माली में कई शहरों पर आतंकी हमले, रक्षा मंत्री सादियो कैमारा की मौत
बामाको, 26 अप्रैल (आईएएनएस)। माली के रक्षा मंत्री सादियो कैमारा की काटी शहर में उनके आवास पर हुए हमले में मौत हो गई है। यह शहर राजधानी बामाको के पास है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार उन पर सशस्त्र आतंकी समूहों ने हमला किया।
कुछ लोगों ने नाम उजागर न करने की शर्त पर बताया कि देश के कई शहरों में आतंकियों ने शनिवार को एक साथ कई हमले कर दिए, जिनमें 16 लोग घायल हो गए। काटी में मंत्री सादियो कैमारा के घर को भी निशाना बनाया गया और इस हमले में मंत्री और उनकी दूसरी पत्नी की मौत हो गई।
सिन्हुआ समाचार एजेंसी के अनुसार, सरकार ने शनिवार की शाम को एक बयान में कहा कि ये हमले कई जगहों पर हुए, जिनमें काटी, सेवारे, गाओ, किदाल और राजधानी बमाको शामिल हैं।
बयान में यह भी कहा गया कि घायलों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है और संपत्ति का नुकसान सीमित रहा है। सरकार ने रविवार तक आधिकारिक तौर पर मंत्री की मौत की पुष्टि नहीं की थी।
माली की सेना के जनरल स्टाफ ने रविवार को कहा कि किदाल, काटी और अन्य इलाकों में आतंकियों के खिलाफ सर्च ऑपरेशन जारी हैं। ये अभियान शनिवार के हमलों के बाद शुरू किए गए थे।
सेना ने एक अलग बयान में कहा कि इन हमलों का मकसद देश की सुरक्षा व्यवस्था को कमजोर करना और डर और अराजकता फैलाना था।
इसके साथ ही देशभर में अलर्ट बढ़ा दिए गए हैं, कर्फ्यू लगा दिए गए हैं, बड़े पैमाने पर पेट्रोलिंग बढ़ाई गई है और चेकपोस्ट मजबूत किए गए हैं, ताकि सुरक्षा को बेहतर किया जा सके। जनरल स्टाफ ने दोहराया कि माली की सेना देश की सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत अधिकारियों को दें।
दूसरी तरफ, माली में भारतीय दूतावास ने देश में रह रहे सभी भारतीय नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। यह सलाह शनिवार को हुए कई हमलों के बाद जारी की गई है।
दूतावास ने कहा कि हाल की सुरक्षा स्थिति और काटी और अन्य इलाकों में हुए हमलों को देखते हुए हम सभी भारतीय नागरिकों से अपील करते हैं कि वे बेहद सतर्क रहें, सावधानी बरतें, घर के अंदर रहें और माली सरकार के निर्देशों का सख्ती से पालन करें।
दूतावास ने यह भी कहा कि वे माली के अधिकारियों के साथ मिलकर स्थिति पर नजर रख रहे हैं और जरूरत पड़ने पर आगे की जानकारी जारी करेंगे।
--आईएएनएस
एवाई/डीकेपी
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कौन हैं संजय जमुआर, इन्हें मिली है दिल्ली मेट्रो को देश-विदेश में ले जाने की जिम्मेदारी
दिल्ली मेट्रो को आज सिर्फ राजधानी की सुविधा नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए एक मिसाल माना जाता है. समय पर चलने वाली ट्रेनें, साफ-सफाई, बेहतर व्यवस्था और यात्रियों के लिए सुविधाजनक माहौल - इन सबने दिल्ली मेट्रो को खास बनाया है. अब इसी अनुभव को देश की सीमाओं से बाहर ले जाने की तैयारी शुरू हो गई है. दिल्ली मेट्रो रेल निगम ने एक नई कंपनी बनाई है, जिसका नाम है दिल्ली मेट्रो इंटरनेशनल लिमिटेड. इस कंपनी का उद्देश्य भारत के अन्य शहरों के साथ-साथ विदेशों में भी मेट्रो परियोजनाओं को विकसित करना, उनका संचालन करना और उन्हें बेहतर बनाने में मदद करना है. इसी नई शुरुआत के साथ एक अहम फैसला लिया गया है कि संजय जमुआर को इस कंपनी का पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी बनाया गया है.
भारतीय रेल सेवा में काम कर चुके हैं
संजय जमुआर का नाम इस जिम्मेदारी के लिए इसलिए चुना गया है क्योंकि उनके पास इस क्षेत्र का लंबा और गहरा अनुभव है. वे भारतीय रेल सेवा में काम कर चुके हैं और दिल्ली मेट्रो के शुरुआती दौर से जुड़े रहे हैं. जब दिल्ली मेट्रो की नींव रखी जा रही थी, तब वे संचालन और रखरखाव से जुड़े पहले कर्मचारी थे. यानी उन्होंने इस परियोजना को शुरू से बढ़ते हुए देखा और उसमें खुद भी योगदान दिया. इसके अलावा उन्होंने कई देशों में काम किया है, जहां उन्होंने परिवहन व्यवस्था से जुड़े अलग-अलग पहलुओं को समझा. उनकी पढ़ाई भी इसी क्षेत्र से जुड़ी रही है, जिससे उन्हें योजनाएं बनाने और उन्हें सही तरीके से लागू करने की अच्छी समझ है.
विदेश में भी अपनी भूमिका निभा रही है
नई कंपनी का काम आसान भाषा में समझें तो यह उन जगहों की मदद करेगी, जहां मेट्रो बन रही है या बनने की योजना है. यह कंपनी वहां के अधिकारियों को सलाह देगी कि मेट्रो को किस तरह से योजना बनाकर तैयार किया जाए, कैसे उसे चलाया जाए और लंबे समय तक उसकी देखभाल कैसे की जाए. अभी तक दिल्ली मेट्रो कई शहरों में इसी तरह की मदद करती रही है, लेकिन अब इसे एक अलग रूप देकर बड़े स्तर पर आगे बढ़ाया जा रहा है. दिल्ली मेट्रो पहले ही कई शहरों में काम कर चुकी है और विदेश में भी अपनी भूमिका निभा रही है, इसलिए उसके पास अनुभव की कोई कमी नहीं है.
यह देश के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है
इस पहल को अगर बड़े नजरिए से देखें तो यह देश के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है. इससे यह साफ होता है कि अब भारत अपनी तकनीक और अनुभव को दुनिया के सामने रखने के लिए तैयार है. पहले हम देखते थे कि बड़े-बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए विदेशी कंपनियां आती थीं, लेकिन अब भारतीय कंपनियां खुद दूसरे देशों में जाकर काम करेंगी. इससे देश की पहचान मजबूत होगी और आर्थिक रूप से भी फायदा मिलेगा. साथ ही, भारतीय इंजीनियरों और कर्मचारियों को नए अवसर मिलेंगे, जिससे उनका अनुभव और बढ़ेगा.
अंत में कहा जा सकता है कि यह शुरुआत आने वाले समय में बड़े बदलाव की ओर इशारा करती है. दिल्ली मेट्रो ने जिस तरह से अपने काम से भरोसा जीता है, उसी भरोसे के साथ अब वह दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में अपनी पहचान बनाने की कोशिश कर रही है. संजय जमुआर के नेतृत्व में यह नई कंपनी किस तरह आगे बढ़ती है, यह देखने वाली बात होगी, लेकिन इतना जरूर है कि यह कदम भारत के लिए गर्व का विषय बन सकता है और आने वाले समय में देश को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में मदद करेगा.
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