धूप में सुखाने का झंझट नहीं! कुकर में 1 सीटी लगाकर बना लें आम का अचार, सीखें वायरल ट्रिक
Aam Ka Achar: आम का अचार आप सिर्फ 5 मिनट में भी बना सकती हैं और वो भी प्रेशर कुकर में। सुनकर अजीब लग रहा होगा, लेकिन ये हैक वाकई काम करता है। आप भी अचार बनाने की सोच रही हैं, तो ट्रिक एक बार जरूर सीख लें।
बेटे के बाद 25 मौतें: वेदांता चेयरमैन अनिल अग्रवाल का छलका दर्द, बोले- ‘वक्त ले रहा इम्तिहान’
मुंबई: वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने एक भावुक सोशल मीडिया पोस्ट में अपने निजी दर्द और कंपनी के साथ हुई बड़ी त्रासदी को साझा किया है। उन्होंने लिखा कि पिछले कुछ महीनों से वक्त लगातार उनका इम्तिहान ले रहा है। साल की शुरुआत में उन्होंने अपने नौजवान बेटे अग्निवेश को खो दिया और अब अप्रैल में सिंघीतराई पावर प्लांट में हुए हादसे ने 25 बेशकीमती साथियों को उनसे छीन लिया।
दोहरी त्रासदी
अनिल अग्रवाल ने लिखा, “सुना था वक्त अक्सर इम्तिहान लेता है, पिछले कुछ महीनों से मैं यह अनुभव भी कर रहा हूं। साल की शुरुआत में ही मैंने पहले अपने नौजवान बेटे को खो दिया और फिर 14 अप्रैल को सिंघीतराई पावर प्लांट में हुए अफसोसजनक हादसे ने मुझसे 25 बेशकीमती साथी छीन लिए। मैं ऐसी असामयिक मृत्यु का दर्द भली भांति जानता हूं।”
क्या कहा पोस्ट में
अनिल ने दोनों घटनाओं को बेहद अननेचुरल और पीड़ा से भरा बताया। खासकर प्लांट हादसे पर उन्होंने हैरानी जताई, क्योंकि एथेना प्लांट में सर्वोच्च सुरक्षा मानकों का ध्यान रखा गया था। प्लांट की पूरी जिम्मेदारी महारत्न कंपनी एनटीपीसी और जीई की संयुक्त कंपनी एनजीएसएल को सौंपी गई थी। कॉन्ट्रैक्टर्स, कर्मचारी और विशेषज्ञता भी उन्हीं की थी। इसके बावजूद यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना हो गई।
हादसे पर सवाल
अनिल अग्रवाल ने एक सरल उदाहरण देते हुए कहा, “यह वैसा ही है जैसे अक्सर वाहन मालिक अपना वाहन किसी भरोसेमंद ड्राइवर को दे देते हैं और उम्मीद करते हैं कि सब कुछ सुरक्षित रहेगा।” उन्होंने जोर दिया कि वेदांता के हर कॉन्ट्रैक्ट में सेफ्टी को सबसे ज्यादा महत्व दिया जाता है और एनटीपीसी-जीई की भी यही नीति रही है। फिर भी इतनी बड़ी दुर्घटना हो जाना दिल तोड़ देने वाला है।
श्रद्धांजलि और मदद
पोस्ट में चेयरमैन ने अपने बेटे अग्निवेश सहित सभी 25 दिवंगत साथियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि वेदांता परिवार की ओर से सभी को याद किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने बताया कि एथेना प्लांट के सभी पीड़ित परिवारों को मुआवजा मिल चुका है और आगे भी कंपनी जितना हो सकेगा, सहयोग करती रहेगी।
अंतिम संदेश
अनिल अग्रवाल ने अंत में लिखा, “सच है कि होनी पर तो कोई बस नहीं है।” यह पोस्ट व्यक्तिगत दर्द और व्यावसायिक जिम्मेदारी के बीच संतुलन दिखाती है, जहां एक बड़े उद्योगपति अपनी कमजोरियों को भी खुलकर स्वीकार कर रहे हैं।
बड़ी सीख
यह घटना औद्योगिक सुरक्षा के महत्व को एक बार फिर रेखांकित करती है। वेदांता समूह जैसे बड़े कॉर्पोरेट घराने भी जब आउटसोर्सिंग करते हैं तो अंतिम जिम्मेदारी उन पर ही आती है। अनिल अग्रवाल का यह संदेश न केवल शोक व्यक्त करता है बल्कि उद्योग जगत के लिए एक चेतावनी भी है कि सुरक्षा में कभी कोई समझौता नहीं होना चाहिए।
यह भी पढ़ें
वेदांता पावर प्लांट हादसे में केस दर्ज : सीएम साय बोले- जो भी दोषी पाया जाएगा, उस पर होगी कड़ी कार्रवाई
वेदांता पावर प्लांट हादसा : FIR के खिलाफ चेयरमैन अनिल अग्रवाल को मिला नामी-गिरामी हस्तियों का साथ
वेदांता पावर प्लांट हादसा : ब्लास्ट के नए वीडियो आए सामने, देखिए कितना खतरनाक था हादसा, अब तक 24 मौतें
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Hindustan
Haribhoomi




















