BPSC Paper Leak: एएन कॉलेज में परीक्षा के दौरान फर्जीवाड़ा, आंसर की के साथ अभ्यर्थी और महिला सुपरवाइजर गिरफ्तार
BPSC Paper Leak: पटना के प्रतिष्ठित एएन कॉलेज परीक्षा केंद्र पर बीपीएससी (BPSC) की परीक्षा के दौरान धांधली का बड़ा मामला प्रकाश में आया है। सहायक लोक स्वच्छता एवं अपशिष्ट प्रबंधन पदाधिकारी की परीक्षा के दौरान एक अभ्यर्थी और एक महिला सुपरवाइजर को संदिग्ध गतिविधियों के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। इस घटना के बाद परीक्षा केंद्र पर काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
आंसर की के साथ पकड़ा गया अभ्यर्थी
गिरफ्तार अभ्यर्थी की पहचान नालंदा जिले के रौशन कुमार के रूप में हुई है। जांच के दौरान रौशन के पास से उसी सीरीज (जी-सीरीज) का आंसर पेपर बरामद किया गया, जो उसे परीक्षा हॉल में आवंटित किया गया था। अभ्यर्थी के पास परीक्षा के दौरान ही सटीक आंसर की मिलना सिस्टम पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है। पुलिस अब इस बात की गहराई से पड़ताल कर रही है कि यह पेपर लीक का मामला है या मिलीभगत का।
महिला सुपरवाइजर पर मिलीभगत का आरोप
इस पूरे मामले में वैशाली की रहने वाली अंशु प्रिया को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है। अंशु प्रिया 'साई एडुकेयर' नामक निजी कंपनी में बायोमेट्रिक सुपरवाइजर के पद पर तैनात थी। आरोप है कि उसने ही अपनी ड्यूटी के दौरान अभ्यर्थी रौशन को आंसर की उपलब्ध कराई थी। वीक्षकों ने दोनों को संदिग्ध अवस्था में देख लिया और रंगे हाथों पकड़कर केंद्राधीक्षक को सूचित किया।
प्रश्नपत्र लीक की आशंका और पुलिसिया जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने दोनों आरोपियों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं। चूंकि बरामद आंसर की और परीक्षा का प्रश्नपत्र एक ही सीरीज के थे, इसलिए प्रश्नपत्र पहले से बाहर होने की आशंका प्रबल हो गई है। हालांकि पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने खुद को निर्दोष बताया है, लेकिन पुलिस डिजिटल साक्ष्यों के जरिए गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
केबी सहाय स्कूल से भी एक गिरफ्तार
पटना के ही शास्त्रीनगर थाना क्षेत्र स्थित केबी सहाय हाई स्कूल से भी कदाचार की खबर आई है। यहां नितिन राज नामक एक अभ्यर्थी को चिट के साथ पकड़ा गया। केंद्राधीक्षक की शिकायत पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
बताया जा रहा है कि एक अन्य अभ्यर्थी पुलिस को चकमा देकर भागने में सफल रहा। शास्त्रीनगर थानाध्यक्ष ने पुष्टि की है कि परीक्षा की गरिमा भंग करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
रचा इतिहास: 10 अरब डॉलर वार्षिक मुनाफा हासिल करने वाली देश की पहली कंपनी बनी रिलायंस
मुंबई। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) ने वित्त वर्ष 2025-26 में एक बड़ा रिकॉर्ड बनाया है। कंपनी का शुद्ध लाभ 95,610 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इस उपलब्धि के साथ रिलायंस 10 अरब डॉलर वार्षिक मुनाफा पार करने वाली पहली भारतीय कंपनी बन गई है। डॉलर में यह मुनाफा लगभग 10.15 अरब डॉलर के बराबर है। मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली यह कंपनी पहले से ही भारत की सबसे मूल्यवान कंपनी है। पिछले वित्त वर्ष की तुलना में कंपनी के मुनाफे में 18% की वृद्धि हुई है। FY25 में कंपनी का मुनाफा 80,787 करोड़ रुपये था। यह वृद्धि कंपनी की मजबूत कारोबारी रणनीति को दर्शाती है।
तिमाही नतीजे कमजोर, फिर भी मजबूत प्रदर्शन
हालांकि, मार्च 2026 तिमाही में कंपनी के मुनाफे में कमी दर्ज की गई। इस दौरान शुद्ध लाभ 16,971 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल इसी तिमाही में यह 19,407 करोड़ रुपये था। यानी साल-दर-साल आधार पर करीब 12.6% की गिरावट आई है। इस गिरावट का मुख्य कारण ऑयल-टू-केमिकल्स कारोबार में कमजोरी रहा। इसके अलावा लागत बढ़ने से भी कंपनी पर दबाव पड़ा। फिर भी कंपनी के अन्य व्यवसाय मजबूत बने रहे। कुल मिलाकर कंपनी का प्रदर्शन संतुलित रहा।
जियो और रिटेल बिजनेस ने संभाली कमान
रिलायंस के कंज्यूमर आधारित कारोबार ने शानदार प्रदर्शन किया। जियो प्लेटफॉर्म्स ने आय में अच्छी बढ़त दर्ज की। रिलायंस रिटेल का विस्तार भी तेजी से हुआ है। देशभर में रिटेल स्टोर्स की संख्या 20,000 के पार पहुंच गई है। इन दोनों सेगमेंट्स ने कंपनी की आय को स्थिर बनाए रखा। कंज्यूमर बिजनेस अब कंपनी की ग्रोथ का प्रमुख आधार बनता जा रहा है। इससे भविष्य में और बेहतर नतीजों की उम्मीद है। यह विविधीकरण की रणनीति की सफलता को दिखाता है।
राजस्व और EBITDA में भी रिकॉर्ड वृद्धि
कंपनी का कुल राजस्व भी नए उच्च स्तर पर पहुंच गया है। मार्च तिमाही में ग्रॉस रेवेन्यू 3,25,290 करोड़ रुपए रहा। यह पिछले साल की तुलना में लगभग 13% ज्यादा है। पूरे वर्ष का कुल राजस्व 11,75,919 करोड़ रुपए दर्ज किया गया। यह 9.8% की सालाना वृद्धि को दर्शाता है। EBITDA भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। यह 2,07,911 करोड़ रुपए रहा, जो 13.4% अधिक है। ये आंकड़े कंपनी की मजबूत वित्तीय स्थिति को दिखाते हैं।
मार्केट वैल्यू और शेयर प्रदर्शन
2026 में अब तक कंपनी के शेयरों में करीब 15% की गिरावट आई है। इसके बावजूद कंपनी का मार्केट कैप 18 लाख करोड़ रुपये से अधिक है। यह अभी भी भारत की सबसे बड़ी कंपनी बनी हुई है। निवेशक कंपनी पर भरोसा बनाए हुए हैं। बाजार में इसकी स्थिति मजबूत बनी हुई है। दीर्घकालिक निवेश के लिहाज से यह कंपनी आकर्षक बनी हुई है। इसके विविध व्यवसाय इसे स्थिरता प्रदान करते हैं। भविष्य में और विस्तार की संभावना है।
अन्य कंपनियां रिलायंस से काफी पीछे
रिलायंस के मुकाबले अन्य बड़ी कंपनियां अभी पीछे हैं। एचडीएफसी बैंक का FY26 मुनाफा 76,026 करोड़ रुपए रहा। यह लगभग 8.07 अरब डॉलर के बराबर है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का अनुमानित मुनाफा 83,746 करोड़ रुपए हो सकता है। यह करीब 8.89 अरब डॉलर के आसपास बैठता है। टीसीएस का मुनाफा 49,454 करोड़ रुपये रहा। जो लगभग 5.25 अरब डॉलर के बराबर है। आंकड़ों से स्पष्ट है कि रिलायंस सबसे आगे बनी हुई है।
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