यूबीएस ने इंडिगो को किया डाउनग्रेड, टारगेट प्राइस भी घटाया
मुंबई, 27 अप्रैल (आईएएनएस)। ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म यूबीएस ने सोमवार को इंडिगो की पेरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन लिमिटेड को डाउनग्रेड कर दिया है, साथ ही टारगेट प्राइस को घटाकर 4,940 रुपए कर दिया है।
यूबीएस ने इंटरग्लोब एविएशन की रेटिंग को बाय से घटाकर न्यूट्रल कर दिया है। साथ ही टारगेट प्राइस को कम करके 4,940 रुपए कर दिया है, जो कि पहले 5,480 रुपए था।
यह डाउनग्रेड ऐसे समय पर आया है, जब अमेरिका-ईरान के संघर्ष के कारण तनाव बना हुआ है और ऊर्जा की कीमतें उच्च स्तर पर पहुंच गई हैं।
ब्रोकरेज फर्म ने बताया कि विमानन क्षेत्र विशेष रूप से कमजोर रहा है, क्योंकि कई क्षेत्रों में आपूर्ति संबंधी चिंताओं के कारण हाल के महीनों में जेट ईंधन की हाजिर कीमतें लगभग दोगुनी हो गई हैं।
हालांकि इन घटनाक्रमों ने वैश्विक एयरलाइनों पर दबाव डाला है, यूबीएस ने स्वीकार किया कि इंडिगो अपने विशाल आकार और परिचालन दक्षता के कारण कई अंतरराष्ट्रीय समकक्षों की तुलना में अपेक्षाकृत बेहतर स्थिति में है।
घरेलू स्तर पर, विमानन टरबाइन ईंधन (एटीएफ) की कीमतों में वृद्धि को सीमित करने के लिए भारत सरकार के हस्तक्षेप से कुछ राहत मिली है।
अप्रैल 2026 के लिए, एटीएफ की कीमतों में 9 प्रतिशत की वृद्धि की सीमा तय की गई, जो मार्च में अंतरराष्ट्रीय कीमतों में देखी गई 115 प्रतिशत की वृद्धि से काफी कम है।
इस कदम से भारत में संचालित एयरलाइनों पर तत्काल प्रभाव को कम करने में मदद मिली है।
हालांकि, इंडिगो के शेयर में तेजी के साथ कारोबार हो रहा था। दोपहर 3 बजे शेयर एक प्रतिशत की बढ़त के साथ 4,567 रुपए पर था।
पिछले पांच दिनों में, इंडिगो के शेयर 3 प्रतिशत गिर गए हैं। पिछले एक महीने में शेयर ने 11 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की है।
हालांकि,पिछले छह महीनों में यह 21 प्रतिशत गिर गया है। वहीं, सालाना आधार पर इसमें करीब 10 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।
--आईएएनएस
एबीएस/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
आईएमडी ने बढ़ते तापमान को लेकर दी चेतावनी, हीटवेव से सावधानी बरतने की अपील
चेन्नई, 27 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में कई जिलों में तापमान और बढ़ सकता है। लगातार बढ़ती गर्मी के बीच स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने हीटवेव से जुड़ी बीमारियों के खतरे को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है।
डॉक्टरों का कहना है कि तेज गर्मी में सुरक्षित रहने के लिए दो सबसे जरूरी उपाय हैं- सतर्क रहना और नियमित रूप से ओआरएस (ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन) का सेवन करना।
विशेषज्ञों के अनुसार मानव शरीर का सामान्य तापमान लगभग 36.9 डिग्री सेल्सियस होता है। जब बाहरी तापमान इससे काफी ऊपर चला जाता है, तो शरीर आसपास की गर्मी को अवशोषित करने लगता है। इससे बचाव के लिए शरीर पसीना और तेज सांस लेने जैसी प्रक्रियाओं के जरिए खुद को ठंडा रखने की कोशिश करता है, लेकिन लंबे समय तक तेज गर्मी में रहने पर ये प्राकृतिक तंत्र कमजोर पड़ सकते हैं।
अधिक पसीना आने से शरीर से पानी, ग्लूकोज और जरूरी लवण तेजी से निकल जाते हैं, जिससे डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है। समय रहते ध्यान न देने पर मांसपेशियों में ऐंठन, चक्कर आना, थकान, कमजोरी और गंभीर स्थिति में हीटस्ट्रोक व बेहोशी तक हो सकती है।
डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि डिहाइड्रेशन का असर किडनी और हृदय जैसे महत्वपूर्ण अंगों पर भी पड़ सकता है। इसके शुरुआती लक्षणों में मुंह सूखना, गहरे रंग का पेशाब, कमजोरी, चक्कर आना और मांसपेशियों में दर्द शामिल हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि सिर्फ पानी पीना ही काफी नहीं है। अत्यधिक गर्मी में शरीर से निकलने वाले इलेक्ट्रोलाइट्स की भरपाई के लिए ओआरएस अधिक प्रभावी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मानकों के अनुसार 20.5 ग्राम का एक ओआरएस पैकेट एक लीटर उबले और ठंडे पानी में घोलकर 24 घंटे के भीतर इस्तेमाल करना चाहिए।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि दोपहर के समय सीधे धूप में निकलने से बचें, पर्याप्त पानी पिएं और जरूरत पड़ने पर ओआरएस का उपयोग करें, ताकि गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से बचा जा सके।
--आईएएनएस
डीएससी
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