पर्यावरण के लिए ऐसा प्रेम की, सरकारी सेवा के साथ त्रिवेणी प्रसाद ने लगाए लाखों पौधे, लोग कहते हैं ट्रीमैन
अमेठी के त्रिवेणी प्रसाद सिंह कभी रेलगाड़ियों की दिशा को मार्गदर्शित करते थे, लेकिन सेवानिवृत होने के बाद उन्होंने पर्यावरण को हरा भरा बनाने की ठानी. अब आराम करने के बजाय उन्होंने समाज को अपना जीवन कुर्बान करने का मन बनाया. उन्होंने 1989 से पौधारोपण का कार्य शुरू किया. तब से आज तक वह पौधों को लगाते चले आ रहे हैं.
Kacche Kele Ke Chilke ki Chutney: लू और गर्मी से बचाएगी कच्चे केले की यह चटपटी चटनी, नोट कर लें सबसे आसान रेसिपी
Kacche Kele Ke Chilke ki Chutney: गर्मियों के मौसम में जब चिलचिलाती धूप और लू शरीर को बेहाल कर देती है, तब खान-पान में थोड़े बदलाव हमें बड़ी राहत दे सकते हैं। अक्सर हम कच्चे केले की सब्जी या कोफ्ते बनाकर उसके छिलके फेंक देते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये छिलके न केवल पौष्टिक हैं, बल्कि गर्मी से बचाने में भी मददगार हैं?
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