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गर्मियों में रात के समय लगती है बहुत ज्यादा प्यास, जानें क्या कहता है आयुर्वेद

नई दिल्ली, 29 अप्रैल (आईएएनएस)। गर्मियों में शरीर को पानी की मात्रा ज्यादा चाहिए होती है क्योंकि गर्म तापमान शरीर की नमी को कम करता है और बाहरी वातावरण और खान-पान की वजह से भी अधिक प्यास लगती है।

गर्मियों में रात के समय मुंह सूखता है और बार-बार प्यास लगती है, जिसकी वजह से बार-बार उठकर पानी पीना पड़ता है, लेकिन यह सिर्फ सामान्य समस्या नहीं बल्कि शरीर की आंतरिक गड़बड़ी को दिखाता है।

रात के समय मुंह सूखता है और बार-बार पानी पीने के बाद भी प्यास भी नहीं बुझती। यह समस्या साधारण नहीं है, बल्कि शरीर के तरल असंतुलन का कारण है। इसके पीछे के कई कारण हो सकते हैं, और ये कारण आंतरिक और बाहरी दोनों हो सकते हैं, जैसे अत्यधिक तनाव लेना, देर रात खाना-खाना, अधिक तला-भुना खाना और शरीर में पानी की अत्यधिक कमी होना।

वहीं आयुर्वेद इसे शरीर में वात और पित्त का असंतुलन मानता है। वात और पित्त का असंतुलन शरीर में गर्मी और पाचन की समस्या को बढ़ा देता है, जिससे शरीर में जलन होने लगती है। वात को शांत करने के लिए गर्म, तरल और पौष्टिक आहार लें और पित्त को कम करने के लिए शरीर को ठंडक पहुंचाएं।

आयुर्वेद में ऐसी समस्या होने पर मुलेठी खाने की सलाह दी जाती है। मुलेठी के टुकड़े को लगातार चूसने से मुंह में नमी बनी रहती है और लार भी तेजी से बनती है। मुलेठी गले और पाचन दोनों को दुरुस्त करने का काम भी करती है। इसके साथ नारियल पानी का सेवन भी कर सकते हैं। नारियल पानी शरीर को अंदर से शांत करता है और पित्त को संतुलित करने में मदद करता है। शरीर अगर हाइड्रेट रहेगा तो बार-बार प्यास लगने और मुंह सूखने की परेशानी नहीं होगी।

आयुर्वेद में त्रिफला से कुल्ला करने की सलाह भी दी जाती है। त्रिफला का कुल्ला करने से मुंह के अंदर का रूखापन कम होता है और नमी बनी रहती है।इसके साथ ही घी का सेवन भी सीमित मात्रा में कर सकते हैं। घी शरीर की नमी और पाचन को आसान बनाने में मदद करता है।

--आईएएनएस

पीएस/एएस

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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महिला के संपूर्ण स्वास्थ्य का आधार है मासिक धर्म, जानें नियमित करने के तरीके

नई दिल्ली, 29 अप्रैल (आईएएनएस)। मासिक धर्म को हर महीने होने वाली साधारण प्रक्रिया के तौर पर देखा जाता है, लेकिन यह केवल सामान्य प्रक्रिया नहीं, बल्कि महिला के शरीर के शुद्धिकरण की प्राकृतिक प्रक्रिया मानी जाती है।

आयुर्वेद में इसे “आर्तव चक्र” कहा गया है और महिला स्वास्थ्य का मूल आधार माना गया है, लेकिन आज के समय में खराब जीवनशैली की वजह से मासिक धर्म में गड़बड़ी, दर्द होना, पेडू पर सूजन आना, और गर्भाशय में सिस्ट का होना तेजी से बढ़ती समस्याएं बनती जा रही हैं। इससे हार्मोन संतुलन और प्रजनन क्षमता पर फर्क पड़ता है।

चरक संहिता और सुश्रुत संहिता में मासिक धर्म को “आर्तव प्रवृत्ति” कहा गया है, जो हर महीने 3 से लेकर 5 दिनों तक होता है। हालांकि, जीवन शैली बिगड़ने से मासिक चक्र में गड़बड़ी हो जाती है, और इसके पीछे का कारण है शरीर के तीनों दोष। वात दोष असंतुलन से कमर दर्द और शरीर में ऐंठन बनी रहती है, और पित्त दोष असंतुलन से रक्त का प्रवाह अधिक हो जाता है और शरीर में जलन और गर्मी महसूस होती है, जबकि कफ दोष असंतुलन से शरीर भारी और सुस्त महसूस करता है।

आयुर्वेद में मासिक धर्म को नियमित करने के कई उपाय बताए गए हैं, जिसमें पहला उपाय है संतुलित आहार। संतुलित आहार में हरी पत्तेदार सब्जियां और मौसमी फल खाने की सलाह दी जाती है। इसके साथ ही तैलीय, मसालेदार और जंक फूड खाने से परहेज करना चाहिए। आयुर्वेदिक औषधियां भी मासिक धर्म को नियमित करने में मदद कर सकती हैं। अशोक, शतावरी और लोध्र जैसे औषधीय तत्व हार्मोन संतुलन में सहायक होते हैं और मासिक धर्म को नियमित कर दर्द से राहत दिलाते हैं। हालांकि सेवन से पहले सही मात्रा और समाधान के लिए चिकित्सक की सलाह जरूर लें।

मासिक धर्म को नियमित करने के लिए नियमित दिनचर्या का होना भी जरूरी है। देर रात तक जागना और नींद की कमी हार्मोनल असंतुलन बढ़ा सकती है। समय पर सोना-उठना आवश्यक है और इसके साथ ही रोजाना सुबह योग और प्राणायाम जरूर करें। भद्रासन, पवनमुक्तासन और अनुलोम-विलोम मासिक धर्म को नियमित करने में मददगार हैं।

--आईएएनएस

पीएस/एएस

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  Sports

IPL 2026 Points Table: हार के बाद भी पंजाब किंग्स की बादशाहत कायम, तीसरे स्थान पर राजस्थान, पॉइंट्स टेबल में हुआ बदलाव

जबरदस्त फॉर्म में चल रही पंजाब किंग्स का विजय रथ राजस्थान रॉयल्स ने रोक ही दिया। रॉयल्स ने पंजाब को उसी के घर में 6 विकेट से मात देकर टूर्नामेंट में पहली हार का स्वाद चखाया। 

श्रेयस अय्यर की अगुवाई वाली पंजाब की टीम सात मैचों से अजेय थी, जिसमें उसने 6 मैच जीते थे और एक मैच बेनतीजा रहा था। मुल्लांपुर के महाराजा यादविंद्र सिंह अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में पंजाब किंग्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए राजस्थान रॉयल्स को 223 रन का लक्ष्य दिया था, जिसे उसने यशस्वी जायसवाल और डोनोवान फरेरा की अर्धशतकीय पारी के दम पर चार गेंद शेष रहते चार विकेट खोकर हासिल कर लिया। 

राजस्थान ने छठी बार 200 से ज्यादा का लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल कर लिया है। राजस्थान के लिए फरेरा को नंबर पांच पर उतारने और शुभम दुबे को इम्पैक्ट सब के रूप में भेजना सही साबित हुआ। सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ पिछली हार के बाद राजस्थान के लिए ये जीत काफी अहम है और मनोबल बढ़ाने वाली साबित होगी। 

वहीं पंजाब किंग्स को हराने के बाद राजस्थान रॉयल्स की टीम अंक तालिका में तीसरे पायदान पर पहुंच गई है। जीत के साथ एक स्थान के फायदे के साथ आरआर की टीम 12 अंक के साथ तीसरे पायदान पर पहुंच गई है। जबकि हैदराबाद की टीम को घाटा हुआ है। हैदराबाद की टीम 10 अंक के साथ, चौथे स्थान पर है। पहले स्थान पर पंजाब किंग्स की टीम 13 अंक और +1.042 नेट रन रेट के साथ मौजूद है। दूसरे नंबर पर आरसीबी की टीम 1.919 नेट रन रेट के साथ बरकरार है। 
Wed, 29 Apr 2026 14:44:17 +0530

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