Auto Sales Report: जुलाई में SUV और सीएनजी कारों की रिकॉर्ड बिक्री, जानें कौन बना मार्केट लीडर
देश में ऑटोमोबाइल सेक्टर की रफ्तार जुलाई 2026 में भी बरकरार रही। मजबूत मांग, जीएसटी 2.0, रेपो रेट में कमी और इनकम टैक्स में राहत जैसे पॉजिटिव फैक्टर्स के चलते पैसेंजर व्हीकल और टू-व्हीलर कंपनियों ने शानदार बिक्री दर्ज की।
जुलाई में पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट की कुल होलसेल बिक्री सालाना आधार पर 34.36% बढ़कर 469,62 यूनिट पहुंच गई, जो पिछले साल इसी महीने 349179 यूनिट थी।
पैसेंजर व्हीकल की बिक्री में बड़ा इजाफा
देश की सबसे बड़ी कार निर्माता मारुति सुजुकी ने जुलाई में 196203 पैसेंजर व्हीकल बेचकर अब तक का सबसे अच्छा मासिक प्रदर्शन किया। कंपनी की बिक्री में 42.41% की बढ़ोतरी हुई। छोटे कार सेगमेंट की बिक्री 63% और SUV की बिक्री 48% बढ़ी।
कंपनी के मुताबिक GST 2.0, रेपो रेट में कटौती और टैक्स राहत से मांग मजबूत हुई, जबकि ईंधन कीमतों के असर को सीएनजी वाहनों की बढ़ती बिक्री ने काफी हद तक संतुलित किया। जुलाई में मारुति ने रिकॉर्ड करीब 83 हजार CNG वाहन बेचे।
टाटा मोटर्स की पैसेंजर व्हीकल बिक्री 58 फीसदी उछली
टाटा मोटर्स की पैसेंजर व्हीकल बिक्री 58.43% बढ़कर 62,611 यूनिट रही। बारिश और बाढ़ के कारण साणंद प्लांट में उत्पादन प्रभावित होने के बावजूद पंच और Nexon SUV की मजबूत मांग ने कंपनी को सहारा दिया। पहली बार कंपनी की मासिक इलेक्ट्रिक वाहन (EV) होलसेल बिक्री 15 हजार यूनिट के पार पहुंची।
महिंद्रा ने एसयूवी सेगमेंट में दबदबा बनाया
महिंद्रा एंड महिंद्रा ने Scorpio SUV की शानदार मांग के दम पर 60048 एसयूवी की बिक्री की, जो पिछले साल के मुकाबले 20.41% अधिक रही। वहीं हुंडई मोटर इंडिया ने सप्लायर प्लांट में आग लगने से पिछले महीने हुए नुकसान से उबरते हुए 23.28% की वृद्धि के साथ 54210 यूनिट बेचीं। क्रेटा और i20 कंपनी के सबसे ज्यादा बिकने वाले मॉडल रहे।
टोयोटा की बिक्री 4.65% बढ़कर 30516 यूनिट और किया इंडिया की बिक्री 27.40% बढ़कर 28200 यूनिट रही। किया के लिए यह अब तक का सबसे सफल जुलाई महीना रहा।
जुलाई 2026 की प्रमुख ऑटो बिक्री
टू-व्हीलर सेगमेंट में भी मांग मजबूत रही। हीरो मोटोकॉर्प की घरेलू बिक्री 21.58% बढ़कर 5,01,403 यूनिट रही। होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया ने 4,76,436 यूनिट बेचीं। सुजुकी मोटरसाइकिल इंडिया ने रिकॉर्ड 1,23,216 यूनिट की मासिक बिक्री दर्ज की, जबकि रॉयल एनफील्ड की बिक्री 38.11% बढ़कर 105317 यूनिट रही। कंपनी ने आंध्र प्रदेश में नए ग्रीनफील्ड प्लांट के पहले चरण पर भी काम शुरू करने की जानकारी दी।
कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट में टाटा मोटर्स की बिक्री 28.16% बढ़कर 33,876 यूनिट रही, जबकि VECV की बिक्री 18.17% बढ़कर 7,575 यूनिट पहुंच गई। ट्रैक्टर बाजार में भी मजबूती देखने को मिली। महिंद्रा की ट्रैक्टर बिक्री 20.94% बढ़कर 32643 यूनिट और एस्कॉर्ट्स कुबोटा की बिक्री 23.70% बढ़कर 8194 यूनिट रही।
(प्रियंका कुमारी)
ATF Price Hike: हवाई सफर होगा महंगा! विमान ईंधन की कीमतों में ₹5 प्रति लीटर की बढ़ोतरी
ATF price hike: देश में विमान यात्रा से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। बेंचमार्क दरों में आए अंतर के चलते विमान ईंधन यानी एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में 5 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी गई है।
सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों से मिली जानकारी के अनुसार, इस बढ़ोतरी के बाद अब एटीएफ की दरें 110 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 115 रुपये प्रति लीटर हो गई हैं।
जुलाई की राहत के बाद फिर बढ़े दाम
एटीएफ की दरों में किया गया यह ताजा संशोधन 1 जुलाई को की गई कटौती के बिल्कुल विपरीत है। बता दें कि इससे पहले 1 जुलाई को एटीएफ के दामों में इसी अनुपात में कटौती की गई थी, लेकिन अब अगस्त की शुरुआत में कीमतों में दोबारा 5 रुपये प्रति लीटर का इजाफा कर दिया गया है।
कैसे तय होती हैं कीमतें?
एटीएफ और कमर्शियल गैस जैसी ऊर्जा कीमतें हर महीने की पहली तारीख को संशोधित की जाती हैं। इन कीमतों का निर्धारण अंतरराष्ट्रीय बाजार की बेंचमार्क कीमतों और विदेशी विनिमय दरों (फॉरेक्स रेट्स) के आधार पर किया जाता है। इसके अलावा, राज्यों में लागू स्थानीय करों जैसे वैट (VAT) के कारण इन दरों में राज्य-दर-राज्य थोड़ा अंतर भी देखने को मिलता है।
कमर्शियल एलपीजी की कीमतों में कटौती
हालांकि, होटलों और रेस्तरां जैसे व्यावसायिक संस्थानों में इस्तेमाल होने वाले कमर्शियल एलपीजी की कीमतों में बड़ी कटौती की गई है। शनिवार, 1 अगस्त को 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम सीधे 192 रुपये कम कर दिए गए हैं।
जानिए नए दाम और दिल्ली में कीमतें
सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों से मिली जानकारी के अनुसार, दिल्ली में 19 किलोग्राम का कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर अब 2,930 रुपये की जगह 2,738 रुपये में मिलेगा। वहीं, दूसरी ओर एटीएफ (ATF) की दरें 110 रुपये से बढ़कर 115 रुपये प्रति लीटर हो गई हैं।
यह लगातार दूसरा महीना है जब कमर्शियल एलपीजी के दामों में कटौती की गई है। इससे पहले 1 जुलाई को भी इसमें 183.5 रुपये की कटौती की गई थी। वहीं एटीएफ के मामले में यह संशोधन 1 जुलाई को की गई उतनी ही कटौती के विपरीत है।
पश्चिम एशिया संकट और कीमतों का उतार-चढ़ाव
1 जुलाई और 1 अगस्त को कमर्शियल एलपीजी दरों में की गई ये दो कटौतियां जून में पश्चिम एशिया संकट के कारण कीमतों के रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद आई हैं।
फरवरी के अंत में संघर्ष शुरू होने के बाद, कमर्शियल एलपीजी की कीमतें फरवरी में 1,740.50 रुपये से बढ़कर जून में 19 किलोग्राम के सिलेंडर पर 3,113.50 रुपये तक पहुंच गई थीं, यानी इसमें 1,373 रुपये की भारी बढ़ोतरी हुई थी।
इसके अलावा, 5 किलोग्राम वाले बाजार मूल्य वाले एलपीजी सिलेंडर की कीमत भी 808.50 रुपये से घटाकर 762 रुपये कर दी गई है।
घरेलू एलपीजी, पेट्रोल और डीजल के क्या हैं हाल?
घरेलू रसोईघरों में इस्तेमाल होने वाले घरेलू एलपीजी के दाम 14.2 किलोग्राम के सिलेंडर पर 942 रुपये पर अपरिवर्तित बने हुए हैं। घरेलू एलपीजी के दाम आखिरी बार 7 जून को 29 रुपये प्रति सिलेंडर बढ़ाए गए थे। पश्चिम एशिया संकट के कारण आपूर्ति बाधित होने और अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा कीमतों में उछाल के बाद मार्च में दरों में 60 रुपये की बढ़ोतरी हुई थी।
देश की सबसे बड़ी तेल कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के चेयरमैन ए.एस. साहनी ने शुक्रवार को कहा था कि लागत से काफी कम दरें होने के कारण प्रति 14.2 किलोग्राम घरेलू एलपीजी सिलेंडर पर 503 रुपये का अंडर-रिकवरी या घाटा हो रहा है।
इसके अलावा, पेट्रोल और डीजल की कीमतें, जिनमें मई में लगभग 7.50 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी, वे भी स्थिर और अपरिवर्तित बनी हुई हैं। आपको बता दें कि हर महीने की पहली तारीख को अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क कीमतों और विदेशी विनिमय दरों के आधार पर ये कीमतें संशोधित की जाती हैं, जो स्थानीय वैट जैसे करों के आधार पर राज्य-दर-राज्य भिन्न होती हैं।
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