केंद्र सरकार पेपर लीक के मामलों पर सख़्त रुख अपना रही है और प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पूरे देश में कार्रवाई शुरू कर दी है। ED के वरिष्ठ सूत्रों के मुताबिक, एजेंसी ने राजस्थान, हरियाणा, असम (गुवाहाटी), बिहार (पटना), कर्नाटक (बेंगलुरु), महाराष्ट्र और झारखंड समेत कई राज्यों में पेपर लीक मामलों के संबंध में प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट (ECIR) दर्ज की हैं। एजेंसी ने इन राज्यों में दर्ज FIRs को अपने हाथ में ले लिया है और वह पेपर लीक मामलों से जुड़ी अपराध से हुई कमाई, मनी ट्रेल और वित्तीय लेन-देन की जांच करेगी।
ED करेगी NEET-UG पेपर लीक मामले की जांच
सूत्रों का कहना है कि ED के जल्द ही NEET-UG पेपर लीक मामले में शामिल होने की उम्मीद है। ED पेपर लीक मामले में अपराध से हुई कमाई, मनी ट्रेल और वित्तीय लेन-देन की जांच करेगी। 12 मई को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने पेपर लीक के आरोपों के बाद मेडिकल एडमिशन के लिए 3 मई को आयोजित नेशनल एलिजिबिलिटी-कम-एंट्रेंस टेस्ट अंडरग्रेजुएट (NEET UG)-2026 को रद्द कर दिया। दोबारा परीक्षा 21 जून को होनी थी। CBI ने शिक्षा मंत्रालय के तहत उच्च शिक्षा विभाग की लिखित शिकायत के आधार पर इस मामले में केस दर्ज किया।
सरकार ने पेपर लीक मामलों पर सख्त निर्देश जारी किए हैं और यह साफ कर दिया है कि पेपर लीक चाहे किसी भी राज्य में हो, ED वित्तीय ट्रेल की जांच करेगी। सूत्रों के मुताबिक, सरकार का संदेश यह है कि "मेरा राज्य, आपका राज्य" वाला रवैया नहीं चलने दिया जाएगा। नतीजतन, ED ने अलग-अलग राज्यों में पेपर लीक से जुड़े मामलों में ECIRs दर्ज किए हैं।
ED ने JPSC की परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों को लेकर ECIR दर्ज की
एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) ने झारखंड पब्लिक सर्विस कमीशन (JPSC) की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के मामले में प्रिवेंशन ऑफ़ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत एनफोर्समेंट केस इन्फॉर्मेशन रिपोर्ट (ECIR) दर्ज की है। यह ECIR रांची में दर्ज CID FIR के आधार पर एक हफ़्ते पहले फाइल की गई थी। अधिकारियों के मुताबिक, एजेंसी ने परीक्षा में हुई गड़बड़ियों से जुड़े कथित मनी ट्रेल (पैसे के लेन-देन) की जांच शुरू कर दी है। जांच में यह देखा जाएगा कि क्या कथित गड़बड़ियों से जुड़े फाइनेंशियल ट्रांज़ैक्शन के ज़रिए अपराध से कोई कमाई हुई या उसे कहीं और भेजा गया। उम्मीद है कि ED परीक्षा से जुड़ी गतिविधियों से कथित तौर पर जुड़े फंड के सोर्स और उसके मूवमेंट का पता लगाएगी। उन लोगों या संस्थाओं की पहचान करने के लिए फाइनेंशियल रिकॉर्ड, बैंक ट्रांज़ैक्शन और दूसरे दस्तावेज़ों की भी जांच की जा सकती है, जिन्हें इन कथित गड़बड़ियों से फ़ायदा हुआ हो सकता है।
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