Delhi Murder Case: दिल्ली में डिलीवरी बॉय के हत्या पर सियासी घमासान, तेजस्वी के बाद आया चिराग पासवान का बयान
Delhi Murder Case: दिल्ली में बिहार के रहने वाले डिलीवरी बॉय की हत्या ने अब सियासी रूप ले लिया है। विपक्षी के कई बड़े नेताओं के इस वारदात को लेकर भारतीय जनता पार्टी को घेरने की कोशिश की है। इस घटना पर दुख जताते हुए राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव ने केंद्र और बिहार की सरकार पर हमला बोला है।
तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हए कहा कि देश में बिहारी होना ही सबसे बड़ा अपराध और देशद्रोह हो गया है। उन्होंने कहा कि नई दिल्ली में बिहार के खगड़िया जिले के रहने वाले युवक पांडव कुमार की सिर्फ इसलिए हत्या कर दी गई क्योंकि वह बिहार का रहने वाला था। तेजस्वी ने आगे लिखा कि बिहारी होने के ही अपराध में उसका दोस्त कृष्णा अस्पताल में जिंदगी और मौत की लड़ाई लड़ रहा है।
तेजस्वी यादव ने आगे लिखा कि, "देश की राजधानी दिल्ली में जिस जगह “बिहारी” समझ गोली मारी गई है वहाँ निगम पार्षद बीजेपी का, विधायक बीजेपी का, सांसद बीजेपी का, CM बीजेपी का, बिहार CM बीजेपी का, आधा दर्जन निष्क्रिय बड़बोले केंद्रीय मंत्री बिहार के, उपराज्यपाल BJP के, गृहमंत्री BJP के, प्रधानमंत्री BJP के है। बीजेपी बिहारियों के लिए काल बन चुकी है। क्या इन भाजपाइयों में किसी में हिम्मत है कि एक गरीब मेहनतकश बिहारी की हत्या करने वाले उस हत्यारे पुलिसकर्मी को सजा दिलवा सके?"
आरजेडी नेता के सवालों पर पलटवार करते हुए केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि जिस तरह से तेजस्वी यादव दूसरे राज्यों में जाकर बिहार के लोगों पर सवाल उठाते हैं। वह निश्चित रूप से बहुत ही गंभीर और इससे बिहार की छवि खराब होती है। उन्होंने आगे कहा कि तेजस्वी यादव को यह सोचना चाहिए कि पीएम मोदी के नेतृत्व में सरकार सबका साथ-सबका विकास को लेकर काम कर रही है।
उन्होंने आगे कहा कि हमारी सरकार यह निश्चित करेगी किसी के साथ भी कहीं पर भी जाति और धर्म के आधार पर कोई भेदभाव न हो और यदि ऐसा कोई करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
Arvind Kejriwal: जस्टिस स्वर्ण कांता के खिलाफ AAP ने छेड़ी नई जंग, सत्याग्रह करेंगे केजरीवाल, बापू की ली शरण
Arvind Kejriwal: दिल्ली हाई कोर्ट की जज जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की अदालत का बहिष्कार कर अरविंद केजरीवाल ने इसे महात्मा गांधी के सत्याग्रह का नाम दिया है। उन्होंने जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा को पत्र लिखकर बताया कि उनके सामने दिल्ली आबकारी नीति मामले में न तो खुद पेश होंगे और न ही कोई वकील दलील देगा। केजरीवाल ने लिखा कि जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा से न्याय मिलने की उनकी उम्मीद टूट गई है। अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनकर, गांधी जी के सिद्धांतों को मानते हुए और सत्याग्रह की भावना से उन्होंने यह फैसला लिया है।
राजघाट पहुंचे केजरीवाल
अपनी इस शिकायत और सत्याग्रह के साथ अरविंद केजरीवाल मनीष सिसोदिया समेत अन्य आप नेताओं के साथ राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की समाधि स्थल राजघाट पहुंचे। 28 अप्रैल को दोपहर करीब 12 बजे उन्होंने बापू को श्रद्धांजलि अर्पित की और आशीर्वाद मांगे। केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर पहले ही घोषणा की थी कि बापू के आशीर्वाद लेने के लिए वे मनीष सिसोदिया के साथ राजघाट जाएंगे। राजघाट पहुंचकर उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि वे देश की न्याय व्यवस्था का पूरा सम्मान करते हैं लेकिन कुछ परिस्थितियों के कारण सत्याग्रह का यह रास्ता अपनाना पड़ा है। उन्होंने आगे कहा कि सभी बातें उन्होंने जज को भेजी चिट्ठी में लिख दी हैं।
आबकारी नीति मामला
यह पूरा मामला दिल्ली आबकारी नीति घोटाले से जुड़ा है। निचली अदालत ने केजरीवाल, मनीष सिसोदिया समेत अन्य लोगों को बरी कर दिया था। सीबीआई ने उस फैसले के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में अपील की, जिसकी सुनवाई जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की बेंच को सौंपी गई। केजरीवाल ने जज से खुद को इस मामले से अलग करने की मांग की थी लेकिन अदालत ने उस याचिका को खारिज कर दिया। इसके बाद केजरीवाल ने मुख्य न्यायाधीश को भी पत्र लिखकर मामले को दूसरी बेंच में ट्रांसफर करने की अपील की थी, जो स्वीकार नहीं हुई।
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