भारत और न्यूजीलैंड ने किए FTA पर हस्ताक्षर, 20 अरब डॉलर का निवेश; टैरिफ मुक्त निर्यात
भारत और न्यूजीलैंड ने द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के मकसद से मुक्त व्यापार समझौते पर सोमवार को हस्ताक्षर किए। इस समझौते पर पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के व्यापार एवं निवेश मंत्री टॉड मैक्ले की मौजूदगी में हस्ताक्षर किए गए।
पीएम मोदी का बंगाल की जनता के नाम खत, बोले- 'भय बहुत हुआ और भरोसे की बारी'
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण के लिए सोमवार को प्रचार का आखिरी दिन रहा. चुनावी मैदान में सभी राजनीतिक दलों ने पूरी ताकत झोंक दी, लेकिन खासतौर पर भारतीय जनता पार्टी ने आक्रामक अभियान चलाकर माहौल को और भी गरमा दिया. रैलियों, रोड शो और जनसभाओं के जरिए मतदाताओं को साधने की हर संभव कोशिश की गई.
प्रधानमंत्री की भावनात्मक चिट्ठी
इस चुनावी हलचल के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बंगाल की जनता के नाम एक खास चिट्ठी लिखी. इस पत्र में उन्होंने राज्य की जनता से मिले स्नेह और समर्थन के लिए आभार जताया. उन्होंने लिखा कि चुनाव प्रचार के दौरान उन्हें जो प्यार और आशीर्वाद मिला, उसने उन्हें नई ऊर्जा से भर दिया.
प्रधानमंत्री ने युवाओं, महिलाओं, किसानों, श्रमिकों और व्यापारियों का उल्लेख करते हुए कहा कि सभी वर्ग “विकसित बंगाल” के सपने को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध दिखाई दिए.
पश्चिम बंगाल के पूरे चुनाव अभियान के दौरान मुझे अपने परिवारजनों का जो अपार स्नेह और आशीर्वाद मिला है, उसने एक नई ऊर्जा से भर दिया है। यहां की युवाशक्ति हो या नारीशक्ति, हमारे किसान भाई-बहन हों, श्रमिक या फिर कारोबारी, सभी ‘विकसित बंगाल’ के लिए संकल्पित हैं। मैंने इस पत्र में उनके… pic.twitter.com/IKH447nWn2
— Narendra Modi (@narendramodi) April 27, 2026
रैलियां और रोड शो बने ‘तीर्थ यात्रा’
अपने पत्र में पीएम मोदी ने चुनावी अभियान को एक अलग ही अनुभव बताया. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र का हर चुनाव एक महोत्सव होता है और इसमें भाग लेना उनके लिए सौभाग्य की बात है. उन्होंने लिखा कि-
बंगाल में हुई रैलियां और रोड शो उनके लिए “तीर्थ यात्रा” जैसे रहे भीषण गर्मी और लगातार कार्यक्रमों के बावजूद उन्हें थकान महसूस नहीं हुई जनता के उत्साह ने उन्हें लगातार प्रेरित किया
यह बयान चुनावी माहौल में भावनात्मक जुड़ाव को दर्शाता है, जहां नेता और जनता के बीच संवाद और विश्वास अहम भूमिका निभाते हैं.
आध्यात्मिक अनुभव का जिक्र
प्रधानमंत्री ने अपने पत्र में एक आध्यात्मिक पहलू का भी उल्लेख किया. उन्होंने जनवरी 2024 में अयोध्या में हुए रामलला प्राण प्रतिष्ठा समारोह का जिक्र करते हुए बताया कि उस समय उन्होंने 11 दिनों का अनुष्ठान और व्रत किया था.
उन्होंने कहा कि इस चुनाव के दौरान भी उन्हें वैसी ही अनुभूति हुई, जैसी किसी मंदिर में दर्शन के समय होती है. इस तुलना के जरिए उन्होंने चुनावी प्रक्रिया को एक पवित्र और आध्यात्मिक अनुभव के रूप में प्रस्तुत किया.
चुनावी मुकाबला और आगे की राह
बंगाल चुनाव में इस बार मुकाबला बेहद दिलचस्प और कड़ा माना जा रहा है. जहां एक ओर बीजेपी सत्ता परिवर्तन का दावा कर रही है, वहीं अन्य दल भी अपनी-अपनी रणनीति के साथ मैदान में डटे हुए हैं. प्रचार समाप्त होने के बाद अब सभी की नजरें मतदान और उसके नतीजों पर टिक गई हैं. अंतिम चरण का मतदान राज्य की राजनीतिक दिशा तय करेगा.
पश्चिम बंगाल का यह चुनाव सिर्फ राजनीतिक प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि जनता की आकांक्षाओं और विकास के विजन का भी प्रतीक बन गया है. प्रधानमंत्री की चिट्ठी ने इस चुनाव को भावनात्मक और आध्यात्मिक रंग भी दे दिया है. अब देखना दिलचस्प होगा कि जनता किसे अपना समर्थन देती है और “विकसित बंगाल” का सपना किस दिशा में आगे बढ़ता है.
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