क्या आपका भी बन सकता है आयुष्मान कार्ड? जानिए मुफ्त इलाज के नए नियम और पूरी पात्रता
Ayushman Card Eligibility And Benefits: आज के समय में गंभीर बीमारी का इलाज कराना आम परिवारों के लिए काफी महंगा हो गया है. अस्पताल में भर्ती होने, जांच, दवाइयों और डॉक्टर की फीस पर हजारों से लाखों रुपये तक खर्च हो जाते हैं. ऐसे में कई परिवारों की वर्षों की जमा पूंजी इलाज में खत्म हो जाती है. कुछ लोगों को तो इलाज के लिए कर्ज तक लेना पड़ता है. आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को ऐसी परेशानी से बचाने के लिए केंद्र सरकार आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) चला रही है.
इस योजना के तहत पात्र लोगों को आयुष्मान कार्ड दिया जाता है. इस कार्ड के जरिए लाभार्थी योजना के तहत सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में तय इलाज का कैशलेस लाभ ले सकते हैं.
एक साल में 5 लाख रुपये तक का इलाज
आयुष्मान भारत योजना का सबसे बड़ा फायदा इसका स्वास्थ्य कवर है. पात्र परिवार को प्रति परिवार प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य कवर मिलता है. योजना के तहत अस्पताल में भर्ती होने से जुड़े कई खर्चों को कवर किया जाता है.
इसमें भर्ती से पहले की जांच और भर्ती के बाद की कुछ चिकित्सा सेवाएं भी योजना के नियमों के अनुसार शामिल हो सकती हैं. इलाज के दौरान पात्र लाभार्थी को सूचीबद्ध अस्पताल में कैशलेस सुविधा मिलती है. यानी इलाज के लिए अस्पताल में सीधे पैसे जमा करने की जरूरत नहीं होती.
70 साल या उससे ज्यादा उम्र के बुजुर्गों को भी लाभ
आयुष्मान भारत योजना का दायरा बुजुर्गों के लिए भी बढ़ाया गया है. अब 70 वर्ष और उससे अधिक उम्र के सभी वरिष्ठ नागरिकों को आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत कवर देने का प्रावधान किया गया है. इसके लिए उनकी आर्थिक स्थिति या परिवार की सामाजिक-आर्थिक स्थिति को आधार नहीं बनाया जाता. इस सुविधा से बुजुर्गों को गंभीर बीमारी की स्थिति में इलाज के खर्च को लेकर बड़ी राहत मिल सकती है.
किन लोगों को मिल सकता है आयुष्मान कार्ड?
आयुष्मान कार्ड की पात्रता सामान्य तौर पर सरकार के निर्धारित लाभार्थी डेटाबेस और नियमों के आधार पर तय होती है. योजना में मुख्य रूप से आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों को शामिल किया गया है.
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में अलग-अलग सामाजिक-आर्थिक मानकों के आधार पर परिवारों की पहचान की गई है. इनमें कुछ श्रेणियों के मजदूर, दिहाड़ी कामगार, घरेलू कामगार, छोटे कारीगर और अन्य कमजोर वर्ग शामिल हो सकते हैं.
हालांकि, केवल किसी पेशे में काम करने या परिवार में सदस्यों की संख्या के आधार पर हर व्यक्ति अपने आप पात्र नहीं हो जाता. इसलिए कार्ड बनवाने से पहले आधिकारिक पोर्टल या नजदीकी जन सेवा केंद्र पर पात्रता की जांच करना जरूरी है.
किन लोगों को नहीं मिलता योजना का लाभ?
आयुष्मान भारत की पात्रता सभी नागरिकों के लिए समान नहीं है. योजना के मूल लाभार्थी परिवार सरकार द्वारा तय सामाजिक-आर्थिक मानकों के आधार पर चिन्हित किए जाते हैं. इसलिए केवल कम आय होने का दावा करने से कोई व्यक्ति अपने आप पात्र नहीं बन जाता.
वहीं, 70 वर्ष या उससे अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों के लिए पात्रता का विस्तार अलग नियमों के तहत किया गया है. ऐसे में यह जरूरी है कि लोग सोशल मीडिया या किसी अनधिकृत वेबसाइट पर दी गई जानकारी के बजाय आधिकारिक स्रोत से अपनी पात्रता की पुष्टि करें.
आयुष्मान कार्ड कैसे बनवाएं?
अगर आप योजना के लिए पात्र हैं तो आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए नजदीकी जन सेवा केंद्र (CSC) या संबंधित सरकारी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा आधिकारिक आयुष्मान भारत पोर्टल और संबंधित डिजिटल सेवाओं के माध्यम से भी पात्रता और कार्ड से जुड़ी जानकारी प्राप्त की जा सकती है.
आवेदन या सत्यापन के दौरान पहचान से जुड़े दस्तावेज और जरूरी जानकारी देनी पड़ सकती है. सत्यापन पूरा होने के बाद पात्र लाभार्थी का आयुष्मान कार्ड जारी किया जाता है.
इलाज से पहले अस्पताल की सूची जरूर जांचें
आयुष्मान कार्ड बनने के बाद इलाज कराने से पहले यह जरूर जांच लें कि जिस अस्पताल में आप इलाज कराना चाहते हैं, वह योजना के तहत सूचीबद्ध (empanelled) अस्पताल है या नहीं. हर बीमारी और हर चिकित्सा प्रक्रिया पर योजना के नियम अलग हो सकते हैं.
इसलिए अस्पताल जाने से पहले अपनी पात्रता, उपलब्ध इलाज और अस्पताल की सूची की जानकारी आधिकारिक माध्यम से लेना बेहतर है. इससे इलाज के समय किसी तरह की परेशानी से बचा जा सकता है.
परिवारों के लिए क्यों जरूरी है आयुष्मान कार्ड?
गंभीर बीमारी अचानक परिवार की आर्थिक स्थिति बिगाड़ सकती है. ऐसे समय में सरकारी स्वास्थ्य कवर काफी मददगार साबित हो सकता है. आयुष्मान कार्ड पात्र परिवारों को महंगे इलाज के खर्च से सुरक्षा देने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है. हालांकि, योजना का लाभ लेने से पहले पात्रता और अस्पताल की सूची की आधिकारिक पुष्टि करना जरूरी है.
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Surya Grahan 2026: अगस्त महीने में कब होगा सूर्य ग्रहण, जानें भारत में क्या होगा असर, कब से लगेगा सूतक, किन राशि को देगा शुभ-अशुभ फल
Surya Grahan 2026: सूर्य ग्रहण साल की किसी भी अमावस्या को लगता है. जबकि चंद्र ग्रहण पूर्णिमा तिथि को लगता है. 12 अगस्त को साल का दूसरा सूर्य ग्रहण होगा. इस दिन सावन मास की हरियाली अमावस्या होगी. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, मायावी ग्रह राहु और केतु जब ग्रहों के राजा सूर्य को ग्रास करने का प्रयास करते है तो उस समय सूर्य ग्रहण लगता है. खगोलशास्त्र के अनुसार, जब पृथ्वी और सूर्य के बीच चंद्रमा आ जाता है तब सूर्य ग्रहण लगता है, इससे सूर्य का प्रकाश धरती तक नहीं पहुंचता है. खगोल शास्त्र के मुताबिक यह सूर्य ग्रहण वलयाकार होगा. इसमें सूर्य आग के चमकते छल्ले की तरह दिखाई देगा. आइए जानते हैं ग्रहण और सूतक का समय क्या होगा.
सूर्य ग्रहण का समय
12 अगस्त बुधवार को साल 2026 का दूसरा सूर्य ग्रहण होगा.
इस दिन श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि होगी.
हरियाली अमावस्या का पर्व मनाया जाएगा.
सूर्य ग्रहण रात 09 बजकर 04 मिनट से शुरु होगा.
सूर्य ग्रहण का समापन 13 अगस्त गुरुवार को सुबह 04 बजकर 25 मिनट पर होगा.
सूर्य ग्रहण का कुल समय 7 घंटा 21 मिनट रहेगा.
लंबी अवधि के सूर्य ग्रहण में इस ग्रहण की गिनती की जाएगी.
भारत में क्या होगा प्रभाव
12 अगस्त को लगने वाले साल के दूसरा सूर्य ग्रहण रात में 09 बजकर 04 मिनट से शुरु होगा. इसलिए यह भारत में नजर नहीं आएगा.भारत में इसका प्रभाव नहीं होगा.
सूतक का प्रभाव
शास्त्रों के अनुसार, सूर्य ग्रहण का सूतक ग्रहण शुरु होने के 12 घंटे पहले शुरु हो जाता है. 12 अगस्त को पड़ने वाले सूर्य ग्रहण का प्रभाव भारत में नहीं होगा. इसलिए इस सूर्य ग्रहण का सूतक नहीं लगेगा. इस सूर्य ग्रहण में न खाने-पीने पर रोक रहेगी न मंदिर के कपाट बंद होंगे.
सूर्य ग्रहण का ज्योतिषीय प्रभाव
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, 12 अगस्त 2026 बुधवार को होने वाला सूर्य ग्रहण कर्क राशि और अश्लेषा नक्षत्र पर लगेगा. इसके साथ ही सूर्य ग्रहण के समय 4 ग्रह एक साथ होंगे. यह सूर्य ग्रहण चतुर्ग्रही योग में लगेगा. इस दिन कर्क राशि में सूर्य, चंद्रमा, बुध और गुरु एक साथ होंगे. कर्क राशि में सूर्य और चंद्रमा समान अंशों पर गुरु और बुध के साथ गोचर करेंगे. सूर्य ग्रहण का प्रभाव सभी 12 राशि के जातकों पर पड़ेगा. ये कुछ राशि के जातकों को शुभ फल देगा तो कुछ राशि के जातकों के लिए अशुभ हो सकता है.
इन राशियों के लिए शुभ होगा सूर्य ग्रहण
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, मिथुन, सिंह, कन्या, कुंभ और मीन राशि के जातकों को सूर्य ग्रहण शुभ फल देगा. सूर्यग्रहण का प्रभाव एक महीने तक हो सकता है. इन राशि के जातकों को धन, करियर और कारोबार में अच्छी सफलता मिल सकती है. सूर्य ग्रहण के पूरा होने पर गरीब और जरुरतमंद लोगों को दान अवश्य करें.
इन राशियों के लिए अशुभ होगा सूर्य ग्रहण
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कुछ राशि के जातकों को सूर्य ग्रहण के अशुभ फल मिल सकते हैं. इन राशि के जातकों को ग्रहण की समाप्ति पर गरीब और जरुरतमंद लोगों को अन्न, गेंहू, चावल, नमक, घी, तेल, कपड़े आदि का दान अवश्य करना चाहिए. सूर्य ग्रहण मेष, कर्क, तुला, मकर राशि के जातकों को अशुभ फल दे सकता है. एक महीने तक इन चार राशि के जातक संभलकर रहें.
कहां दिखाई देगा सूर्य ग्रहण
साल 2026 का आखिरी सूर्य ग्रहण विशेष रुप से ग्रीन लैंड, आइसलैंड, स्पेन और आर्कटिक क्षेत्र के देशों में नजर आएगा. इन देशों में इसे साफ देखा जा सकेगा.
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