कौन है 18 साल का बल्लेबाज साहिल पारख, जो IPL डेब्यू पर शून्य पर हुआ आउट
Who is Sahil Parakh : आईपीएल में डेब्यू करने वाला 18 साल का बल्लेबाज साहिल पारख कौन है, जिसने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ दिल्ली कैपिटल्स की ओर से अपना आईपीएल डेब्यू किया है. साहिल पारख को आईपीएल 2026 के 39वें मकुाबले में डेब्यू करने का मौका मिला. उन्होंने दिल्ली के अरुण जेटली क्रिकेट स्टेडियम में इंडियन प्रीमियर लीग में अपना डेब्यू किया. इस बारे में फैंस जानने के लिए काफी ज्यादा उत्सुक नजर आ रहे हैं. तो आज हम आपको साहिल पारख के बारे में बताने वाले हैं.
कौन है साहिल पारख
साहिल पारख महाराष्ट्र के नासिक के रहने वाले हैं. उनका जन्म 7 जून 2007 को हुआ था. वो बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं, जो पारी की शुरुआत करने के लिए जाने जाते हैं. साहिल ने महाराष्ट्र में खेली जाने वाली टी20 लीग में धमाकेदार प्रदर्शन करने के बाद चर्चाओं में आए थे. वो भारत की अंडर-19 टीम में भी खेल चुके हैं. उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की अंडर-19 टीम के खिलाफ खेलते हुए साहिल ने 75 गेंदों में 109 रनों की शतकीय पारी खेली थी.
Our young Tiger makes his IPL Debut tonight at home ???????? pic.twitter.com/E9RnHrsC6K
— Delhi Capitals (@DelhiCapitals) April 27, 2026
दिल्ली कैपिटल्स की प्लेइंग -11
साहिल पारख, केएल राहुल (विकेट कीपर), नीतीश राणा, समीर रिज़वी, ट्रिस्टन स्टब्स, डेविड मिलर, अक्षर पटेल (कप्तान), दुष्मंथा चमीरा, काइल जैमीसन, कुलदीप यादव, टी नटराजन.
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CM Yogi Letter To Students: CM योगी ने छात्रों को लिखा पत्र, असफलता से न घबराने का दिया संदेश
उत्तर प्रदेश बोर्ड की 10वीं और 12वीं के परिणामों से पहले प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने छात्रों के नाम एक भावनात्मक और प्रेरणादायक पाती लिखी है। इस संदेश में उन्होंने सफल विद्यार्थियों को बधाई दी है, वहीं असफल छात्रों को निराश न होने की सलाह देते हुए उनका हौसला बढ़ाया है।
सफलता-असफलता जीवन का हिस्सा
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि परीक्षा का परिणाम जीवन की अंतिम कसौटी नहीं होता। सफलता और असफलता दोनों ही जीवन के महत्वपूर्ण हिस्से हैं। उन्होंने छात्रों को समझाया कि असफलता ही भविष्य की सफलता की नींव रखती है। ऐसे में किसी भी परिस्थिति में हिम्मत नहीं हारनी चाहिए, बल्कि उससे सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए।
‘चरैवेति-चरैवेति’ का मंत्र
सीएम योगी ने अपने संदेश में ‘चरैवेति-चरैवेति’ का उल्लेख करते हुए छात्रों को निरंतर आगे बढ़ते रहने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि जीवन में रुकना नहीं है, बल्कि लगातार प्रयास करते रहना ही सफलता की कुंजी है। यह मंत्र छात्रों को कठिन परिस्थितियों में भी सकारात्मक सोच बनाए रखने की दिशा देता है।
असफल छात्रों के लिए खास संदेश
मुख्यमंत्री ने खास तौर पर उन छात्रों के लिए संदेश दिया है जो अपेक्षित परिणाम हासिल नहीं कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि असफलता से घबराने या खुद को कम आंकने की जरूरत नहीं है। हर छात्र में कोई न कोई विशेष प्रतिभा होती है, जिसे पहचानकर आगे बढ़ना जरूरी है।
अभिभावकों से भी अपील
इस पाती में सीएम योगी ने अभिभावकों को भी महत्वपूर्ण सलाह दी है। उन्होंने कहा कि बच्चों के परिणाम को लेकर उन पर अनावश्यक दबाव न डालें। डांटने या तुलना करने के बजाय उनका मनोबल बढ़ाएं और उनकी रुचि के अनुसार उन्हें आगे बढ़ने का अवसर दें। सकारात्मक माहौल ही बच्चों के आत्मविश्वास को मजबूत करता है।
सकारात्मक माहौल बनाने की कोशिश
मुख्यमंत्री का यह संदेश ऐसे समय में आया है जब बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम को लेकर छात्रों और अभिभावकों में तनाव का माहौल रहता है। ऐसे में यह पाती न सिर्फ छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही है, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच को भी बढ़ावा दे रही है।
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