबाई लगभग 3.80 किलोमीटर होगी और इसके निर्माण पर 469.62 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. वहीं दूसरा फ्लाईओवर करमटोली से साइंस सिटी तक बनेगा, जिसकी सर्विस रोड सहित कुल लंबाई 3.21 किलोमीटर होगी. इस परियोजना पर सरकार 351.14 करोड़ रुपये खर्च करेगी. इन दोनों पुलों का निर्माण झारखंड राज्य राजमार्ग प्राधिकार के माध्यम से किया जाएगा, जिससे शहर के मुख्य हिस्सों में आवागमन बहुत आसान हो जाएगा.
मरांग गोमके छात्रवृत्ति का दायरा बढ़ा
शिक्षा के क्षेत्र में सरकार ने एक और ऐतिहासिक कदम उठाया है. विदेशों में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए चलाई जा रही मरांग गोमके छात्रवृत्ति योजना का लाभ अब पहले से ज्यादा विद्यार्थियों को मिलेगा. सरकार ने लाभार्थियों की संख्या बढ़ाकर 50 कर दी है. इस संशोधित योजना के तहत अब अनुसूचित जनजाति के 20, अनुसूचित जाति के 10, पिछड़ा वर्ग के 14 और अल्पसंख्यक समुदाय के 6 विद्यार्थियों को हर साल विदेश में पढ़ाई का मौका मिलेगा. चयनित छात्रों को एक साल के मास्टर्स कोर्स के लिए दुनिया के नामी विश्वविद्यालयों में पढ़ाई करने के लिए पूरी वित्तीय सहायता झारखंड सरकार द्वारा प्रदान की जाएगी.
स्वास्थ्य और तकनीक के क्षेत्र में नए समझौते
राज्य में आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने के लिए कैबिनेट ने स्वास्थ्य विभाग को गूगल एलएलसी के साथ एमओयू करने की अनुमति दी है. इस समझौते का मुख्य उद्देश्य झारखंड में एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के नवाचार और उसके उपयोग को बढ़ावा देना है. इसके अलावा पलामू के राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय में एक इनोवेशन सेंटर की स्थापना की जाएगी. इसके तहत चार सेंटर ऑफ एक्सीलेंस संचालित किए जाएंगे, जिस पर सरकार करीब 23 करोड़ रुपये खर्च करेगी. यह कदम राज्य के तकनीकी छात्रों को आधुनिक शोध और प्रयोग के बेहतर अवसर प्रदान करेगा.
अन्य प्रशासनिक और क्षेत्रीय विकास के फैसले
कैबिनेट ने गढ़वा जिले के श्री बंशीधर नगर अनुमंडल के नाम में आंशिक सुधार करते हुए इसे 'श्री बंशीधर नगर उंटारी' करने का फैसला लिया है. इसके साथ ही मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना और मुख्यमंत्री ग्राम सेतु योजना के तहत राज्य के ग्रामीण इलाकों में सड़कों और पुलों के निर्माण को भी गति दी गई है. एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय में जुलाई 2024 की राष्ट्रीय लोक अदालत के आदेश के पालन में पेंशन से जुड़े मामलों को भी मंजूरी दी गई है. इन तमाम फैसलों से यह साफ है कि सरकार शिक्षा, बुनियादी ढांचे और सामाजिक सुरक्षा जैसे हर मोर्चे पर काम करने की कोशिश कर रही है. राज्य स्कूल मानक प्राधिकरण का गठन भी इसी दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है.
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अमरनाथ यात्रा से पहले LG की हाई लेवल सिक्योरिटी रिव्यू मीटिंग, सुरक्षा पुख्ता करने के निर्देश
Jammu Kashmir News: अमरनाथ यात्रा शुरू होने से पहले आज जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने लोकभवन में सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े सभी अधिकारियों के साथ हाई लेवल सिक्योरिटी रिव्यू मीटिंग कर रहे हैं. इस बैठक में जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीजीपी नलिन प्रभात के साथ BSF, CRPF और सेना के वरिष्ठ अधिकारी भी हिस्सा ले रहे हैं. जम्मू-कश्मीर के सभी जिलों के SSP को भी इस बैठक में बुलाया गया है. बैठक का मकसद अमरनाथ यात्रा के दौरान सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा करना और नशा व आतंकवाद के खिलाफ चल रहे ऑपरेशनों पर विस्तार से चर्चा करना है.
संवेदनशील इलाकों पर फोकस, सुरक्षा प्लान पर चर्चा
इस बैठक में असुरक्षित इलाकों में अलर्टनेस बढ़ाने, यात्रा को लेकर प्रिवेंटिव कदम उठाने और सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों पर चर्चा की जा रही है. इसके अलावा नशे के खिलाफ एलजी द्वारा शुरू किए गए 100 दिन के अभियान में पुलिस द्वारा अब तक की गई कार्रवाई की रिपोर्ट भी एलजी को सौंपी जाएगी.
38 दिन की अमरनाथ यात्रा, रजिस्ट्रेशन जारी
इस साल जम्मू-कश्मीर में अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 9 अगस्त तक चलेगी, यानी कुल 38 दिनों की यात्रा होगी. यात्रा के लिए 15 अप्रैल से श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड (Shri Amarnathji Shrine Board) ने रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू कर दी है. देशभर में 500 से ज्यादा बैंक ब्रांच- PNB, SBI, J&K Bank और Yes Bank में रजिस्ट्रेशन की सुविधा दी गई है. इसके साथ ही श्रद्धालु ऑनलाइन भी रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं. रजिस्ट्रेशन के लिए Compulsory Health Certificate अनिवार्य किया गया है, जबकि RFID कार्ड के बिना यात्रा की अनुमति नहीं होगी. 13 साल से कम और 70 साल से अधिक उम्र के लोगों को यात्रा की इजाजत नहीं दी जाएगी. पिछले साल करीब 3.5 लाख श्रद्धालुओं ने रजिस्ट्रेशन कराया था, जबकि इस साल के आंकड़े अभी सामने नहीं आए हैं.
यात्रियों के लिए नई सुविधा
इस बार अमरनाथ यात्रा के श्रद्धालुओं को एक बड़ी सुविधा भी मिलने जा रही है. जम्मू और श्रीनगर के बीच 30 अप्रैल से वंदे भारत एक्सप्रेस (Vande Bharat Express) ट्रेन शुरू होने जा रही है, जिसमें 20 कोच होंगे और इसे घाटी के मौसम के हिसाब से तैयार किया गया है. इससे पहले दिल्ली-कटरा-श्रीनगर के बीच भी वंदे भारत ट्रेनें चल रही हैं.
ड्रग्स के खिलाफ सख्ती
वहीं दूसरी ओर जम्मू-कश्मीर में एलजी प्रशासन द्वारा 100 दिन का एंटी-ड्रग अभियान भी चलाया जा रहा है. एलजी मनोज सिन्हा खुद जम्मू, कठुआ, सांबा, रियासी और राजौरी में पदयात्रा कर लोगों को जोड़ रहे हैं. पुलिस को ड्रग तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं, जिसके तहत बुलडोजर कार्रवाई, संपत्ति कुर्की, आधार और लाइसेंस रद्द करने जैसे कदम शामिल हैं. अब तक 1 दर्जन से ज्यादा ड्रग तस्करों के मकानों पर बुलडोजर चलाया जा चुका है, 80 से ज्यादा FIR दर्ज हुई हैं और 50 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है. एलजी पहले ही साफ कर चुके हैं कि पड़ोसी देश ड्रग्स के जरिए आतंकवाद फैलाने की साजिश रच रहा है, जिसे किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने दिया जाएगा.
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