बेहद पढ़ा-लिखा है व्हाइट हाउस डिनर शूटिंग का आरोपी, जानने वाले भी हैरान
वॉशिंगटन, 26 अप्रैल (आईएएनएस)। व्हाइट हाउस कॉरेस्पॉन्डेंट्स डिनर में फायरिंग करने के आरोप में पकड़े गए शख्स का बैकग्राउंड ऐसा है कि जो लोग उसे जानते थे, वे भी हैरान रह गए हैं। शख्स के बारे में बताया गया है कि वह बेहद रहस्यमयी इंसान है। साथ ही काफी पढ़ा-लिखा है।
फायरिंग के आरोपी शख्स की पहचान कैलिफोर्निया के टॉरेंस निवासी 31 साल के कोल थॉमस एलन के तौर हुई है। इस घटना में एक सीक्रेट सर्विस का एक अधिकारी घायल हुआ है।
एलन ने अमेरिका के मशहूर संस्थान कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से पढ़ाई की है। यह अमेरिका के सबसे प्रतिष्ठित वैज्ञानिक संस्थानों में से एक है। एलन ने 2017 में मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिग्री ली और 2025 में कंप्यूटर साइंस में मास्टर्स भी पूरा किया।
एक कंपनी की पोस्ट के मुताबिक, वह एक प्राइवेट एजुकेशन कंपनी में ट्यूटर के रूप में काम कर चुका है, जहां उसे दिसंबर 2024 में टीचर ऑफ द मंथ भी चुना गया था। एलन को सॉफ्टवेयर और गेम डेवलपमेंट में भी दिलचस्पी थी। वह फिजिक्स पर आधारित वीडियो गेम बनाता था और खुद को इंडिपेंडेंट डेवलपर बताता था।
उसे जानने वाले लोग इस खबर से हैरान हैं। उसके एक पुराने क्लासमेट जॉर्ज डगलियन ने कहा, मुझे बहुत झटका लगा है। यह सुनकर बहुत दुख हुआ।
एक पुराने टीममेट ने उसे जीनियस बताया और कहा कि वह बहुत ही ज्यादा स्मार्ट है। उसने कहा कि एलन को पढ़ाई के लिए ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ती थी, चीजें उसे आसानी से समझ आ जाती थीं। उन्होंने कहा कि एलन टीम का सबसे शांत और नरम स्वभाव का इंसान था, इसलिए ये आरोप और भी चौंकाने वाले हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, एलन ने हाल के वर्षों में कानूनी तरीके से हथियार खरीदे थे, जिनमें एक शॉटगन और एक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल शामिल है। माना जा रहा है कि वह ट्रेन से कैलिफोर्निया से शिकागो होते हुए वॉशिंगटन पहुंचा और उसी होटल में ठहरा, जहां यह डिनर हो रहा था।
जांच एजेंसियों का कहना है कि जब वह सुरक्षा चेकपॉइंट की तरफ बढ़े तो उनके पास कई हथियार थे और उन्होंने वहीं फायरिंग शुरू कर दी। अभी तक हमले का मकसद साफ नहीं हुआ है, लेकिन शुरुआती जांच में शक है कि उनका निशाना ट्रंप प्रशासन के लोग हो सकते हैं।
ट्रंप ने आरोपी को अकेला हमलावर और बहुत बीमार इंसान बताया है।
एलन पर फेडरल स्तर के कई आरोप लग सकते हैं, जैसे किसी सरकारी अधिकारी पर हमला करना और हथियारों से जुड़े अपराध। आगे और भी आरोप जोड़े जा सकते हैं। इस घटना ने एक बड़ा सवाल खड़ा किया है कि कैसे बिना किसी आपराधिक रिकॉर्ड और अच्छी पढ़ाई-लिखाई वाले लोग भी हिंसा की तरफ मुड़ सकते हैं।
अमेरिका में पहले भी कई ऐसी घटनाएं हुई हैं, जहां अलग-अलग बैकग्राउंड वाले लोग शामिल रहे हैं। ऐसे मामलों में जांच एजेंसियां आमतौर पर मानसिक स्थिति, विचारधारा और सामाजिक कारणों की जांच करती हैं।
अधिकारियों का कहना है कि एलन की पर्सनल लाइफ, ऑनलाइन एक्टिविटी और मकसद की जांच अभी जारी है।
--आईएएनएस
एवाई/एबीएम
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
चंद्रबाबू नायडू 28 अप्रैल को विशाखापत्तनम में गूगल एआई डेटा सेंटर की आधारशिला रखेंगे
विशाखापत्तनम, 26 अप्रैल (आईएएनएस)। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू मंगलवार (28 अप्रैल) को विशाखापत्तनम में गूगल एआई डेटा सेंटर की आधारशिला रखेंगे।
अधिकारियों के अनुसार, गूगल इस परियोजना में 15 अरब डॉलर का निवेश करने जा रहा है, जिससे यह भारत के इतिहास में सबसे बड़े प्रत्यक्ष विदेशी निवेशों में से एक बन जाएगा।
यह डेटा सेंटर थरलुवाड़ा, अदावीराम और रामबिल्ली क्षेत्रों में लगभग 600 एकड़ भूमि पर विकसित किया जाएगा, जिसकी कुल क्षमता 1 गीगावाट होगी।
रविवार को जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार यह एआई डेटा सेंटर भारत के प्रौद्योगिकी क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि साबित होगा और आंध्र प्रदेश के प्रौद्योगिकी परिदृश्य में एक नए युग की शुरुआत करेगा।
इस अत्याधुनिक सुविधा के साथ विशाखापत्तनम एशिया के लिए एक प्रमुख एआई प्रवेश द्वार के रूप में उभरने और वैश्विक प्रौद्योगिकी मानचित्र पर अपना स्थायी स्थान सुरक्षित करने के लिए तैयार है। विज्ञप्ति में कहा गया है कि यह प्रतिष्ठित परियोजना विशाखापत्तनम शहर को विश्व के अग्रणी प्रौद्योगिकी केंद्रों की श्रेणी में स्थापित करेगी।
आगामी सबसी केबल कनेक्टिविटी सिस्टम के साथ विशाखापत्तनम जल्द ही कई देशों से सीधे डिजिटल रूप से जुड़ जाएगा। यह डेटा सेंटर उन्नत एआई क्लाउड इन्फ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ बड़े पैमाने पर डेटा भंडारण क्षमता प्रदान करेगा।
विशाखापत्तनम की तटीय स्थिति इसे अंतरराष्ट्रीय पनडुब्बी केबल लैंडिंग स्टेशन के लिए अत्यंत उपयुक्त बनाती है।
अदाणी कॉनेक्स और एयरटेल एनएक्सट्रा जैसी कंपनियां इस परियोजना में भागीदार हैं। विज्ञप्ति में कहा गया है कि सरकार की दीर्घकालिक योजना राज्य भर में कुल 6.5 गीगावाट क्षमता वाला एक बहु-गीगावाट डिजिटल हब स्थापित करना है।
बुनियादी ढांचे के अलावा, गूगल डेटा सेंटर से रोजगार के महत्वपूर्ण अवसर पैदा होने की उम्मीद है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्लाउड संचालन, रखरखाव, साइबर सुरक्षा, क्लाउड आर्किटेक्चर और डेटा साइंस जैसे क्षेत्रों में हजारों नौकरियां सृजित होने की संभावना है। डेटा सेंटरों से प्राप्त राजस्व राज्य की अर्थव्यवस्था को और मजबूत करेगा।
गूगल एआई क्लाउड सेवाओं से विशाखापत्तनम के एशिया में एक प्रमुख प्रौद्योगिकी केंद्र के रूप में उभरने की संभावना है। एआई-आधारित कंपनियां भी इस शहर को अपना गंतव्य स्थान चुन सकती हैं। आईटी स्टार्टअप, अनुसंधान केंद्र, क्लाउड कंपनियां और सेमीकंडक्टर कंपनियों के इस क्षेत्र में अपनी परिचालन स्थापित करने की उम्मीद है।
सरकार गूगल और अन्य प्रौद्योगिकी कंपनियों द्वारा प्रस्तावित डेटा केंद्रों के लिए हरित ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करने की व्यवस्था कर रही है। विज्ञप्ति में आगे कहा गया है कि वैश्विक कंपनियों के विशाखापत्तनम पर ध्यान केंद्रित करने के साथ, आगामी भोगपुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे जैसी विश्व स्तरीय अवसंरचना शहर के वैश्विक आकर्षण को और मजबूत करेगी।
--आईएएनएस
एमएस/
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