सबरीमाला केस,सुप्रीम कोर्ट में 10वें दिन की सुनवाई:जस्टिस नागरत्ना ने कहा था- धार्मिक प्रथाओं के नाम पर सड़कें ब्लॉक नहीं की जा सकतीं
केरलम के सबरीमाला मंदिर सहित अन्य संप्रदायों के धार्मिक स्थलों में महिलाओं के साथ होने वाले भेदभाव से जुड़ी याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को 10 वें दिन सुनवाई हो रही है। मंगलवार को सुनवाई के दौरान जस्टिस बी वी नागरत्ना ने कहा कि धार्मिक कामों के नाम पर सड़कें ब्लॉक नहीं की जा सकतीं। हिंदू धर्म आचार्य सभा की ओर से पेश वकील अक्षय नागराजन ने दलील दी कि सरकार आर्टिकल 25(2)(a) का आधार बताकर किसी धार्मिक पंथ के अधिकारों में दखल नहीं दे सकती। राज्य को धार्मिक रीति-रिवाजों से जुड़ी आर्थिक, फाइनेंशियल, राजनीतिक या दूसरी सेक्युलर एक्टिविटी को रेगुलेट या रोकने का अधिकार है। आर्टिकल 25 के तहत सुरक्षा सिर्फ धार्मिक विश्वास तक सीमित नहीं है, बल्कि आस्था के बाहरी रूपों, जैसे किसी खास देवता की पूजा से जुड़े रीति-रिवाजों, समारोहों और प्रथाओं तक भी फैली हुई है। 7 सवाल, जिन पर सुप्रीम कोर्ट में बहस हो रही सबरीमाला मामले पर 7 अप्रैल से सुनवाई हुई सबरीमाला मंदिर मामले पर 7 अप्रैल से सुनवाई शुरू हुई थी। इस दौरान केंद्र सरकार ने महिलाओं की एंट्री के विरोध में दलीलें रखीं। सरकार ने कहा था कि देश के कई देवी मंदिरों में पुरुषों की एंट्री भी बैन है, इसलिए धार्मिक परंपराओं का सम्मान किया जाना चाहिए। पिछली 8 सुनवाई में क्या हुआ, पढ़िए… 7 अप्रैल : केंद्र की दलील- मंदिर में महिलाओं की एंट्री का फैसला गलत 8 अप्रैल- जो भक्त नहीं, वो धार्मिक परंपरा को चुनौती कैसे दे रहा 9 अप्रैल- सुप्रीम कोर्ट बोला- मंदिरों में एंट्री रोकने से समाज बंटेगा 15 अप्रैल- सबरीमाला मैनेजमेंट बोला- अयप्पा मंदिर रेस्टोरेंट नहीं, यहां ब्रह्मचारी देवता 17 अप्रैल- SC बोला- संविधान सबसे ऊपर, निजी धार्मिक मान्यताओं से उठकर फैसला जरूरी 21 अप्रैल- सुप्रीम कोर्ट ने पूछा-छूने से देवता अपवित्र कैसे होते हैं 22 अप्रैल- सुप्रीम कोर्ट बोला- हिंदू एकजुट रहें, संप्रदायों में बंटे नहीं 23 अप्रैल- इस्लाम में महिलाओं के मस्जिद आने पर रोक नहीं 28 अप्रैल- धार्मिक प्रथाओं के नाम पर सड़कें ब्लॉक नहीं कर सकते सुनवाई से जुड़े अपडेट्स पढ़ने के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
ईरान बोला- हमारे लिए अब भी जंग जैसे हालात:युद्ध अभी खत्म नहीं हुआ, दुश्मन ने हमला किया तो नए तरीके से जवाब देंगे
ईरान ने कहा है कि उसके लिए हालात अब भी जंग जैसे बने हुए हैं। प्रेस टीवी के मुताबिक ईरानी सेना के प्रवक्ता ने कहा कि युद्ध अभी खत्म नहीं हुआ है। प्रवक्ता ने कहा कि ईरान मौजूदा हालात को सामान्य नहीं मानता है। उन्होंने कहा कि सेना और सुरक्षा एजेंसियां लगातार मॉनिटरिंग और सर्विलांस कर रही हैं, ताकि हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके। ईरान ने दुश्मन को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर कोई नई कार्रवाई हुई, तो उसे नए हथियारों, नए तरीकों और नए मोर्चों पर जवाब दिया जाएगा। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स… 1. UAE ने ओपेक छोड़ा: संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने 1 मई से तेल उत्पादक देशों के संगठन ओपेक से 59 साल बाद बाहर निकलने की ऐतिहासिक घोषणा की है। ओपेक दुनिया के बड़े तेल उत्पादक देशों का समूह है। 2. ट्रम्प ने पेशकश ठुकराई: ईरान ने अमेरिका को होर्मुज खोलने और जहाजों की आवाजाही शुरू करने का प्रस्ताव दिया था। इसके बाद परमाणु मुद्दे पर बात होनी थी लेकिन ट्रम्प ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया। 3. तीसरी बार पाकिस्तान पहुंचे ईरानी विदेश मंत्री: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची मंगलवार सुबह रूस की अपनी यात्रा खत्म करने के बाद इस्लामाबाद पहुंचे। पिछले 48 घंटों में यह उनका तीसरा पाकिस्तान दौरा है। 4. 10 लाख नौकरियां खत्म: ईरान सरकार ने बताया कि जंग की वजह से देश में सीधे तौर पर कम से कम 10 लाख नौकरियां खत्म हो गई हैं। भविष्य में 1 करोड़ से ज्यादा नौकरियों का खतरा है। 5. तेल के दाम बढ़े: मंगलवार को भी कच्चे तेल की कीमतों में लगातार सातवें दिन बढ़ोतरी दर्ज की गई। ब्रेंट क्रूड की कीमत 110 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गई।
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